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सरकार बदलकर कृषि कानून रद्द कराएंगे
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सितारगंज में पत्रकारों से वार्ता करते भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम स?
- फोटो : SITARGANJ
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को रद करने और एमएसपी की गारंटी देने को तैयार नहीं है, इसलिए किसान अब सरकारें बदलकर किसानों के हित की सरकारें और प्रतिनिधि चुनेंगे।
शनिवार को पत्रकारों से वार्ता में चढ़ूनी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में किसान भाजपा को हराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सीट पर किसान पंचायत कर प्रत्याशी तय करे तो कोई गलत नहीं होगा, जहां किसान अपना विधायक चुनने की क्षमता रखते हैं उस क्षेत्र के किसान पंचायत तय कर सर्वसम्मति से प्रत्याशी खड़ा करें। इस पर किसानों में चर्चा शुरू कर दी गई है। चढ़ूनी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने पूंजीपति साथियों के लिए काम कर रही है।
क्षेत्र के चुने हुए प्रतिनिधि अपनी जनता की सुनने के बजाय अपनी पार्टी की नीतियों की बात कर पार्टी के थोपे निर्णय मानने को मजबूर हैं, जिस जनता ने उन्हें चुना है उनका सुधलेवा कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि वोट किसानों, मजदूरों और व्यापारियों का है, लेकिन कंपनियां उन पर राज कर रही हैं।
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चढ़ूनी ने कहा कि भाजपा सरकार ने साफ किया है वे केवल एमएसपी घोषित करेंगे। सरकार एमएसपी पर भी वार्ता करने को तैयार नहीं है। एमएसपी पर खरीदने की गारंटी नहीं देते हैं। सरकार केवल पीडीएस में बंटने वाला राशन खरीदती है। इसमें केवल 6 प्रतिशत उपज की एमएसपी की खरीद होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत आयात नीति के कारण किसानों की उपज सस्ते दामों पर खरीद होती है। किसानों को हर साल एमएसपी नहीं मिलने से करीब चार लाख करोड़ का नुकसान हो रहा है। वहां प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह महार, साहब सिंह बिजटी आदि थे।
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शनिवार को पत्रकारों से वार्ता में चढ़ूनी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में किसान भाजपा को हराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सीट पर किसान पंचायत कर प्रत्याशी तय करे तो कोई गलत नहीं होगा, जहां किसान अपना विधायक चुनने की क्षमता रखते हैं उस क्षेत्र के किसान पंचायत तय कर सर्वसम्मति से प्रत्याशी खड़ा करें। इस पर किसानों में चर्चा शुरू कर दी गई है। चढ़ूनी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने पूंजीपति साथियों के लिए काम कर रही है।
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क्षेत्र के चुने हुए प्रतिनिधि अपनी जनता की सुनने के बजाय अपनी पार्टी की नीतियों की बात कर पार्टी के थोपे निर्णय मानने को मजबूर हैं, जिस जनता ने उन्हें चुना है उनका सुधलेवा कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि वोट किसानों, मजदूरों और व्यापारियों का है, लेकिन कंपनियां उन पर राज कर रही हैं।
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चढ़ूनी ने कहा कि भाजपा सरकार ने साफ किया है वे केवल एमएसपी घोषित करेंगे। सरकार एमएसपी पर भी वार्ता करने को तैयार नहीं है। एमएसपी पर खरीदने की गारंटी नहीं देते हैं। सरकार केवल पीडीएस में बंटने वाला राशन खरीदती है। इसमें केवल 6 प्रतिशत उपज की एमएसपी की खरीद होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत आयात नीति के कारण किसानों की उपज सस्ते दामों पर खरीद होती है। किसानों को हर साल एमएसपी नहीं मिलने से करीब चार लाख करोड़ का नुकसान हो रहा है। वहां प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह महार, साहब सिंह बिजटी आदि थे।