फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   White and red sandalwood saplings are being prepared at Agro Forestry Research Centre of Pantnagar University

खास खबर: चंदन की सुगंध से महकेगी तराई के लोगों की आर्थिकी, जानिए लाल और सफेद चंदन की खूबी

Wed, 12 Mar 2025 10:56 AM IST
हीरा मेहरा सुरेंद्र कुमार वर्मा, संवाद
सुरेंद्र कुमार वर्मा, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 12 Mar 2025 10:56 AM IST
सार

पंतनगर विवि के कृषि वानिकी अनुसंधान केंद्र में सफेद और लाल चंदन के पौधे तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बीते दिनों किसान मेले में लगाए गए केंद्र के स्टाॅल पर चंदन की खेती के लिए लोगों को जागरूक किया गया।

विज्ञापन
White and red sandalwood saplings are being prepared at Agro Forestry Research Centre of Pantnagar University
चंदन का पौधा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

विज्ञापन

जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि पंतनगर के कृषि वानिकी अनुसंधान केंद्र में सफेद और लाल चंदन के पौधे तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बीते दिनों किसान मेले में लगाए गए केंद्र के स्टाॅल पर चंदन की खेती के लिए लोगों को जागरूक किया गया।

 

केंद्र के प्रक्षेत्र सहायक पवन दुबे ने बताया कि चंदन के पेड़ रेतीले और बर्फीले क्षेत्रों में नहीं उगाए जा सकते। सफेद चंदन की लकड़ी भारी, पीली और महीन दाने वाली होती है। यह दशकों तक अपनी खुशबू बरकरार रखती है। इसकी लकड़ी दुनिया की सबसे महंगी लकड़ियों में शुमार है। सफेद चंदन की खेती के लिए 6.5 पीएच स्तर से अधिक वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। इस कारण यह उत्तर भारत के कुछ भागों में की जाती है। लाल चंदन के लिए 4.5 से 6.0 पीएच स्तर वाली मिट्टी की जरूरत होती है। इसकी खेती मुख्यतः दक्षिणी भारत में अधिक होती है। बताया कि चंदन की खेती में एक पेड़ से लगभग 2.5 लाख रुपये तक मिल सकते हैं। संवाद

विज्ञापन

परजीवी पौधा है चंदन, अकेले जीवित नहीं रहता
चंदन को पूरे खेत में भी लगाया जा सकता है। यदि किसान कोई दूसरी फसल उगा रहे हैं तो इसे खेत के किनारों पर अंतर-फसल के रूप में भी उगाया जा सकता है। यदि कोई किसान एक एकड़ में चंदन की खेती करने की योजना बनाता है तो वह आसानी से लगभग 600 पेड़ लगा सकता है। इससे उसे 20-25 साल के निवेश में करोड़ों रुपये की आय हो सकती है। इसकी देखभाल बहुत कम करनी पड़ती है और इसे अधिक पानी की जरूरत भी नहीं होती। चंदन के पौधों के साथ अन्य पौधों को उगाना भी जरूरी है, जो इसकी वृद्धि में सहायक होते हैं। यह एक परजीवी पौधा है जो अकेले जीवित नहीं रह सकता। व्यावसायिक दृष्टि से इसके पौधे के साथ बकैन, अनार या दलहनी फसल के पौधे लगा सकते हैं। चंदन को पूरी तरह खिलने के लिए गर्म और आर्द्र मौसम (30 डिग्री सेल्सियस तापमान) की जरूरत होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

 

सफेद चंदन की विशेषता
सफेद चंदन का प्रयोग अधिकतर परफ्यूम में किया जाता है। आयुर्वेद में भी सफेद चंदन का व्यापक रूप से प्रयोग होता है। इसे सौंदर्य और त्वचा की देखभाल के लिए तरल और पाउडर के रूप में तैयार किया जाता है। इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में भी किया जाता है। सफेद चंदन की लकड़ी को उसके घने चरित्र के कारण नक्काशी में महत्व दिया जाता है। प्राचीनकाल से ही चंदन का तेल इत्र बनाने में एक प्रमुख घटक रहा है। सफेद चंदन के पेड़ को आठ साल तक किसी बाहरी सुरक्षा की जरूरत नहीं होती क्योंकि तब तक उसमें कोई खुशबू नहीं होती। जैसे ही लकड़ी के पकने की प्रक्रिया शुरू होती है, उसमें से खुशबू आने लगती है।

लाल चंदन की खूबी
लाल चंदन का उपयोग फर्नीचर, मूर्तियां सहित कई डेकोरेटिव आइटम्स बनाने में किया जाता हैं। इसके पाउडर का इस्तेमाल सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं बनाने में, शर्बत बनाने में भी किया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम पेरोकार्पस सैंटलिनस हैं। इसे रतनजली, रक्तचंदनम, अत्ति, शेन चंदनम व रूबी जैसे कई नामों से भी पुकारा जाता है। लाल चंदन में एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टी होती है, जिसके चलते त्वचा के रोगों को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर इसका उपयोग किया जाता है। सूरज की किरणों से जली त्वचा यानी टैनिंग को भी इससे दूर किया जा सकता है। इसमें घाव जल्द भरने के गुण होते हैं। कैंसर और पाचन तंत्र की बीमारियों में भी लाल चंदन का सेवन किया जाता है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed