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मंदिर में प्रवेश पर रोकटोक से ग्रामीणों में रोष
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विकासखंड डुंडा कीमातली ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने पौराणिक व सिद्धपीठ कपिल मुनि मंदिर में आवाजाही में रोक-टोक न करने की मांग की है। ग्रामीणों ने इस संबंध में रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट को भी ज्ञापन भेजा है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाने के दौरान आईटीबीपी की ओर से रोकटोक की जाती है। वहीं आईटीबीपी प्रशासन का कहना है कि आने-जाने में कोई रोकटोक नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में आने वाले हर व्यक्ति को जानकारी के लिए पूछा जाता है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य व भाजयुमो के विभाग संयोजक पवन नौटियाल का कहना है कि ग्राम पंचायत मातली का पौराणिक व सिद्धपीठ कपिलमुनि मंदिर पूर्व में ग्राम पंचायत की भूमि पर था। ये अब आईटीबीपी के परिसर के अंदर मौजूद है। आईटीबीपी ने मंदिर में प्रवेश के लिए गेट का निर्माण किया है। आईटीबीपी ने गेट निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया कदम बताया था। साथ ही ग्रामीणों को रास्ता दिए जाने की बात कही थी लेकिन अब, जब भी ग्रामीण यहां आते हैं तो आईटीबीपी के जवान रोकटोक करते हैं। पवन ने कहा कि यह मंदिर ग्रामीणों की आस्था का केेंद्र है। यहां प्रवेश के लिए ग्रामीणों को रास्ता दिया जाए।
वहीं आईटीबीपी के कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि मंदिर में आने-जाने के लिए कोई रोकटोक नहीं हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यहां आने वाले हर व्यक्ति से जानकारी ली जाती है। कमांडेंट पवन ने कहा कि मंदिर आईटीबीपी परिसर के अंदर है। ऐसे में बिना जानकारी लिए यहां प्रवेश संभव नहीं है।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य व भाजयुमो के विभाग संयोजक पवन नौटियाल का कहना है कि ग्राम पंचायत मातली का पौराणिक व सिद्धपीठ कपिलमुनि मंदिर पूर्व में ग्राम पंचायत की भूमि पर था। ये अब आईटीबीपी के परिसर के अंदर मौजूद है। आईटीबीपी ने मंदिर में प्रवेश के लिए गेट का निर्माण किया है। आईटीबीपी ने गेट निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया कदम बताया था। साथ ही ग्रामीणों को रास्ता दिए जाने की बात कही थी लेकिन अब, जब भी ग्रामीण यहां आते हैं तो आईटीबीपी के जवान रोकटोक करते हैं। पवन ने कहा कि यह मंदिर ग्रामीणों की आस्था का केेंद्र है। यहां प्रवेश के लिए ग्रामीणों को रास्ता दिया जाए।
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वहीं आईटीबीपी के कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि मंदिर में आने-जाने के लिए कोई रोकटोक नहीं हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यहां आने वाले हर व्यक्ति से जानकारी ली जाती है। कमांडेंट पवन ने कहा कि मंदिर आईटीबीपी परिसर के अंदर है। ऐसे में बिना जानकारी लिए यहां प्रवेश संभव नहीं है।
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