{"_id":"5b575c974f1c1b8f568b6349","slug":"153245198714-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसपीएस सेटेलाइट फोन से मजबूत होगा दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों का संचार तंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसपीएस सेटेलाइट फोन से मजबूत होगा दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों का संचार तंत्र
Updated Tue, 24 Jul 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
उत्तरकाशी। जिले के दुर्गम क्षेत्रों में संचार तंत्र को मजबूत करने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने बीएसएनएल के 10 ग्लोबल सेटेलाइट पोजीशनिंग सिस्टम (जीएसपीएस) सेट खरीदे हैं। विभाग द्वारा खरीदे गए सेटेलाइट फोन में से पांच तहसीलों को दिए गए हैं, जबकि अन्य पांच विभिन्न वन प्रभागों को दिए जा रहे हैं।
बता दें कि जिले के कई गांव एवं ट्रैकिंग रूट हिमाचल और चीन बॉर्डर के निकट स्थित हैं, लेकिन इन दुर्गम व दूरस्थ स्थानों पर आज तक संचार सुविधा विकसित नहीं की जा सकी है। इस वजह से दुर्घटना का शिकार हुए कई ग्रामीणों और पर्यटकों की मदद के अभाव में मौत भी हो चुकी है।
इसके तहत विभाग ने 1.20 लाख रुपये की दर से बीएसएनएल से दस जीएसपीएस सेटेलाइट फोन खरीदे हैं। इनमें से पांच धौंतरी, भटवाड़ी, मोरी, पुरोला एवं बड़कोट तहसील में उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि शेष पांच वन विभाग के उत्तरकाशी वन प्रभाग, गंगोत्री नेशनल पार्क, टौंस वन प्रभाग, गोविंद वन्य जीव विहार एवं अपर यमुना वन प्रभाग को देने की तैयारी की जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों के पास सेटेलाइट फोन होने से तत्काल सूचना मिलने पर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आ सकेगी।
विज्ञापन
डीएसपीटी-जीएसपीएस से मजबूत होगी संचार सुविधा
बीएसएनएल के डीजीएम बलवंत सिंह नेगी ने बताया कि डिजीटल सेटेलाइट पब्लिक टर्मिनल (डीएसपीटी) फोन बूथ एवं ग्लोबल जीएसपीएस सेट से दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधा मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि डीएसपीटी एक आम पीसीओ फोन बूथ की तरह होता है, जो सेटेलाइट की मदद से कार्य करता है। इसे सौर ऊर्जा व बैटरी की मदद से संचालित किया जाता है। फिलहाल जिले के बॉर्डर पर तैनात आर्मी, आईटीबीपी और बीआरओ ही इसका उपयोग रहे हैं।
विज्ञापन
बता दें कि जिले के कई गांव एवं ट्रैकिंग रूट हिमाचल और चीन बॉर्डर के निकट स्थित हैं, लेकिन इन दुर्गम व दूरस्थ स्थानों पर आज तक संचार सुविधा विकसित नहीं की जा सकी है। इस वजह से दुर्घटना का शिकार हुए कई ग्रामीणों और पर्यटकों की मदद के अभाव में मौत भी हो चुकी है।
विज्ञापन
इसके तहत विभाग ने 1.20 लाख रुपये की दर से बीएसएनएल से दस जीएसपीएस सेटेलाइट फोन खरीदे हैं। इनमें से पांच धौंतरी, भटवाड़ी, मोरी, पुरोला एवं बड़कोट तहसील में उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि शेष पांच वन विभाग के उत्तरकाशी वन प्रभाग, गंगोत्री नेशनल पार्क, टौंस वन प्रभाग, गोविंद वन्य जीव विहार एवं अपर यमुना वन प्रभाग को देने की तैयारी की जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों के पास सेटेलाइट फोन होने से तत्काल सूचना मिलने पर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आ सकेगी।
विज्ञापन
डीएसपीटी-जीएसपीएस से मजबूत होगी संचार सुविधा
बीएसएनएल के डीजीएम बलवंत सिंह नेगी ने बताया कि डिजीटल सेटेलाइट पब्लिक टर्मिनल (डीएसपीटी) फोन बूथ एवं ग्लोबल जीएसपीएस सेट से दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधा मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि डीएसपीटी एक आम पीसीओ फोन बूथ की तरह होता है, जो सेटेलाइट की मदद से कार्य करता है। इसे सौर ऊर्जा व बैटरी की मदद से संचालित किया जाता है। फिलहाल जिले के बॉर्डर पर तैनात आर्मी, आईटीबीपी और बीआरओ ही इसका उपयोग रहे हैं।