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बजट सत्र में हरीश के लिए बहुगुणा का लेटर बम
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 12 Mar 2016 02:32 PM IST
सार
बहुगुणा ने सरकार से दो फैसले वापस लेने को कहा।
अपनी ही सरकार के कामकाज को कटघरे में किया खड़ा।
लगाए गए सर्किल रेट को बताया बहुत अधिक।
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हरीश रावत और विजय बहुगुणा
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बजट सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने लैटर बम के माध्यम से अपनी ही सरकार के कामकाज को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सर्किल रेट इतने बढ़ा दिए गए हैं कि रजिस्ट्री होना कम हो गई है, जिससे राजस्व की हानि हो रही है।
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बहुगुणा ने वर्ग-4 की भूमि पर कब्जेदारों को मालिकाना हक देने का आदेश तो हुआ, लेकिन उस पर भी सर्किल रेट मौजूदा समय का लगा दिया। इससे कोई भी कब्जेदार रजिस्ट्री नहीं करा पा रहा है, इसलिए इसे भी राज्य गठन के समय के सर्किल रेट के हिसाब से रखा जाए।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत को भेजे पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पिछले जनवरी माह में प्रदेश भर में बढ़ाए गए सर्किल रेट को गलत ठहराया।
घर खरीदने के सपने पर ग्रहण लगा रही सरकार:
बहुगुणा ने कहा कि सरकार को ये बढ़े रेट वापस लेने चाहिए, क्योंकि जरूरत से ज्यादा वृद्धि होने के कारण भूमि खरीद आम आदमी की पहुंच में नहीं रह गया है।
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इस बढ़ोत्तरी ने तो लोगों के अपने घर के सपने पर भी ग्रहण लगा दिया है। इसलिए बढ़ा सर्किल रेट तत्काल वापस हो। बहुगुणा ने दूसरा मुद्दा वर्ग-4 के कब्जेदारों को मालिकाना हक देने का उठाया।
उन्होंने पत्र में कहा कि सर्किल रेट बढ़ जाने से कब्जेदारों में जमीन पर संक्रमणीय अधिकार प्राप्त करने की दिलचस्पी नहीं दिख रही है, क्योंकि आज के सर्किल रेट पर यह नहीं हो सकता।
जब पहले राज्य गठन के समय के सर्किल रेट तय हो गया था, इसलिए आज के रेट पर कोई तैयार नहीं है। इसलिए दोनों फैसलों को वापस लिया जाए और पट्टों के नियमितिकरण का समय बढ़ाया जाए।
बजट कपोल-कल्पित, निराशाजनक : भट्ट
अजय भट्ट
- फोटो : file photo
नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कांग्रेस सरकार के पांचवें बजट को निराशाजनक, कपोल-कल्पित करार दिया है। उन्होंने कहा कि भावनाओं की नाव पर सवार होकर कांग्रेस चुनावी वैतरणी को पार करना चाहती है।
बजट भाषण में कोई हकीकत नहीं है। कार्यकाल के अंतिम दिनों में केवल अव्यवहारिक योजनाओं का एलान किया गया है। गैर-योजनागत व्यय की कोई रणनीति नहीं है।
भट्ट ने कहा कि बजट में सिर्फ केंद्र पोषित योजनाओं को अपना नाम देकर प्रचारित-प्रसारित करने का काम किया गया है। अभिभाषण में 30 हजार लोगों को रोजगार देने की बात कही गई थी, बजट में रोजगार का जिक्र नहीं है। गैरसैंण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई।
नानीसार गांव तो पहले से आबाद है, बजट में उसे आबाद करने की बात कही जा रही है। स्किल डेवलपमेंट, डेरी विकास, जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण, महिला उत्थान, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, मुद्रा ऋण योजना आदि में राज्य सरकार ने केंद्र की नकल करने का विफल प्रयास किया है। अभिभाषण के छलावा होने की बात बजट से साबित हो गई है।
बजट भाषण में कोई हकीकत नहीं है। कार्यकाल के अंतिम दिनों में केवल अव्यवहारिक योजनाओं का एलान किया गया है। गैर-योजनागत व्यय की कोई रणनीति नहीं है।
भट्ट ने कहा कि बजट में सिर्फ केंद्र पोषित योजनाओं को अपना नाम देकर प्रचारित-प्रसारित करने का काम किया गया है। अभिभाषण में 30 हजार लोगों को रोजगार देने की बात कही गई थी, बजट में रोजगार का जिक्र नहीं है। गैरसैंण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई।
नानीसार गांव तो पहले से आबाद है, बजट में उसे आबाद करने की बात कही जा रही है। स्किल डेवलपमेंट, डेरी विकास, जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण, महिला उत्थान, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, मुद्रा ऋण योजना आदि में राज्य सरकार ने केंद्र की नकल करने का विफल प्रयास किया है। अभिभाषण के छलावा होने की बात बजट से साबित हो गई है।