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पेयजल योजना निर्माण में गड़बड़ी के आरोप
ब्यूरो/ अमर उजाला उत्तराकशी
Updated Wed, 10 Feb 2016 08:56 PM IST
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बड़कोट। धारमंडल क्षेत्र के छह गांवों के लिए विश्व बैंक की मदद से स्वैप के तहत जल निगम की ओर से बनाई जा रही पेयजल योजना में गड़बड़ी की शिकायत आ रही है। 90 लाख रुपये लागत की योजना में सरकारी बजट एवं पाइपों की बंदरबांट के आरोप हैं। पेयजल मंत्री के आदेश पर योजना की जांच की जा रही है।
वर्ष 2012-13 में धारमंडल क्षेत्र के बडाता, स्यालब, सुकण, कुर्सिल, गौल और जावला नगाणगांव में पेयजल आपूर्ति के लिए स्वैप के तहत 90 लाख रुपये लागत से पेयजल योजना स्वीकृत हुई। विश्व बैंक की मदद से बन रही पेयजल योजना का निर्माण शुरू होने के साथ ही इसमें गड़बड़ी के आरोप लगने लगे थे। बीते साल मार्च में ग्रामीणों की शिकायत पर सूबे के पेयजल मंत्री ने गढ़वाल कमिश्नर को योजना की जांच के आदेश दिए थे, जिस पर बीते माह पटवारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच रिपोर्ट अधूरी मानते हुए एसडीएम ने तहसीलदार को स्वयं मौके पर जाकर पूरी पड़ताल के साथ जांच करने के आदेश दिए हैं। तहसीलदार केएस पोखरियाल ने बताया कि योजना की जांच चल रही है, जल्द ही रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।
वर्ष 2012-13 में धारमंडल क्षेत्र के बडाता, स्यालब, सुकण, कुर्सिल, गौल और जावला नगाणगांव में पेयजल आपूर्ति के लिए स्वैप के तहत 90 लाख रुपये लागत से पेयजल योजना स्वीकृत हुई। विश्व बैंक की मदद से बन रही पेयजल योजना का निर्माण शुरू होने के साथ ही इसमें गड़बड़ी के आरोप लगने लगे थे। बीते साल मार्च में ग्रामीणों की शिकायत पर सूबे के पेयजल मंत्री ने गढ़वाल कमिश्नर को योजना की जांच के आदेश दिए थे, जिस पर बीते माह पटवारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच रिपोर्ट अधूरी मानते हुए एसडीएम ने तहसीलदार को स्वयं मौके पर जाकर पूरी पड़ताल के साथ जांच करने के आदेश दिए हैं। तहसीलदार केएस पोखरियाल ने बताया कि योजना की जांच चल रही है, जल्द ही रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।
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