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उतरकाशी को पर्यटन का केंद्र बनाने की कवायद
Updated Sun, 04 Feb 2018 10:20 PM IST
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उत्तरकाशी। सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय को पर्यटन नगर के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है। इस क्रम में जोशियाड़ा बैराज झील में वर्षभर नौकायन आदि जलक्रीड़ाएं कराने की व्यवस्था की जा रही है। अगले चरण में मनेरी झील एवं वरुणावत पर्वत को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा।
जिला सभागार में हुई बैठक में गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने कहा कि हर साल यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम की यात्रा पर आते हैं। इस दौरान जिले में यात्रियों का ठहराव बढ़ाने के लिए यात्रा मार्ग पर छोटे-छोटे पर्यटन स्थल विकसित करने की जरूरत है। इनसे शीतकाल में भी यहां पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटी है। इस संबंध में जिले से भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर तेजी से काम कराया जाएगा। उन्होंने साहसिक खेल गतिविधियों के साथ ही गांवों में होम स्टे योजना को बढ़ावा देने की बात कही।
डीएम डा. आशीष चौहान ने बताया कि जोशियाड़ा बैराज झील को सिटी लेक के रूप में विकसित किया जाना है। उन्होंने डिप्टी कलक्टर एवं सिंचाई विभाग के ईई को झील के किनारे की भूमि चिह्नित कर आर्किटेक्ट से इसका प्राक्कलन तैयार कराने को कहा। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने कहा कि यदि वर्ष पर्यंत पर्यटन की व्यवस्था हो तो बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका मजबूत होगी। बैठक में डिप्टी कलक्टर अनुराग आर्य, पर्यटन अधिकारी बीपी टम्टा, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
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जिला सभागार में हुई बैठक में गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने कहा कि हर साल यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम की यात्रा पर आते हैं। इस दौरान जिले में यात्रियों का ठहराव बढ़ाने के लिए यात्रा मार्ग पर छोटे-छोटे पर्यटन स्थल विकसित करने की जरूरत है। इनसे शीतकाल में भी यहां पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटी है। इस संबंध में जिले से भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर तेजी से काम कराया जाएगा। उन्होंने साहसिक खेल गतिविधियों के साथ ही गांवों में होम स्टे योजना को बढ़ावा देने की बात कही।
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डीएम डा. आशीष चौहान ने बताया कि जोशियाड़ा बैराज झील को सिटी लेक के रूप में विकसित किया जाना है। उन्होंने डिप्टी कलक्टर एवं सिंचाई विभाग के ईई को झील के किनारे की भूमि चिह्नित कर आर्किटेक्ट से इसका प्राक्कलन तैयार कराने को कहा। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने कहा कि यदि वर्ष पर्यंत पर्यटन की व्यवस्था हो तो बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका मजबूत होगी। बैठक में डिप्टी कलक्टर अनुराग आर्य, पर्यटन अधिकारी बीपी टम्टा, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
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