{"_id":"5b560a2d4f1c1b45748b6995","slug":"153236535310compat-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओजरी डबरकोट में दो दिन बाद भी बहाल नहीं हो पाया यमुनोत्री हाईवे पर यातायात-compat","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओजरी डबरकोट में दो दिन बाद भी बहाल नहीं हो पाया यमुनोत्री हाईवे पर यातायात-compat
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:36 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। ओजरी डबरकोट में बिना बारिश के भी पहाड़ी से बोल्डरों की बरसात होने से यमुनोत्री हाईवे पर दो दिन बाद भी यातायात बहाल नहीं हो पाया। भूस्खलन की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने इस हिस्से में यात्रा प्रतिबंधित कर दी है। अब तीर्थयात्रियों को तिर्खली कुंसाला होते हुए पैदल ही यमुनोत्री धाम की ओर भेजा जा रहा है। बीते शनिवार से करीब बीस तीर्थयात्री अपने निजी वाहनों समेत जानकीचट्टी की ओर फंसे हुए हैं।
बीते शनिवार की रात बारिश से भारी मलबा आने से ओजरी डबरकोट में यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया था। हाईवे बंद होने से पहले यमुनोत्री धाम की यात्रा पर गए करीब सौ तीर्थयात्री जानकीचट्टी की ओर ही फंस गए थे। रविवार को यहां यातायात बहाली के प्रयास नाकाम रहे। सोमवार को बिना बारिश के भी पहाड़ी पर करीब चार सौ मीटर ऊंचाई से बोल्डरों की बरसात का सिलसिला जारी रहने के कारण यहां सड़क खोलने की कोशिशें परवान नहीं चढ़ पायीं। ऐसे में प्रशासन ने जानकीचट्टी की ओर फंसे तीर्थयात्रियों को तिर्खली कुंसाला पैदल रास्ते से इस ओर सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन अपने निजी वाहनों के साथ बीस तीर्थयात्री अब भी वहीं फंसे हैं।
बारिश में मलबा आने और बिना बारिश के भी बोल्डरों की बरसात की स्थिति से भूस्खलन की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने इस हिस्से में यातायात पर फिलहाल पाबंदी लगा दी है। डीएम डा. आशीष चौहान ने कहा कि इस हिस्से में सड़क खुलने पर भी यातायात खासा जोखिम भरा है। ऐसे में भूस्खलन ठहरने तक तीर्थयात्रियों को तिर्खली कुंसाला होते हुए ही यमुनोत्री धाम की यात्रा कराई जा रही है। यात्रियों एवं स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए पैदल रास्ते के दोनों ओर वाहनों की व्यवस्था की गई है।
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दुश्वारियों पर भारी पड़ रही आस्था
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे ओजरी डबरकोट में भूस्खलन से अवरुद्ध होने पर तिर्खली कुंसाला होते हुए चार किमी की अतिरिक्त पैदल दूरी तय करने की मजबूरी पर यात्रियों की आस्था भारी पड़ रही है। तिर्खली कुंसाला वाले पैदल रास्ते में जगह-जगह गड्ढे और जलभराव के कारण यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी राम मंदिर के पास खासे जोखिम भरे रास्ते से आवाजाही करनी पड़ रही है। बीते दिनों यमुनोत्री धाम में आयी आपदा में मची तबाही में मंदिर को जोड़ने वाली पुलिया बहने के कारण यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर तक पहुंचने का रास्ता भी दिक्कत भरा है। इन तमाम दुश्वारियों के बावजूद सोमवार को 235 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम पहुंचे। ब्यूरो
बीते शनिवार की रात बारिश से भारी मलबा आने से ओजरी डबरकोट में यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया था। हाईवे बंद होने से पहले यमुनोत्री धाम की यात्रा पर गए करीब सौ तीर्थयात्री जानकीचट्टी की ओर ही फंस गए थे। रविवार को यहां यातायात बहाली के प्रयास नाकाम रहे। सोमवार को बिना बारिश के भी पहाड़ी पर करीब चार सौ मीटर ऊंचाई से बोल्डरों की बरसात का सिलसिला जारी रहने के कारण यहां सड़क खोलने की कोशिशें परवान नहीं चढ़ पायीं। ऐसे में प्रशासन ने जानकीचट्टी की ओर फंसे तीर्थयात्रियों को तिर्खली कुंसाला पैदल रास्ते से इस ओर सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन अपने निजी वाहनों के साथ बीस तीर्थयात्री अब भी वहीं फंसे हैं।
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बारिश में मलबा आने और बिना बारिश के भी बोल्डरों की बरसात की स्थिति से भूस्खलन की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने इस हिस्से में यातायात पर फिलहाल पाबंदी लगा दी है। डीएम डा. आशीष चौहान ने कहा कि इस हिस्से में सड़क खुलने पर भी यातायात खासा जोखिम भरा है। ऐसे में भूस्खलन ठहरने तक तीर्थयात्रियों को तिर्खली कुंसाला होते हुए ही यमुनोत्री धाम की यात्रा कराई जा रही है। यात्रियों एवं स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए पैदल रास्ते के दोनों ओर वाहनों की व्यवस्था की गई है।
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दुश्वारियों पर भारी पड़ रही आस्था
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे ओजरी डबरकोट में भूस्खलन से अवरुद्ध होने पर तिर्खली कुंसाला होते हुए चार किमी की अतिरिक्त पैदल दूरी तय करने की मजबूरी पर यात्रियों की आस्था भारी पड़ रही है। तिर्खली कुंसाला वाले पैदल रास्ते में जगह-जगह गड्ढे और जलभराव के कारण यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी राम मंदिर के पास खासे जोखिम भरे रास्ते से आवाजाही करनी पड़ रही है। बीते दिनों यमुनोत्री धाम में आयी आपदा में मची तबाही में मंदिर को जोड़ने वाली पुलिया बहने के कारण यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर तक पहुंचने का रास्ता भी दिक्कत भरा है। इन तमाम दुश्वारियों के बावजूद सोमवार को 235 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम पहुंचे। ब्यूरो