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जान जोखिम में डालकर यमुनोत्री धाम की यात्रा करने को मजबूर हैं तीर्थयात्री-compat
Updated Tue, 24 Jul 2018 10:44 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री हाईवे के बाधित होने से तिर्खली-कुंसाला वैकल्पिक पैदल मार्ग से आवाजाही करना तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। प्रशासन की आधी-अधूरी तैयारियों के चलते राहगीरों को मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ ही जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। टैक्सी चालक एवं घोड़ा संचालक यात्रियों की इस परेशानी का जमकर फायदा उठा रहे हैं।
बता दें कि यमुनोत्री हाईवे के बीते चार दिनों से बाधित होने के कारण तीर्थयात्रियों एवं ग्रामीणों को तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग से आवाजाही करनी पड़ रही है, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा यहां कोई सुविधा नहीं दिए जाने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रवीन राणा, चंद्रमोहन, सुनील कुमार आदि ग्रामीणों ने कहा कि यमुनोत्री विधायक और जिलाधिकारी केे आदेशों के बावजूद इस चार किमी लंबे पैदल मार्ग पर पेयजल, शौचालय आदि की भी सुविधा विकसित नहीं की गई है। मार्ग में जगह-जगह गड्ढे एवं बरसाती नाले का पानी बहने से राहगीरों को जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। मंगलवार को राजस्थान का एक वृद्ध तीर्थयात्री बरसाती नाले को पार करते समय असंतुलित होकर गिर गया था। हालांकि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने यात्री को बहने से बचा लिया। पुलिस के जवान घटना के बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण नहीं होते तो यात्री नाले में बहकर गंभीर रूप से घायल हो सकता था।
उधर, प्रशासन की अनदेखी के चलते टैक्सी चालक व घोड़ा-खच्चर संचालक भी लोगों को जमकर लूट रहे हैं। यूपी से आए विजय कुमार आदि यात्रियों ने कहा कि स्यानाचट्टी से जानकीचट्टी तक महज 14 किमी दूरी के लिए टैक्सी चालक प्रत्येक यात्री से 70-80 रुपये वसूल रहे हैं, जबकि घोड़ा-खच्चर संचालक भी तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग में प्रत्येक यात्री से 500 से 600 रुपये ले रहे हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा के साथ ही आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। ऐसे में ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन का निस्तारण करने में विफल हो चुके शासन-प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग में भी सुविधा नहीं दे पाने से सुगम चार धाम यात्रा के दावों पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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बता दें कि यमुनोत्री हाईवे के बीते चार दिनों से बाधित होने के कारण तीर्थयात्रियों एवं ग्रामीणों को तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग से आवाजाही करनी पड़ रही है, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा यहां कोई सुविधा नहीं दिए जाने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रवीन राणा, चंद्रमोहन, सुनील कुमार आदि ग्रामीणों ने कहा कि यमुनोत्री विधायक और जिलाधिकारी केे आदेशों के बावजूद इस चार किमी लंबे पैदल मार्ग पर पेयजल, शौचालय आदि की भी सुविधा विकसित नहीं की गई है। मार्ग में जगह-जगह गड्ढे एवं बरसाती नाले का पानी बहने से राहगीरों को जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। मंगलवार को राजस्थान का एक वृद्ध तीर्थयात्री बरसाती नाले को पार करते समय असंतुलित होकर गिर गया था। हालांकि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने यात्री को बहने से बचा लिया। पुलिस के जवान घटना के बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण नहीं होते तो यात्री नाले में बहकर गंभीर रूप से घायल हो सकता था।
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उधर, प्रशासन की अनदेखी के चलते टैक्सी चालक व घोड़ा-खच्चर संचालक भी लोगों को जमकर लूट रहे हैं। यूपी से आए विजय कुमार आदि यात्रियों ने कहा कि स्यानाचट्टी से जानकीचट्टी तक महज 14 किमी दूरी के लिए टैक्सी चालक प्रत्येक यात्री से 70-80 रुपये वसूल रहे हैं, जबकि घोड़ा-खच्चर संचालक भी तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग में प्रत्येक यात्री से 500 से 600 रुपये ले रहे हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा के साथ ही आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। ऐसे में ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन का निस्तारण करने में विफल हो चुके शासन-प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग में भी सुविधा नहीं दे पाने से सुगम चार धाम यात्रा के दावों पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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