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गंगा-यमुना के मायके उतरकाशी में नहीं हैं कचरा निस्तारण के ठोस इंतजाम-compat
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:48 PM IST
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उत्तरकाशी। राष्ट्रीय नदी गंगा एवं यमुना के मायके वाले उत्तरकाशी जनपद के किसी भी निकाय में कचरा निस्तारण की ठोस व्यवस्था अभी तक नहीं बन पाई है। जिला मुख्यालय वाले उत्तरकाशी नगर का कचरा वर्षों से गंगा नदी में मिलने वाले तेखला गदेरे में डंप कर आग के हवाले किया जा रहा है। अन्य निकायों में भी कमोबेश यही स्थिति है। हालांकि अब प्रशासक के हवाले होने के बाद निकायों में कचरा निस्तारण के ठोस इंतजाम की कवायद तेज हुई है।
जिले के सबसे बड़े निकाय नगर पालिका बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) में घरों से कचरा एकत्र करने की व्यवस्था तो वर्षों से है, लेकिन अभी तक इसके निस्तारण का कोई इंतजाम नहीं है। नगर के कचरे के साथ ही विभिन्न हिस्सों में चलाए जा रहे सफाई अभियानों में एकत्र कचरा भी तेखला गदेरे में डंप किया जा रहा है। यहां भी अधिकांश कचरा आग के हवाले कर दिया जाता है और बचा हुआ कचरा बारिश के पानी के साथ बहकर गंगा भागीरथी को प्रदूषित कर रहा है। पूर्व में पॉलिथीन कचरे के निस्तारण के लिए लगाया गया कांपेक्टर प्लांट वर्ष 2012 की बाढ़ में बह गया था। तब से नया कांपेक्टर भी नहीं लग पाया है। पुरोला, चिन्यालीसौड़ और नौगांव में भी अधिकांश कचरा जलाकर नष्ट किया जा रहा है या फिर नदियों में बह रहा है। बड़कोट में जरूर डंप यार्ड बनाने के साथ ही कचरे की छंटाई कर कांपेक्टर मशीन से प्लास्टिक कचरे का निस्तारण किया जा रहा है।
जल्द होगी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था
उत्तरकाशी। नगर पालिका प्रशासक अनुराग आर्य का कहना है कि जिला मुख्यालय में तेखला के अलावा अब जोशियाड़ा बैराज के निकट डंपिंग जोन के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही यहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा पुरोला, चिन्यालीसौड़ एवं नौगांव में भी कचरा निस्तारण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
जिले के सबसे बड़े निकाय नगर पालिका बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) में घरों से कचरा एकत्र करने की व्यवस्था तो वर्षों से है, लेकिन अभी तक इसके निस्तारण का कोई इंतजाम नहीं है। नगर के कचरे के साथ ही विभिन्न हिस्सों में चलाए जा रहे सफाई अभियानों में एकत्र कचरा भी तेखला गदेरे में डंप किया जा रहा है। यहां भी अधिकांश कचरा आग के हवाले कर दिया जाता है और बचा हुआ कचरा बारिश के पानी के साथ बहकर गंगा भागीरथी को प्रदूषित कर रहा है। पूर्व में पॉलिथीन कचरे के निस्तारण के लिए लगाया गया कांपेक्टर प्लांट वर्ष 2012 की बाढ़ में बह गया था। तब से नया कांपेक्टर भी नहीं लग पाया है। पुरोला, चिन्यालीसौड़ और नौगांव में भी अधिकांश कचरा जलाकर नष्ट किया जा रहा है या फिर नदियों में बह रहा है। बड़कोट में जरूर डंप यार्ड बनाने के साथ ही कचरे की छंटाई कर कांपेक्टर मशीन से प्लास्टिक कचरे का निस्तारण किया जा रहा है।
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जल्द होगी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था
उत्तरकाशी। नगर पालिका प्रशासक अनुराग आर्य का कहना है कि जिला मुख्यालय में तेखला के अलावा अब जोशियाड़ा बैराज के निकट डंपिंग जोन के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही यहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा पुरोला, चिन्यालीसौड़ एवं नौगांव में भी कचरा निस्तारण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
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