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Udham Singh Nagar News: 19 हजार फॉग सेफ्टी डिवाइस से कोहरे को चीर रही ट्रेन
Wed, 17 Jan 2024 01:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 17 Jan 2024 01:56 AM IST
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काशीपुर रेलवे स्टेशन। संवाद
काशीपुर। रेलवे ने कोहरे के चलते होने वाले रेल हादसों पर अंकुश लगाने एवं निर्बाध संचालन के लिए ट्रेनों में आधुनिक फॉग सेफ डिवाइस लगाई है। देशभर में संचालित होने वाली करीब 11 हजार ट्रेनों के लिए 19,742 डिवाइस उपलब्ध कराई हैं।
हर साल कोहरे के मौसम से उत्तर भारत में ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है जिसके चलते आए दिन ट्रेन से टकरा कर मवेशी, लोग और वन्यजीव तक अपनी जान गवां देते हैं। इसकी रोकथाम के लिए रेलवे ने कोहरा चीरने वाली 19,742 फॉग सेफ डिवाइस भारतीय रेलवे को उपलब्ध कराई है।
इनमें से पूर्वाेत्तर रेलवे पर 1091 डिवाइस का प्रावधान किया गया जिनमें से इज्जतनगर मंडल को 268 डिवाइस उपलब्ध कराई गई हैं। यह डिवाइस लगने से ट्रेनों में विश्वसनीयता बढ़ने के साथ ही देरी से पहुंचने में कमी होगी और समग्र सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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इनसेट
500 मीटर पहले ही लैंडमार्क की मिल जाती है सूचना
काशीपुर। रेलवे के मुताबिक फॉग सेफ डिवाइस जीपीएस आधारित है। यह सभी तरह के सिंगल व डबल लाइन, विद्युतीकृत और गैर विद्युतीकृत रेल खंडों पर सभी प्रकार के बिजली व डीजल इंजनों आदि के लिए उपयुक्त है जो घने कोहरे में गाड़ी चलाने में काफी उपयोगी है। लोको पायलट को यह डिवाइस निर्धारित लैंड मार्क जैसे सिग्नल, समपार फाटक, स्थायी गति अवरोधक, न्यूट्रल सेक्शन की ऑन बोर्ड रियल टाइम इंफॉर्मेशन उपलब्ध कराता है। 500 मीटर के आगे आने वाले तीन निर्धारित लैंड मार्क की सूचना वॉयस मैसेज के साथ प्रदर्शित करता है।
18 घंटे का है बैटरी बैकअप
काशीपुर। रेलवे के मुताबिक इस डिवाइस में 18 घंटे के लिए इनबिल्ट रिचार्जेबल बैटरी बैकअप का प्रावधान किया गया है। यह डिवाइस आकार में छोटा, वजन में हल्का व मजबूत बनाया गया है। जिसे लोको पायलट अपनी ड्यूटी शुरू करने पर अपने साथ आसानी से इंजन तक ले जा सकते हैं। इसे इंजन के कैब डेस्क पर आसानी से रख सकता है।
- कोहरे के समय में दृश्यता कम होती है। आधुनिक फॉग सेफ डिवाइस की मदद से गाड़ियों का संचालन सुरक्षित एवं संरक्षित ढंग से किया जा रहा है। देशभर में करीब 11,000 ट्रेन संचालित होती हैं। यह डिवाइस ट्रेनों में लगाई जा चुकी है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे
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हर साल कोहरे के मौसम से उत्तर भारत में ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है जिसके चलते आए दिन ट्रेन से टकरा कर मवेशी, लोग और वन्यजीव तक अपनी जान गवां देते हैं। इसकी रोकथाम के लिए रेलवे ने कोहरा चीरने वाली 19,742 फॉग सेफ डिवाइस भारतीय रेलवे को उपलब्ध कराई है।
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इनमें से पूर्वाेत्तर रेलवे पर 1091 डिवाइस का प्रावधान किया गया जिनमें से इज्जतनगर मंडल को 268 डिवाइस उपलब्ध कराई गई हैं। यह डिवाइस लगने से ट्रेनों में विश्वसनीयता बढ़ने के साथ ही देरी से पहुंचने में कमी होगी और समग्र सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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इनसेट
500 मीटर पहले ही लैंडमार्क की मिल जाती है सूचना
काशीपुर। रेलवे के मुताबिक फॉग सेफ डिवाइस जीपीएस आधारित है। यह सभी तरह के सिंगल व डबल लाइन, विद्युतीकृत और गैर विद्युतीकृत रेल खंडों पर सभी प्रकार के बिजली व डीजल इंजनों आदि के लिए उपयुक्त है जो घने कोहरे में गाड़ी चलाने में काफी उपयोगी है। लोको पायलट को यह डिवाइस निर्धारित लैंड मार्क जैसे सिग्नल, समपार फाटक, स्थायी गति अवरोधक, न्यूट्रल सेक्शन की ऑन बोर्ड रियल टाइम इंफॉर्मेशन उपलब्ध कराता है। 500 मीटर के आगे आने वाले तीन निर्धारित लैंड मार्क की सूचना वॉयस मैसेज के साथ प्रदर्शित करता है।
18 घंटे का है बैटरी बैकअप
काशीपुर। रेलवे के मुताबिक इस डिवाइस में 18 घंटे के लिए इनबिल्ट रिचार्जेबल बैटरी बैकअप का प्रावधान किया गया है। यह डिवाइस आकार में छोटा, वजन में हल्का व मजबूत बनाया गया है। जिसे लोको पायलट अपनी ड्यूटी शुरू करने पर अपने साथ आसानी से इंजन तक ले जा सकते हैं। इसे इंजन के कैब डेस्क पर आसानी से रख सकता है।
- कोहरे के समय में दृश्यता कम होती है। आधुनिक फॉग सेफ डिवाइस की मदद से गाड़ियों का संचालन सुरक्षित एवं संरक्षित ढंग से किया जा रहा है। देशभर में करीब 11,000 ट्रेन संचालित होती हैं। यह डिवाइस ट्रेनों में लगाई जा चुकी है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे