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बाईपास निर्माण की जद में आया नलकूप विभाग का टयूबवेल
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खटीमा में पहेनियां से कुटरी बाइपास निर्माण की जद में आया नलकूप विभाग का टयूबवेल। संवाद
- फोटो : KHATIMA
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खटीमा। बाईपास निर्माण में नलकूप विभाग का सिंचाई ट्यूबवेल आड़े आ रहा है। गाम कुटरी के इस ट्यूबवेल से लगभग 100 हेक्टेअर भूमि की सिंचाई होती है। ट्यूबवेल का दूसरे स्थान पर निर्माण होने पर 13 लाख 86 हजार रुपये खर्च होंगे लेकिन एनएचएआई ने नलकूप विभाग को ट्यूबवेल निर्माण के लिए केवल 5 लाख 22 हजार रुपये दिए हैं। इस वजह से ट्यूबवेल निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इधर, विभाग ने ट्यूबवेल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने को एसडीएम को पत्र भेजा है।
पहेनियां से कुटरी आठ किमी बाईपास की जद में ग्राम कुटरी स्थित ट्यूबवेल भी आ रहा है। एनएचएआई ट्यूबवेल को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए 5 लाख 22 हजार रुपये दे चुकी है लेकिन नए ट्यूबवेल निर्माण पर व्यय 13 लाख 86 हजार रुपये आ रहा है। सहायक अभियंता बेचे लाल गंगवार ने बताया कि कुटरी के ग्राम प्रधान नीरज बिष्ट ने ट्यूबवेल के लिए जमीन उपलब्ध न होने का पत्र विभाग को सौंपा है इसलिए नलकूप विभाग की ओर से एसडीएम को पत्र लिखकर नि:शुल्क जमीन दिलाने का अनुरोध किया गया है।
एनएचएआई से पूरा भुगतान मिलने और सरकारी जमीन उपलब्ध होने पर ही सिंचाई ट्यूबवेल को शिफ्ट किया जाएगा। अभी तक सरकारी जमीन भी नहीं मिल पाई है। इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
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- बेचे लाल गंगवार एई, नलकूप विभाग
जब बाईपास का गजट नोटीफिकेशन वर्ष 2012-13 में हुआ था, उस समय ट्यूबवेल का रेट नलकूप विभाग एवं लोनिवि हल्द्वानी की ओर से तय किया गया था। उसी आधार पर धनराशि नलकूप विभाग को दी गई है। नलकूप हटाने के लिए वह डीएम को पत्र लिखेंगे।
- हेमंत जोशी परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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पहेनियां से कुटरी आठ किमी बाईपास की जद में ग्राम कुटरी स्थित ट्यूबवेल भी आ रहा है। एनएचएआई ट्यूबवेल को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए 5 लाख 22 हजार रुपये दे चुकी है लेकिन नए ट्यूबवेल निर्माण पर व्यय 13 लाख 86 हजार रुपये आ रहा है। सहायक अभियंता बेचे लाल गंगवार ने बताया कि कुटरी के ग्राम प्रधान नीरज बिष्ट ने ट्यूबवेल के लिए जमीन उपलब्ध न होने का पत्र विभाग को सौंपा है इसलिए नलकूप विभाग की ओर से एसडीएम को पत्र लिखकर नि:शुल्क जमीन दिलाने का अनुरोध किया गया है।
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एनएचएआई से पूरा भुगतान मिलने और सरकारी जमीन उपलब्ध होने पर ही सिंचाई ट्यूबवेल को शिफ्ट किया जाएगा। अभी तक सरकारी जमीन भी नहीं मिल पाई है। इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
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- बेचे लाल गंगवार एई, नलकूप विभाग
जब बाईपास का गजट नोटीफिकेशन वर्ष 2012-13 में हुआ था, उस समय ट्यूबवेल का रेट नलकूप विभाग एवं लोनिवि हल्द्वानी की ओर से तय किया गया था। उसी आधार पर धनराशि नलकूप विभाग को दी गई है। नलकूप हटाने के लिए वह डीएम को पत्र लिखेंगे।
- हेमंत जोशी परियोजना निदेशक, एनएचएआई