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स्व. रामसुमेर शुक्ल के योगदान की दी जानकारी
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रुद्रपुर में पंडित राम शुमेर शुक्ला की मूर्ति के पास मौजूद विधायक शुक्ला, अधिकारी व विद्यार्थी।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी पंडित स्व. रामसुमेर शुक्ल के बारे मे युवाओं को जानकारी दी गई। डीडी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने पंडित शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।
विधायक शुक्ला ने बताया कि पंडित शुक्ल का जन्म ग्राम भेड़ी तहसील रुद्रपुर देवरिया यूपी में 28 नवंबर 1915 को हुआ था। छात्र जीवन से ही नेतृत्व की क्षमता ने उन्हें एक अलग पहचान दी थी। 1936 में लाहौर अधिवेशन में मात्र 21 वर्ष की आयु में जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद का खुले मंच से विरोध किया था। नैनी जेल इलाहाबाद और फतेहगढ़ जेल में उन्होंने यातनाएं सही थीं। पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने तराई को आबाद करने की जिम्मेदारी स्व. शुक्ल के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम को सौंपी थी और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई थी।
कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति विभाग की ओर से किया गया। इस दौरान संस्कृति विभाग के निदेशक चंद्र सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह, चंद्रशेखर उपाध्याय, जगत सिंह मेहरा, अर्जुन सिंह सुरारी, झा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार शर्मा, एनएसएस प्रभारी गिरीश चंद शर्मा, एनसीसी प्रभारी संजय पाठक, एनसीसी और एनएसएस के सैकड़ों छात्र मौजूद थे। (संवाद)
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विधायक शुक्ला ने बताया कि पंडित शुक्ल का जन्म ग्राम भेड़ी तहसील रुद्रपुर देवरिया यूपी में 28 नवंबर 1915 को हुआ था। छात्र जीवन से ही नेतृत्व की क्षमता ने उन्हें एक अलग पहचान दी थी। 1936 में लाहौर अधिवेशन में मात्र 21 वर्ष की आयु में जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद का खुले मंच से विरोध किया था। नैनी जेल इलाहाबाद और फतेहगढ़ जेल में उन्होंने यातनाएं सही थीं। पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने तराई को आबाद करने की जिम्मेदारी स्व. शुक्ल के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम को सौंपी थी और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई थी।
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कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति विभाग की ओर से किया गया। इस दौरान संस्कृति विभाग के निदेशक चंद्र सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह, चंद्रशेखर उपाध्याय, जगत सिंह मेहरा, अर्जुन सिंह सुरारी, झा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार शर्मा, एनएसएस प्रभारी गिरीश चंद शर्मा, एनसीसी प्रभारी संजय पाठक, एनसीसी और एनएसएस के सैकड़ों छात्र मौजूद थे। (संवाद)
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