{"_id":"17-53357","slug":"Uttar-Kashi-53357-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला योजना की धीमी प्रगति पर डीएम नाराज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला योजना की धीमी प्रगति पर डीएम नाराज
Uttar Kashi
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
उत्तरकाशी। डीएम डा.आर राजेश कुमार ने जिला योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। जिला योजना में अब तक अनुमोदित परिव्यय 5742 लाख रुपये के सापेक्ष महज 765.41 लाख रुपये ही खर्च हो पाए हैं।
जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि अधिकारी विभिन्न मदों में अवमुक्त राशि का शत प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें। कुछ विभाग तो जिला योजना में पिछले वित्तीय वर्ष की शेष राशि भी खर्च नहीं कर पाए हैं। यह प्रवृत्ति जनहित में नहीं है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा में उन्होंने अक्तूबर तक 6 मदों में बी, 1 में सी तथा 4 में डी श्रेणी पर नाराजगी जताते हुए इसमें सुधार को कहा।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा.दिनेश चंद्र बडोनी ने बताया कि जिला योजना में अनुमोदित परिव्यय 5742 लाख के सापेक्ष शासन से 2134.59 लाख रुपये अवमुक्त हुए। जिसमें से डीएम ने विभागों को 2023.40 लाख रुपये जारी किए हैं। इसके बावजूद अब तक महज 765.41 लाख रुपये ही खर्च हो पाए हैं। राज्य सेक्टर में भी अनुमोदित परिव्यय 9833.07 लाख के सापेक्ष 2665.32 लाख तथा केंद्र पोषित योजनाओं में अनुमोदित परिव्यय 11527.37 लाख के सापेक्ष 3602.24 लाख रुपये व्यय हुए हैं। वाह्य सहायतित योजनाओं में जरूर 256.24 लाख के सापेक्ष 255.19 लाख रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि अधिकारी विभिन्न मदों में अवमुक्त राशि का शत प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें। कुछ विभाग तो जिला योजना में पिछले वित्तीय वर्ष की शेष राशि भी खर्च नहीं कर पाए हैं। यह प्रवृत्ति जनहित में नहीं है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा में उन्होंने अक्तूबर तक 6 मदों में बी, 1 में सी तथा 4 में डी श्रेणी पर नाराजगी जताते हुए इसमें सुधार को कहा।
विज्ञापन
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा.दिनेश चंद्र बडोनी ने बताया कि जिला योजना में अनुमोदित परिव्यय 5742 लाख के सापेक्ष शासन से 2134.59 लाख रुपये अवमुक्त हुए। जिसमें से डीएम ने विभागों को 2023.40 लाख रुपये जारी किए हैं। इसके बावजूद अब तक महज 765.41 लाख रुपये ही खर्च हो पाए हैं। राज्य सेक्टर में भी अनुमोदित परिव्यय 9833.07 लाख के सापेक्ष 2665.32 लाख तथा केंद्र पोषित योजनाओं में अनुमोदित परिव्यय 11527.37 लाख के सापेक्ष 3602.24 लाख रुपये व्यय हुए हैं। वाह्य सहायतित योजनाओं में जरूर 256.24 लाख के सापेक्ष 255.19 लाख रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन