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सरकारी सिस्टम को परेशान नहीं करेंगी बैन दवा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 17 Mar 2016 09:16 AM IST
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दून अस्पताल
- फोटो : file photo
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केंद्र सरकार के स्तर से तीन सौ से अधिक दवाओं पर बैन का असर उत्तराखंड के सरकारी सिस्टम पर नहीं पड़ेगा।
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प्रदेश के अस्पतालों में पहले से ही कंबिनेशन वाली दवाओं का इस्तेमाल नहीं होता है। दूसरी ओर नई औषधि क्रय नीति में जेनेरिक दवा खरीद व वितरण की व्यवस्था है। इसके चलते सरकारी अस्पतालों के लिए केवल जेनेरिक दवाएं ही खरीदी जाएगी।
केंद्र सरकार के इस निर्णय का सबसे ज्यादा खामियाजा उन मरीजों को भुगतना पड़ेगा, जो कंबिनेशन वाली दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। सर्दी-जुकाम से लेकर गंभीर बीमारियों तक में कंबिनेशन वाली दवाओं का प्रयोग होता है। एक ही बीमारी के लिए अलग-अलग दवाओं के बजाय कंबिनेशन के इस्तेमाल में पिछले कुछ समय में खासी तेजी आई है।
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हालांकि सरकारी अस्पतालों में इनका प्रयोग नहीं होता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अभी कंबिनेशन वाली दवाओं का वितरण नहीं होता है। वहीं, नई औषधि क्रय नीति में भी इनके प्रयोग का प्रावधान नहीं है। इसमें जेनेरिक दवाओं की खरीद और वितरण का प्रावधान किया गया है।
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सरकारी अस्पतालों में कंबिनेशन वाली दवाओं का इस्तेमाल नहीं होता है। ऐसे में केंद्र सरकार के स्तर से लगे बैन का सरकारी अस्पतालों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जो दवाएं हर वितरित करते हैं, उनकी संख्या में कमी नहीं आएगी।
- डॉ. मनु जैन, संयुक्त निदेशक (भंडार)
दवा रख तो सकेंगे, लेकिन बेच नहीं पाएंगे
केंद्र सरकार के स्तर से कई दवाओं पर बैन लगने के बाद फार्मास्यूटिकल कंपनियां और केमिस्ट परेशान हैं। उनकी परेशानी ड्रग कंट्रोलर के पत्र ने बढ़ा दी है, जिसमें तत्काल प्रभाव से सभी चिह्नित दवाओं की बिक्री पर बैन लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। ड्रग कंट्रोलर ने स्पष्ट किया है कि बैन दवाओं को फिलहाल दुकान में रखा जा सकता है, लेकिन उनकी बिक्री नहीं की जा सकेगी।
केंद्र सरकार के बैन के बाद ड्रग कंट्रोलर ने भी राज्य की सभी फार्मास्यूटिकल इकाइयों और थोक व फुटकर विक्रेताओं को नोटिस जारी कर तत्काल सभी ऐसी दवाओं की बिक्री बंद करने के निर्देश दिए हैं। फार्मास्यूटिकल इकाइयों और व्यापारियों ने कहा कि ड्रग कंट्रोलर के निर्देश पर वह दवाओं की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोक रहे हैं। लेकिन उनके स्टॉक में जो दवा है, उसका वह क्या करें।
वह तुरंत दवाओं को दुकान से नहीं हटा सकते। साथ ही उस पर लगी रकम का फैसला होने तक भी स्टॉक को हटाना व्यवहारिक नहीं होगा। ड्रग कंट्रोलर ने उनकी समस्या का समाधान करते हुए अगले आदेश तक दवा का स्टॉक दुकान में ही रखने की छूट दी है।
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह नेगी ने कहा कि बैन की गई दवाओं की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। सभी स्तरों पर इसकी सूचना दी गई है। अगले आदेशों तक दुकानदार बैन दवाओं को दुकान में रख सकते हैं। हालांकि इनकी बिक्री पर रोक रहेगी। बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।