{"_id":"61c7741b07c8ed5a7b68a39b","slug":"two-arrested-khatima-news-hld448847828","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की फर्जी अंकतालिका व प्रमाणपत्र बनाने वाले दो गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की फर्जी अंकतालिका व प्रमाणपत्र बनाने वाले दो गिरफ्तार
विज्ञापन
खटीमा कोतवाली में गिरफ्तार आरोपी एवं बरामद सामग्री के साथ एसओजी टीम।
- फोटो : KHATIMA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसओजी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंकतालिका और प्रमाणपत्र फर्जी बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरकारी शिक्षक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड फरार हो गया। टीम ने आरोपियों से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की फर्जी अंकतालिकाएं, प्रमाणपत्र, कंप्यूटर, स्कैनर आदि बरामद किए हैं।
खटीमा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंकतालिका व प्रमाण पत्र फर्जी बनाए जाने की सूचना एसओजी को लंबे समय से मिल रही थी, जिसको लेकर एसओजी की टीम लगातार जांच पड़ताल कर गिरोह को पकड़ने में जुटी थी। शुक्रवार को एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट टीम के साथ मेलाघाट रोड पकड़िया तिराहे पर पहुंचे। उन्होंने सड़क किनारे खड़े मनोज कुमार कालाकोटी निवासी लड़ाबोरा अमोड़ी जिला चंपावत को पकड़ लिया। उसके पास से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंकतालिका और प्रमाण पत्र बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय गंगरार सूखीढांग में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। हनुमान मंदिर के सामने एयरटेल नाम से दुकान है। वहां से ये प्रमाणपत्र उसने मोहित सक्सेना के कहने पर छपवाए है, जिस पर टीम मनोज को साथ लेकर दुकान पर पहुंची और वहां मौजूद कुलदीप सिंह सहोता उर्फ दीपक को गिरफ्तार कर लिया।
एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि पीलीभीत रोड स्थित शिव कालोनी खटीमा निवासी मोहित सक्सेना गिरोह का सरगना है। मनोज और कुलदीप उसके साथी हैं। ये हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र बनाने के 40 हजार रुपये तक लेते हैं। अब तक करीब 50 लोगों के फर्जी प्रमाण पत्र बना चुके है। यह भी पता चला है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे कई लोगों की रोडवेज में नौकरी लग गई है। उनके जांच की जाएगी।
विज्ञापन
सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपी सहायक अध्यापक मनोज कुमार कालाकोटी और कुलदीप सिंह सहोता उर्फ दीपक को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। गैंग का मास्टरमाइंड मोहित सक्सेना निवासी शिव कालोनी खटीमा अभी फरार है। इन्होंने प्रमाण पत्र कहां खपाए हैं, उसकी भी गहन पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
खटीमा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंकतालिका व प्रमाण पत्र फर्जी बनाए जाने की सूचना एसओजी को लंबे समय से मिल रही थी, जिसको लेकर एसओजी की टीम लगातार जांच पड़ताल कर गिरोह को पकड़ने में जुटी थी। शुक्रवार को एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट टीम के साथ मेलाघाट रोड पकड़िया तिराहे पर पहुंचे। उन्होंने सड़क किनारे खड़े मनोज कुमार कालाकोटी निवासी लड़ाबोरा अमोड़ी जिला चंपावत को पकड़ लिया। उसके पास से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंकतालिका और प्रमाण पत्र बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय गंगरार सूखीढांग में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। हनुमान मंदिर के सामने एयरटेल नाम से दुकान है। वहां से ये प्रमाणपत्र उसने मोहित सक्सेना के कहने पर छपवाए है, जिस पर टीम मनोज को साथ लेकर दुकान पर पहुंची और वहां मौजूद कुलदीप सिंह सहोता उर्फ दीपक को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि पीलीभीत रोड स्थित शिव कालोनी खटीमा निवासी मोहित सक्सेना गिरोह का सरगना है। मनोज और कुलदीप उसके साथी हैं। ये हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र बनाने के 40 हजार रुपये तक लेते हैं। अब तक करीब 50 लोगों के फर्जी प्रमाण पत्र बना चुके है। यह भी पता चला है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे कई लोगों की रोडवेज में नौकरी लग गई है। उनके जांच की जाएगी।
विज्ञापन
सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपी सहायक अध्यापक मनोज कुमार कालाकोटी और कुलदीप सिंह सहोता उर्फ दीपक को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। गैंग का मास्टरमाइंड मोहित सक्सेना निवासी शिव कालोनी खटीमा अभी फरार है। इन्होंने प्रमाण पत्र कहां खपाए हैं, उसकी भी गहन पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।