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ग्रामीणों ने मांगी जमीन के बदले जमीन
Uttar Kashi
Updated Tue, 22 Jan 2013 05:31 AM IST
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चिन्यालीसौड़/उत्तरकाशी। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी के विस्तारीकरण और तमाम अन्य सुविधाओं को लेकर शासन के अफसरों ने सोमवार को यहां ग्रामीणों से बातचीत की। हवाई पट्टी का निरीक्षण किया और भूमि अधिग्रहण के सवाल पर ग्रामीणों की राय जानने की कोशिश की। तमाम सुविधाओं के लिए जमीन देने के मामले में ग्रामीणों ने सहमति जताई, मगर बदले जमीन और अन्य सुविधाओं की मांग भी रखी।
प्रमुख सचिव नागरिक उड्डयन राकेश शर्मा के साथ ही अपर सचिव आरसी.लोहनी, शैलेष बगोली और बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जिले के अधिकारियों के साथ हवाई पट्टी का निरीक्षण किया। मौके पर ब्लाक प्रमुख बलवीर बिष्ट, जोत सिंह बिष्ट, पूरण लाल, नत्थी लाल आदि स्थानीय लोगों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हवाई पट्टी के साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र, मनेरी भाली व टिहरी बांध परियोजना आदि सरकारी उपक्रमों के निर्माण में इस गांव की 70 फीसदी से ज्यादा जमीन जा चुकी है। सरकार यदि और भूमि अधिग्रहित करना चाहती है, तो पात्रता निर्धारण कर उन्हें जमीन के बदले जमीन सहित अन्य लाभ भी दिए जाएं।
ये है स्थिति--
वर्ष 1993 में चिन्यालीसौड़ में 780 नाली जमीन खरीद कर नागरिक उड्डयन विभाग ने 1200 मीटर लंबी और 80 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी का निर्माण कराया था। बीस सालों से यहां हवाई पट्टी बेकार पड़ी है। पिछले दो वर्षों से यहां विमानों की ट्रायल लैंडिंग और उड़ान के बाद इसके विस्तारीकरण की तैयारी की जा रही है। यहां एटीआर 42 सीटर विमानों की लैंडिंग और उड़ान के लिए हवाई पट्टी को 40 मीटर चौड़ा और 300 मीटर लंबा बनाने के लिए 200 नाली जमीन की जरूरत है। शासन ने इसकी डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राइट्स कंपनी को सौंपी है।
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कोट---
-चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए इसका विस्तारीकरण किया जाना है। इस संबंध में भूमि अधिग्रहण के लिए अधिकारियों को दस दिन के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विस्तारीकरण तथा टर्मिनल आदि भवन निर्माण हेतु 35 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इस पर शीघ्र काम शुरू कराया जाएगा।-राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव, नागरिक उड्डयन।
-नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों से 200 नाली जमीन के अधिग्रहण को लेकर बातचीत की है। ग्रामीण यहां बची शेष 600 नाली जमीन अधिग्रहित करने तथा पात्रता निर्धारण की मांग कर रहे हैं। बातचीत के बाद ही इस पर कोई निर्णय हो पाएगा।-ललित मोहन रयाल, प्रभारी डीएम उत्तरकाशी।
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प्रमुख सचिव नागरिक उड्डयन राकेश शर्मा के साथ ही अपर सचिव आरसी.लोहनी, शैलेष बगोली और बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जिले के अधिकारियों के साथ हवाई पट्टी का निरीक्षण किया। मौके पर ब्लाक प्रमुख बलवीर बिष्ट, जोत सिंह बिष्ट, पूरण लाल, नत्थी लाल आदि स्थानीय लोगों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हवाई पट्टी के साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र, मनेरी भाली व टिहरी बांध परियोजना आदि सरकारी उपक्रमों के निर्माण में इस गांव की 70 फीसदी से ज्यादा जमीन जा चुकी है। सरकार यदि और भूमि अधिग्रहित करना चाहती है, तो पात्रता निर्धारण कर उन्हें जमीन के बदले जमीन सहित अन्य लाभ भी दिए जाएं।
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ये है स्थिति--
वर्ष 1993 में चिन्यालीसौड़ में 780 नाली जमीन खरीद कर नागरिक उड्डयन विभाग ने 1200 मीटर लंबी और 80 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी का निर्माण कराया था। बीस सालों से यहां हवाई पट्टी बेकार पड़ी है। पिछले दो वर्षों से यहां विमानों की ट्रायल लैंडिंग और उड़ान के बाद इसके विस्तारीकरण की तैयारी की जा रही है। यहां एटीआर 42 सीटर विमानों की लैंडिंग और उड़ान के लिए हवाई पट्टी को 40 मीटर चौड़ा और 300 मीटर लंबा बनाने के लिए 200 नाली जमीन की जरूरत है। शासन ने इसकी डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राइट्स कंपनी को सौंपी है।
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-चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए इसका विस्तारीकरण किया जाना है। इस संबंध में भूमि अधिग्रहण के लिए अधिकारियों को दस दिन के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विस्तारीकरण तथा टर्मिनल आदि भवन निर्माण हेतु 35 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इस पर शीघ्र काम शुरू कराया जाएगा।-राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव, नागरिक उड्डयन।
-नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों से 200 नाली जमीन के अधिग्रहण को लेकर बातचीत की है। ग्रामीण यहां बची शेष 600 नाली जमीन अधिग्रहित करने तथा पात्रता निर्धारण की मांग कर रहे हैं। बातचीत के बाद ही इस पर कोई निर्णय हो पाएगा।-ललित मोहन रयाल, प्रभारी डीएम उत्तरकाशी।