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Hindi News ›   Uttarakhand ›   uttarakhand may apply in the President Rule.

अब राज्यपाल के हाथ में है सरकार की डोर 

Sat, 19 Mar 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 19 Mar 2016 12:58 AM IST
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uttarakhand may apply in the President Rule.
केके पॉल - फोटो : AmarUjala

सरकार अल्पमत में है या नहीं, अब यह झगड़ा राजभवन पहुंच गया है। रिपोर्ट राज्यपाल के पास चली गई है। देर रात्रि विपक्ष ने दावा पेश कर राजनीतिक पारा बढ़ा दिया। 

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अब राज्यपाल के पास संवैधानिक तौर पर दो विकल्प हैं। एक सरकार को बहुमत साबित करने को कहे और दूसरा केंद्र को रिपोर्ट भेजकर राज्य में गवर्नर रूल की सिफारिश कर दें।
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सदन से बाहर सरकार का सारा मामला अब राज्यपाल के हाथ में आ गया है। राज्यपाल का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

राज्यपाल क्या करेंगे, इस बात की जानकारी तो नहीं किसी के पास नहीं है, लेकिन कुल मिलाकर दो ही विकल्प नजर आ रहे हैं। 
 
मुख्यमंत्री को करना होगा बहुमत साबित:
एक तो हरीश रावत को तय समय में बहुमत साबित करने को कहें। इसके लिए सदन का सत्र बुलाना होगा, जिसमें फिर से हंगामे के आसार बनेंगे। 

चूंकि हरीश रावत अभी मुख्यमंत्री हैं, इसलिए फिलहाल भाजपा या किसी दूसरे राजनीतिक दल को तब तक सरकार बनाने का मौका मिलने की संभावना नहीं बनेगी, जब तक हरीश की सरकार संवैधानिक प्रावधानों के तहत बहुमत न खो दें। 

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जिसके पास होगा बहुमत है, वो दावा पेश करे

uttarakhand may apply in the President Rule.
राज्यपाल केके पॉल - फोटो : file photo

दूसरा विकल्प राज्यपाल के सामने केंद्र को रिपोर्ट भेजकर राष्ट्रपति शासन लागू करने का है। राष्ट्रपति शासन को इस इरादे से लागू किया जा सकता है कि जिसके पास भी बहुमत है, वो दावा पेश करे।

सत्ता के केंद्र बिंदु बना राजभवन: 
वैसे तो राजभवन का खुफिया विभाग दो दिन से सक्रिय था, लेकिन आज सुबह से सक्रियता बढ़ गई थी। दोपहर होते-होते पूरी ब्यूरोक्रेसी और राजनेताओं का रुख राजभवन की तरफ घूम गया। 

जैसे ही शाम हुई तो राजभवन पूरी तरह से सत्ता का प्रतिबिंब बन चुका था। फिलहाल हरीश रावत मुख्यमंत्री हैं, लेकिन सत्ता का केंद्र राजभवन बन गया है। 

शाम को राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव न्याय को बुलाकर राजनीतिक हालात पर अपडेट लिया।

इसके बाद हर पल पर राजभवन की नजर रही। अचानक पूरा तंत्र सक्रिय हो गया और सारा सिस्टम राज्यपाल की तरफ मुखातिब हो गया। 

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