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आपदाः भूस्खलन से दर्जनों घर हुए ध्वस्त
नारायणबगड़/ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2013 08:23 AM IST
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लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र के कई गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। उत्तरी कड़ाकोट क्षेत्र के भटियाणा गांव में जहां पांच मकान ध्वस्त हो गए हैं, वहीं आपदा के बाद से हो रहे भूस्खलन से बेडगांव, परखाल, कौब, मौंणा को खतरा पैदा हो गया है। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से प्रभावित ग्रामीणों को अन्यत्र सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की मांग की है।
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अब भी जनजीवन अस्त-व्यस्त
शनिवार रात्रि को चिरखून और भेतरा गांव के मध्य जंगल में बादल फटने से अब भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है। समीपवर्ती गांव भटियाणा में भी सात मकानों के टूटने की सूचना है। इधर, पिछले तीन दिन से मौंणा गांव के नीचे से हो रहे भूस्खलन के कारण चार गोशालाएं ध्वस्त हो गई हैं, जबकि 10 से मकानों पर दरारें आ गई हैं। प्रधान नवीन सिलोड़ी, बीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रभावित ग्रामीण छानियों में रह रहे हैं। उधर, बेडगांव में भी पिछले एक माह में अभी तक 17 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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बेडगांव के पूर्व प्रधान खेम सिंह ने बताया कि गांव के नीचे से हो रहे भूस्खलन से गांव को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने प्रभावित लोगों को प्रशासन से टेंट दिए जाने की मांग की है। पालछुनी के प्रधान हुकुम सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत के पारखाल गांव में भी सात मकानों को क्षति पहुंची है। उन्होंने अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है।
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भूस्खलन की जद में आया धुर्मा कुंडी
रविवार रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश से गोपेश्वर के घाट ब्लॉक का ग्राम पंचायत धुर्मा कुंडी भूस्खलन की जद में आ गया है। गांव के पीछे स्थित चट्टान से हो रहे भूस्खलन से 50 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। भूस्खलन के मलबे से ग्रामीण हिम्मत सिंह का भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। रविवार मध्य रात्रि को जैसे ही बारिश तेज होने लगी पीड़ित भवन छोड़कर छानियों में चले गए। सुबह बारिश हल्की होने पर घर लौट आए।
मोटर मार्ग भी निर्माणाधीन
धुर्मा गांव के पीछे धुर्मा-कुंडी मोटर मार्ग भी निर्माणाधीन है। ऐसे में हल्की बारिश में ही मार्ग का मलबा भवनों के ऊपर गिर रहा है। प्रधान भवानी देवी ने बताया कि गांव के पीछे सड़क निर्माण कार्य होने से भूस्खलन अधिक हो रहा है, जिससे संपूर्ण गांव को खतरा पैदा हो गया है। इधर, एसडीएम अवधेष कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। पटवारी को गांव का मौका मुआयना करने के निर्देश दे दिए हैं।
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