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लापिंग के नाम पर पीपल, शीशम के हरे पेड़ों पर चलाई आरी
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इसे ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की लापरवाही ही कहेंगे कि जिस समय लोगों को ऑक्सीजन की कमी होने पर अधिक से अधिक पौधरोपण करने के लिए कहा जा रहा है, उस समय कर्मचारियों ने बिजली की लाइनों की लॉपिंग के नाम पर पीपल और शीशम के सात-आठ पेड़ जमींदोज करा दिए। कलक्ट्रेट परिसर में ऊर्जा निगम के एक कर्मचारी की सरपरस्ती में दिनभर कई पेड़ कटते रहे। वहीं कटे पेड़ के गिल्टे ट्रॉली में लादकर ले जाए गए।
रविवार को ऊर्जा निगम की ओर से कलक्ट्रेट परिसर में बिजली की तारों में टकरा रहे पेड़ों की लॉपिंग-चॉपिंग का काम किया जा रहा था। जिला पंचायत के सामने से शुरू हुआ यह काम पुलिस लाइन के गेट तक चला। ऊर्जा निगम के एक लाइनमैन काम को पूरा करा रहे थे। उनके सामने ही पेड़ों की छटनी कर रहे कर्मचारियों ने लाइन के बगल से जा रहे पीपल और शीशम के पेड़ों की लॉपिंग करने के बजाय जड़ से पेड़ काट दिए। आसपास दुकान लगा रहे लोगों ने इसका विरोध किया तो कर्मचारी अपनी गलती मानकर दोबारा यह गलती नहीं करने की बात कहते नजर आए। दुकानदार चंदन ने बताया कि पीपल का पेड़ उन्हें लंबे समय से छांव दे रहा था। ऑक्सीजन के लिए भी यह बहुत जरूरी है। पेड़ काटने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कलक्ट्रेट परिसर से आने वाली बिजली की लाइन जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज को जोड़ती है। इसलिए लॉपिंग कराना बहुत जरूरी था। पेड़ को काटने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस मामले की जांच की जाएगी। राजेश मौर्या, इंजीनियर, ऊर्जा निगम।
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- हरे पेड़ काटने की अनुमति किसी को नहीं है। कलक्ट्रेट परिसर में हरे पीपल और शीशम के पेड़ कटना गंभीर मामला है। इस मामले की जांच की जाएगी। ध्रुव मर्तोलिया, एसडीओ, तराई केंद्रीय वन प्रभाग।
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रविवार को ऊर्जा निगम की ओर से कलक्ट्रेट परिसर में बिजली की तारों में टकरा रहे पेड़ों की लॉपिंग-चॉपिंग का काम किया जा रहा था। जिला पंचायत के सामने से शुरू हुआ यह काम पुलिस लाइन के गेट तक चला। ऊर्जा निगम के एक लाइनमैन काम को पूरा करा रहे थे। उनके सामने ही पेड़ों की छटनी कर रहे कर्मचारियों ने लाइन के बगल से जा रहे पीपल और शीशम के पेड़ों की लॉपिंग करने के बजाय जड़ से पेड़ काट दिए। आसपास दुकान लगा रहे लोगों ने इसका विरोध किया तो कर्मचारी अपनी गलती मानकर दोबारा यह गलती नहीं करने की बात कहते नजर आए। दुकानदार चंदन ने बताया कि पीपल का पेड़ उन्हें लंबे समय से छांव दे रहा था। ऑक्सीजन के लिए भी यह बहुत जरूरी है। पेड़ काटने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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कलक्ट्रेट परिसर से आने वाली बिजली की लाइन जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज को जोड़ती है। इसलिए लॉपिंग कराना बहुत जरूरी था। पेड़ को काटने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस मामले की जांच की जाएगी। राजेश मौर्या, इंजीनियर, ऊर्जा निगम।
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- हरे पेड़ काटने की अनुमति किसी को नहीं है। कलक्ट्रेट परिसर में हरे पीपल और शीशम के पेड़ कटना गंभीर मामला है। इस मामले की जांच की जाएगी। ध्रुव मर्तोलिया, एसडीओ, तराई केंद्रीय वन प्रभाग।