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असी गंगा में पानी बढ़ने पर ढहने लगी गंगोरी-संगमचट्टी सड़क, बेली ब्रिज पर मंडराया खतरा-compat
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:44 PM IST
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उत्तरकाशी। असी गंगा में हल्का सा पानी बढ़ने पर ही पीएमजीएसवाई द्वारा तैयार की गई गंगोरी-संगमचट्टी सड़क जगह-जगह ताश के पत्तों की तरह ढहने लगी है। डिगिला के पास सड़क का करीब पचास मीटर हिस्सा ढहने से इसका दायरा बढ़ने पर डिगिला बेली ब्रिज के ध्वस्त होने का खतरा मंडराने लगा है। कुछ दिन पहले स्वयं डीएम भी इस सड़क का निरीक्षण कर खामियां सामने आने पर जांच और अधूरे कार्य शीघ्र पूरे कराने के आदेश दे चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका धरातल पर कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।
बीते दिनों असी गंगा घाटी में बारिश होने नदी में पानी बढ़ने गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग के घटिया गुणवत्ता के कार्यों की पोल खुलने लगी है। कुछ दिन पहले डिगिला के पास सड़क की सुरक्षा दीवार ढहने से करीब दस मीटर सड़क तबाह हो गई। यहां किसी तरह अंदर की ओर पहाड़ काटकर वाहनों की आवाजाही लायक रास्ता बनाया गया, लेकिन अब यहां सड़क कटाव का दायरा बढ़कर करीब पचास मीटर हो गया है। नदी के कटाव से सड़क की सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार ताश के पत्तों की तरह ढह रही है। हालात यह है कि यदि शीघ्र ही यहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो डिगिला बेली ब्रिज के ढहने का खतरा मंडरा रहा है।
बीते करीब चार वर्षों से निर्माणाधीन इस सड़क का कार्य अभी तक पूरा नहीं होने और घटिया गुणवत्ता की शिकायत पर कुछ दिन पहले ही स्वयं डीएम डा. आशीष चौहान ने इस सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया था। तमाम खामियां सामने आने पर उन्होंने इसकी जांच बिठाने के साथ ही विभाग को शीघ्र सड़क दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार ने इसकी सुध नहीं ली, जिसका खामियाजा असी गंगा घाटी के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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बॉक्स के लिए------------------------
सड़क के लिए आंदोलन करेंगे ग्रामीण
उत्तरकाशी। क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमल रावत, अगोड़ा निवासी महावीर पंवार, संजय पंवार आदि ग्रामीणों का कहना है कि अगस्त 2012 की बाढ़ के बाद इस घाटी में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। आपदा के छह साल बाद भी सड़क दुरुस्त नहीं हो पाई है। निर्माण की घटिया गुणवत्ता के कारण असी गंगा में हल्का पानी बढ़ने पर ही सड़क की दीवारें ध्वस्त हो रही हैं। आने वाले दिनों में नदी में पानी और बढ़ने पर सड़क के साथ ही डिगिला पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है। सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हुए तो क्षेत्र के संगमचट्टी, सेकू, गजोली, भंकोली, नौगांव, अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका आदि गांव अलग-थलग पड़ जाएंगे। यदि विभाग ने शीघ्र सड़क दुरुस्त नहीं कराई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
कोट........................
सड़क निर्माण में विलंब के लिए ठेकेदार पर पांच लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई जा रही है। डिगिला पुल के पास सड़क का कुछ हिस्सा ध्वस्त होने की जानकारी मिली है। इसका निरीक्षण कर यदि गुणवत्ता में कमी पाई गई तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सड़क को यातायात लायक तैयार करना विभाग की प्राथमिकता है।
-एसएन सिंह, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई, उत्तरकाशी।
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बीते दिनों असी गंगा घाटी में बारिश होने नदी में पानी बढ़ने गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग के घटिया गुणवत्ता के कार्यों की पोल खुलने लगी है। कुछ दिन पहले डिगिला के पास सड़क की सुरक्षा दीवार ढहने से करीब दस मीटर सड़क तबाह हो गई। यहां किसी तरह अंदर की ओर पहाड़ काटकर वाहनों की आवाजाही लायक रास्ता बनाया गया, लेकिन अब यहां सड़क कटाव का दायरा बढ़कर करीब पचास मीटर हो गया है। नदी के कटाव से सड़क की सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार ताश के पत्तों की तरह ढह रही है। हालात यह है कि यदि शीघ्र ही यहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो डिगिला बेली ब्रिज के ढहने का खतरा मंडरा रहा है।
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बीते करीब चार वर्षों से निर्माणाधीन इस सड़क का कार्य अभी तक पूरा नहीं होने और घटिया गुणवत्ता की शिकायत पर कुछ दिन पहले ही स्वयं डीएम डा. आशीष चौहान ने इस सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया था। तमाम खामियां सामने आने पर उन्होंने इसकी जांच बिठाने के साथ ही विभाग को शीघ्र सड़क दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार ने इसकी सुध नहीं ली, जिसका खामियाजा असी गंगा घाटी के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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सड़क के लिए आंदोलन करेंगे ग्रामीण
उत्तरकाशी। क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमल रावत, अगोड़ा निवासी महावीर पंवार, संजय पंवार आदि ग्रामीणों का कहना है कि अगस्त 2012 की बाढ़ के बाद इस घाटी में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। आपदा के छह साल बाद भी सड़क दुरुस्त नहीं हो पाई है। निर्माण की घटिया गुणवत्ता के कारण असी गंगा में हल्का पानी बढ़ने पर ही सड़क की दीवारें ध्वस्त हो रही हैं। आने वाले दिनों में नदी में पानी और बढ़ने पर सड़क के साथ ही डिगिला पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है। सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हुए तो क्षेत्र के संगमचट्टी, सेकू, गजोली, भंकोली, नौगांव, अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका आदि गांव अलग-थलग पड़ जाएंगे। यदि विभाग ने शीघ्र सड़क दुरुस्त नहीं कराई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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सड़क निर्माण में विलंब के लिए ठेकेदार पर पांच लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई जा रही है। डिगिला पुल के पास सड़क का कुछ हिस्सा ध्वस्त होने की जानकारी मिली है। इसका निरीक्षण कर यदि गुणवत्ता में कमी पाई गई तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सड़क को यातायात लायक तैयार करना विभाग की प्राथमिकता है।
-एसएन सिंह, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई, उत्तरकाशी।