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गंगोत्री धाम : 25 दिन में नदी से किए गए दो टन कपड़े एकत्र
Sat, 24 May 2025 07:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 24 May 2025 07:38 PM IST
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नगर पंचायत की ओर से किया जा रहा है महिला स्वयं सहायता समूह से संपर्क
समूह नदी में डाले गए कपड़ों से बनाएगा बैग
उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी में एकत्रित होने वाले कपड़ों के निस्तारण के लिए नगर पंचायत की ओर से महिला स्वयं सहायता समूह से संपर्क किया जा रहा है। वहां पर अभी तक करीब दो टन कपड़े और साड़ियां एकत्रित की गई है। इनका दोबारा बैग आदि प्रयोग के लिए तैयार किया जाएगा।
गंगोत्री धाम पहुंचने पर यात्रियों की ओर से गंगा मां को भेंट स्वरूप कपड़े और साड़ियां नदी में चढ़ाई जाती है। वहीं कई लोग गंगा स्नान करने के बाद वहां पर अपने पहने हुए कपड़ों को भी नदी में फेंक देते हैं। इससे नदी दूषित हो रही है। गत वर्ष जिला प्रशासन की ओर से इसको लेकर जन जागरूकता अभियान के साथ ही वहां पर स्वच्छता अभियान चलाया गया था।
नदी में जगह-जगह पत्थरों के बीच फंसे हुए कपड़े नदी की सुंदरता को खराब कर रहे हैं। इस वर्ष भी नगर पंचायत की ओर से नदी में स्वच्छता अभियान चलाया गया, तो बीते 25 दिनों में भागीरथी नदी में करीब दो टन कपड़े एकत्रित हुआ है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी उमेश सुयाल का कहना है कि कपड़ों को मशीन में निस्तारण नहीं कर सकते हैं। इसलिए इस संबंध में महिला स्वयं सहायता समूह से संपर्क कर उनके दोबारा बैग आदि के प्रयोग के तैयार किया जाएगा। जून तक इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
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समूह नदी में डाले गए कपड़ों से बनाएगा बैग
उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी में एकत्रित होने वाले कपड़ों के निस्तारण के लिए नगर पंचायत की ओर से महिला स्वयं सहायता समूह से संपर्क किया जा रहा है। वहां पर अभी तक करीब दो टन कपड़े और साड़ियां एकत्रित की गई है। इनका दोबारा बैग आदि प्रयोग के लिए तैयार किया जाएगा।
गंगोत्री धाम पहुंचने पर यात्रियों की ओर से गंगा मां को भेंट स्वरूप कपड़े और साड़ियां नदी में चढ़ाई जाती है। वहीं कई लोग गंगा स्नान करने के बाद वहां पर अपने पहने हुए कपड़ों को भी नदी में फेंक देते हैं। इससे नदी दूषित हो रही है। गत वर्ष जिला प्रशासन की ओर से इसको लेकर जन जागरूकता अभियान के साथ ही वहां पर स्वच्छता अभियान चलाया गया था।
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नदी में जगह-जगह पत्थरों के बीच फंसे हुए कपड़े नदी की सुंदरता को खराब कर रहे हैं। इस वर्ष भी नगर पंचायत की ओर से नदी में स्वच्छता अभियान चलाया गया, तो बीते 25 दिनों में भागीरथी नदी में करीब दो टन कपड़े एकत्रित हुआ है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी उमेश सुयाल का कहना है कि कपड़ों को मशीन में निस्तारण नहीं कर सकते हैं। इसलिए इस संबंध में महिला स्वयं सहायता समूह से संपर्क कर उनके दोबारा बैग आदि के प्रयोग के तैयार किया जाएगा। जून तक इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
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