देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ आंदोलनरत तीर्थपुरोहितों ने 23 अगस्त (कल) से आशीर्वाद यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है। इसका शुभारंभ रैथल से होगा। यात्रा के जरिए ग्रामवासियों, युवा व मातृशक्ति के साथ बैठक कर बोर्ड के खिलाफ जनमत जुटाया जाएगा। वहीं तीर्थपुरोहितों ने पूर्व राज्यसभा सांसद मनोहरकांत ध्यानी के बयान की आलोचना की है।
शनिवार को गंगोत्री धाम में देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ तीर्थ पुरोहितों का क्रमिक अनशन 51वें दिन भी जारी रहा। तीर्थपुरोहितों ने पूर्व राज्य सभा सांसद मनोहरकांत ध्यानी के बयान की अलोचना की जिसमें उन्होंने देवस्थानम बोर्ड समाप्त नहीं होने की बात कही थी। श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के सह सचिव राजेश सेमवाल ने कहा कि एक ओर सरकार देवस्थानम बोर्ड को समाप्त करने का आश्वासन देती है। वहीं उनके नेता उल-जलूल बयानबाजी कर तीर्थपुरोहितों को भड़काने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र देवस्थानम बोर्ड को रद्द नहीं करती तो तीर्थ पुरोहित जन समुदाय के साथ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। पुरोहितों ने सितंबर के प्रथम सप्ताह में भटवाड़ी में देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ रैली निकालने की भी चेतावनी दी। उधर, यमुनोत्री धाम में भी तीर्थ पुरोहितों ने क्रमिक अनशन कर विरोध जताया। इस मौके पर गंगोत्री धाम में राकेश सेमवाल, सत्येंद्र सेमवाल, कृष्णा सेमवाल, अनूप सेमवाल, प्रभात सेमवाल, कामेश्वर सेमवाल, कृष्णानंद सेमवाल, परमानंद सेमवाल, प्रेमबल्लभ सेमवाल आदि मौजूद थे।