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लापता पर्वतारोहियों का नहीं लगा सुराग
Uttar Kashi
Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
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उत्तरकाशी। केदारडोम हिम शिखर के करीब पहुंचकर हादसे का शिकार हुए पंजाब रेजीमेंट के तीन पर्वतारोहियों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। इंडो-यूके आर्मी एक्सपिडीशन दल अपना अभियान स्थगित कर दिया। गढ़वाल स्काउट की माउंटेन डिवीजन के खोज एवं बचाव दल तथा आवश्यक रसद कैंप-2 में छोड़कर सेना के हेलीकाप्टर वापस लौट गए हैं।
मंगलवार को केदारडोम हिम शिखर पर आरोहण के लिए रूट सेट करते हुए आगे बढ़े पंजाब रेजीमेंट के सूबेदार मेजर सुरजीत सिंह एवं सिपाही यश कुमार तथा हाई एल्टीट्यूट गाइड विकास हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हो गए थे। सेना ने अगले दिन से ही यहां युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था। सुदर्शन पीक के निकट एक अनाम चोटी पर आरोहण के लिए रक्त वन बेस कैंप में डेरा डाले इंडो-यूके आर्मी अभियान दल के तीन पर्वतारोहियों को खोज एवं बचाव अभियान में लगाकर शेष को वापस बुला लिया है। रेजीमेंट के कैप्टन स्वप्निल गंगोत्री से खोज एवं बचाव अभियान का समन्वय कर रहे हैं। लापता पर्वतारोहियों के जीवित बचे होने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है।
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मंगलवार को केदारडोम हिम शिखर पर आरोहण के लिए रूट सेट करते हुए आगे बढ़े पंजाब रेजीमेंट के सूबेदार मेजर सुरजीत सिंह एवं सिपाही यश कुमार तथा हाई एल्टीट्यूट गाइड विकास हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हो गए थे। सेना ने अगले दिन से ही यहां युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था। सुदर्शन पीक के निकट एक अनाम चोटी पर आरोहण के लिए रक्त वन बेस कैंप में डेरा डाले इंडो-यूके आर्मी अभियान दल के तीन पर्वतारोहियों को खोज एवं बचाव अभियान में लगाकर शेष को वापस बुला लिया है। रेजीमेंट के कैप्टन स्वप्निल गंगोत्री से खोज एवं बचाव अभियान का समन्वय कर रहे हैं। लापता पर्वतारोहियों के जीवित बचे होने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है।
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