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कांस्टेबल पर हमला करने के आरोपी हरियाणा के दुर्दांत हत्यारोपी निकले
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सितारगंज में घटना का खुलासा करते एसएसपी दलीप सिंह कुंवर व पीछे पुलिस हिरासत में बदमाश।
- फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। संदिग्ध कार पकड़ कर ला रहे कांस्टेबल पर हमला करने के आरोपी हरियाणा के कुख्यात हत्यारोपी निकले। हत्यारोपी अब तक तिहरे हत्याकांड समेत हत्या की नौ वारदातों को अंजाम दे चुके थे और उन पर 1.75 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने तीनों पर केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। बदमाशों को पकड़ने वाले आठ अफसर और पुलिस कर्मियों की टीम को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। एसएसपी ने पुलिस टीम को 2500 और एसपी सिटी ने 1500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
बुधवार को एसएसपी डीएस कुंवर ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि संदिग्धों की पड़ताल को लेकर चलाए अभियान के तहत मंगलवार को कोतवाल सलाहउद्दीन और एसएसआई सुधाकर जोशी टीम के साथ सत्यापन करने को रवाना हुए थे। पुलिस को अमरिया चौराहे पर एक संदिग्ध कार की सूचना मिली। पुलिस ने कार को रोककर पूछताछ की लेकिन कार में सवार बदमाशों ने पुलिस से हाथापाई शुरू कर दी और एक बदमाश ने तमंचा निकाल लिया। इस पर पुलिस के साथ गुत्थमगुत्था होने लगी। इसी बीच पीछे बैठा बदमाश कार से भाग निकला जबकि चालक धरा गया। पूछताछ में चालक नेे बताया कि उसका नाम ग्राम निन्दाना थाना माहम जिला रोहतक हरियाणा निवासी मोनू उर्फ सुक्खा है। तलाशी में मोनू के पास से 315 बोर का तमंचा और दो कारतूस मिले। मोनू ने बताया कि फरार आरोपी मउ लोखरी जिला गुरुग्राम हरियाणा का यशपाल है। दो अन्य साथी भी यहीं रह रहे हैं।
उसकी निशानदेही पर बाईपास कालोनी पहुंचे तो वहां किराए के मकान में रह रहे दोनों साथियों ने पुलिस से हाथापाई कर दी। पुलिस ने आपा नहीं खोया और दोनों को बल का प्रयोग कर धर लिया। पकड़े गए दोनों अभियुक्त ग्राम बुडका थाना बिलासपुर जिला गुरुग्राम निवासी पवन नेहरा और खुन्गई थाना झज्जर हरियाणा निवासी आशीष हैं। इन दोनों के पास भी तमंचे और कारतूस बरामद हुए। तीनों पर हत्या के करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं। तीनों अभियुक्त हरियाणा पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे थे। हरियाणा सरकार ने पवन नेहरा पर एक लाख, मोनू उर्फ सुक्खा पर 50 हजार और आशीष पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों पर धारा 332, 353 एवं 25 शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया। पुलिस टीम में एसआई संजीत कुमार, नरेंद्र यादव, जगदीश लोहनी, दीपक जोशी, रोहित गोस्वामी, मनोज जोशी आदि थे।
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हरियाणा के कालू गैंग के गुर्गे हैं सभी आरोपी
सितारगंज। तराई क्षेत्र में छिपे कुख्यात बदमाश हरियाणा के नामी कालू गैंग के गुर्गे हैं। कालू और जॉनी-मोनी गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। पकड़े गए तीनों बदमाशों ने अपनी गैंग के सरगना अशोक राठी की हत्या का बदला लेने के लिए जॉनी-मोनी गैंग के लीडर की हत्या की। इसके बाद सिलसिलेवार हत्याएं करते गए। कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में नाम कमा चुके इन तीनों बदमाशों पर हरियाणा सरकार ने पौने दो लाख का इनाम घोषित किया था।
एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया पवन नेहरा (23) ने अशोक राठी की मौत का बदला लेने के लिए छह फरवरी 2020 को जॉनी-मोनी गैंग के लीडर ललित उर्फ मोनी की हत्या की थी। इसके बाद जून में सोना थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या की। 20 अगस्त को गुरुग्राम के सेक्टर-09 में अनमोल, शशिकांत और समीर की हत्या कर दी। इससे पहले ग्राम छारा थाना मांडोठी जिला बहादुरगढ़ हरियाणा की महिला सोनिया पत्नी राजीव को मार दिया। इसके अलावा आशीष उर्फ जेडी ने ग्राम चिमनी थारा बेरी जिला झज्जर में दो सगे भाइयों की हत्या कर दी। दो मुकदमे जानलेवा हमले के चल रहे हैं। इनमें सिदरावली में साहिल नाम के युवक को पांच गोलियां मारी थी लेकिन साहिल बच गया था। गुरुग्राम में एक सिपाही को अपनी गोली का निशाना बनाया था। सिपाही की भी जान बच गई थी।
हत्यारोपी मोनू उर्फ सुक्खा पर भी तीन मामले दर्ज हैं। इनमें मोनू जॉनी-मोनी गैंग के लीडर ललित उर्फ मोनी की हत्या और सेक्टर-09 के तिहरे हत्याकांड में शामिल था। कोटकासिम जिला अलवर में जितेंद्र उर्फ टिल्लू की हत्या की थी। पूछताछ में तीनों बदमाशों ने बताया कि वह अशोक राठी के लिए काम करते थे लेकिन जॉनी-मोनी गैंग ने उनकी हत्या कर दी और फिर बदला लेने के लिए उन्होंने उस गैंग के गुर्गों को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया। हरियाणा पुलिस के शिकंजा कसने पर ये लोग वहां से वह भाग गए और छिपने के लिए उन्होंने यहां अपने साथी यशपाल के परिचित रुद्रपुर निवासी मनप्रीत सिंह की मार्फत किराए पर कमरा लिया।
फरार यशपाल और मनप्रीत के सीने में दफन हैं कई राज
सितारगंज। पुलिस ने कालू गैंग के तीन गुर्गों को पकड़ने में सफलता तो हासिल कर ली लेकिन यह तीनों बदमाश सच में यहां शरण लेने आए थे या फिर किसी वारदात को अंजाम देना था। अभी तक पुलिस की कहानी में तो तीनों के यहां छिपने की बात ही सामने आई। रुद्रपुर निवासी मनप्रीत सिंह और फरार यशपाल के सीने में कई राज दफन हैं। पुलिस अब यशपाल और मनप्रीत तक पहुंचने के लिए दबिशें दे रही है।
मनप्रीत के खिलाफ भी केस दर्ज
सितारगंज। पुलिस ने बदमाशों को आश्रय देने के आरोप में फरार मनप्रीत सिंह पर धारा 212 में केस दर्ज किया है। कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि मनप्रीत सिंह की यशपाल से पहचान है और यशपाल अपने इन तीन साथियों को लेकर यहां आया था। चारों को मनप्रीत ने वार्ड सात निवासी जसकरन सिंह के मकान में रुकवाया था। 14 नवंबर से यह लोग यहां रह रहे थे और अब इन्होंने यहां से नैनीताल जाना था। दोनों की तलाश में टीम लगाई गई हैं। इधर, पुलिस ने बिना सत्यापन के मकान किराये पर देने वाले बिल्डर जसकरन सिंह पर पुलिस एक्ट में चालान कर दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला।
निहत्थे सिपाही नरेंद्र की बहादुरी के चर्चे हर जुबान पर
सितारगंज। चीता मोबाइल पर ड्यूटी कर रहे नरेंद्र यादव और जगदीश लोहनी निहत्थे ही संदिग्ध कार के पीछे चल दिए। नरेंद्र की कार में बैठे बदमाशों से गुत्थमगुत्था हुई तो उसने भी बदमाशों के पसीने छुड़ा दिए और एक बदमाश को दबोचने में सफलता हासिल की। नरेंद्र की बहादुरी की विभाग में काफी चर्चा है। संवाद
राजस्थान से यहां आए थे बदमाश
सितारगंज। तिहरे हत्याकांड के बाद बदमाश राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे थे। जब उन्हें लगा कि अब राजस्थान में रहना खतरे से कम नहीं है तो उन्होंने ठिकाना बदलने की ठान ली और फिर यहां रहने लगे। संवाद
चोरी की नहीं, मनप्रीत ने दी थी कार
सितारगंज। पुलिस की जांच में बदमाशों से बरामद कार चोरी की नहीं बल्कि मनप्रीत सिंह की ओर से दिया जाना सामने आया। कोतवाल ने बताया कि बदमाश कार को मनप्रीत की ओर से दिए जाने की बात बता रहे हैं लेकिन यह कार मनप्रीत के नाम पर न होने से चोरी का शक हुआ। जांच में अभी तक कार का चोरी होना सामने नहीं आया।
पवन नेहरा ने की हैं नौ हत्याएं
सितारगंज। हरियाणा में कालू गैंग की तरफ से हत्याएं करने वाले इन बदमाशों में पवन नेहरा नौ हत्याओं में शामिल रहा है। इनमें अकेले छह हत्याएं उसने खुद की हैं। पवन नेहरा हाईस्कूल और इंटर के साथ ही बीएससी में टॉपर रहा है लेकिन वह कॅरिअर बनाने की जगह कालू गैंग से जुड़ गया।
हरियाणा की क्राइम ब्रांच पहुंची कोतवाली
सितारगंज। बदमाशों को पकड़ने के बाद हरियाणा क्राइम ब्रांच की टीम भी कोतवाली पहुंची। क्राइम ब्रांच के एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि सेक्टर-17 ए पुलिस स्टेशन क्षेत्र में तिहरे हत्याकांड की वह विवेचना कर रहे हैं। हत्यारोपियों के पकड़े जाने की सूचना पर वह भी टीम के साथ जांच करने आए हैं। टीम में हेड कांस्टेबल नीरज कुमार, सुरेंद्र सिंह, दीपक आदि थे।
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बुधवार को एसएसपी डीएस कुंवर ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि संदिग्धों की पड़ताल को लेकर चलाए अभियान के तहत मंगलवार को कोतवाल सलाहउद्दीन और एसएसआई सुधाकर जोशी टीम के साथ सत्यापन करने को रवाना हुए थे। पुलिस को अमरिया चौराहे पर एक संदिग्ध कार की सूचना मिली। पुलिस ने कार को रोककर पूछताछ की लेकिन कार में सवार बदमाशों ने पुलिस से हाथापाई शुरू कर दी और एक बदमाश ने तमंचा निकाल लिया। इस पर पुलिस के साथ गुत्थमगुत्था होने लगी। इसी बीच पीछे बैठा बदमाश कार से भाग निकला जबकि चालक धरा गया। पूछताछ में चालक नेे बताया कि उसका नाम ग्राम निन्दाना थाना माहम जिला रोहतक हरियाणा निवासी मोनू उर्फ सुक्खा है। तलाशी में मोनू के पास से 315 बोर का तमंचा और दो कारतूस मिले। मोनू ने बताया कि फरार आरोपी मउ लोखरी जिला गुरुग्राम हरियाणा का यशपाल है। दो अन्य साथी भी यहीं रह रहे हैं।
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हरियाणा के कालू गैंग के गुर्गे हैं सभी आरोपी
सितारगंज। तराई क्षेत्र में छिपे कुख्यात बदमाश हरियाणा के नामी कालू गैंग के गुर्गे हैं। कालू और जॉनी-मोनी गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। पकड़े गए तीनों बदमाशों ने अपनी गैंग के सरगना अशोक राठी की हत्या का बदला लेने के लिए जॉनी-मोनी गैंग के लीडर की हत्या की। इसके बाद सिलसिलेवार हत्याएं करते गए। कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में नाम कमा चुके इन तीनों बदमाशों पर हरियाणा सरकार ने पौने दो लाख का इनाम घोषित किया था।
एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया पवन नेहरा (23) ने अशोक राठी की मौत का बदला लेने के लिए छह फरवरी 2020 को जॉनी-मोनी गैंग के लीडर ललित उर्फ मोनी की हत्या की थी। इसके बाद जून में सोना थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या की। 20 अगस्त को गुरुग्राम के सेक्टर-09 में अनमोल, शशिकांत और समीर की हत्या कर दी। इससे पहले ग्राम छारा थाना मांडोठी जिला बहादुरगढ़ हरियाणा की महिला सोनिया पत्नी राजीव को मार दिया। इसके अलावा आशीष उर्फ जेडी ने ग्राम चिमनी थारा बेरी जिला झज्जर में दो सगे भाइयों की हत्या कर दी। दो मुकदमे जानलेवा हमले के चल रहे हैं। इनमें सिदरावली में साहिल नाम के युवक को पांच गोलियां मारी थी लेकिन साहिल बच गया था। गुरुग्राम में एक सिपाही को अपनी गोली का निशाना बनाया था। सिपाही की भी जान बच गई थी।
हत्यारोपी मोनू उर्फ सुक्खा पर भी तीन मामले दर्ज हैं। इनमें मोनू जॉनी-मोनी गैंग के लीडर ललित उर्फ मोनी की हत्या और सेक्टर-09 के तिहरे हत्याकांड में शामिल था। कोटकासिम जिला अलवर में जितेंद्र उर्फ टिल्लू की हत्या की थी। पूछताछ में तीनों बदमाशों ने बताया कि वह अशोक राठी के लिए काम करते थे लेकिन जॉनी-मोनी गैंग ने उनकी हत्या कर दी और फिर बदला लेने के लिए उन्होंने उस गैंग के गुर्गों को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया। हरियाणा पुलिस के शिकंजा कसने पर ये लोग वहां से वह भाग गए और छिपने के लिए उन्होंने यहां अपने साथी यशपाल के परिचित रुद्रपुर निवासी मनप्रीत सिंह की मार्फत किराए पर कमरा लिया।
फरार यशपाल और मनप्रीत के सीने में दफन हैं कई राज
सितारगंज। पुलिस ने कालू गैंग के तीन गुर्गों को पकड़ने में सफलता तो हासिल कर ली लेकिन यह तीनों बदमाश सच में यहां शरण लेने आए थे या फिर किसी वारदात को अंजाम देना था। अभी तक पुलिस की कहानी में तो तीनों के यहां छिपने की बात ही सामने आई। रुद्रपुर निवासी मनप्रीत सिंह और फरार यशपाल के सीने में कई राज दफन हैं। पुलिस अब यशपाल और मनप्रीत तक पहुंचने के लिए दबिशें दे रही है।
मनप्रीत के खिलाफ भी केस दर्ज
सितारगंज। पुलिस ने बदमाशों को आश्रय देने के आरोप में फरार मनप्रीत सिंह पर धारा 212 में केस दर्ज किया है। कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि मनप्रीत सिंह की यशपाल से पहचान है और यशपाल अपने इन तीन साथियों को लेकर यहां आया था। चारों को मनप्रीत ने वार्ड सात निवासी जसकरन सिंह के मकान में रुकवाया था। 14 नवंबर से यह लोग यहां रह रहे थे और अब इन्होंने यहां से नैनीताल जाना था। दोनों की तलाश में टीम लगाई गई हैं। इधर, पुलिस ने बिना सत्यापन के मकान किराये पर देने वाले बिल्डर जसकरन सिंह पर पुलिस एक्ट में चालान कर दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला।
निहत्थे सिपाही नरेंद्र की बहादुरी के चर्चे हर जुबान पर
सितारगंज। चीता मोबाइल पर ड्यूटी कर रहे नरेंद्र यादव और जगदीश लोहनी निहत्थे ही संदिग्ध कार के पीछे चल दिए। नरेंद्र की कार में बैठे बदमाशों से गुत्थमगुत्था हुई तो उसने भी बदमाशों के पसीने छुड़ा दिए और एक बदमाश को दबोचने में सफलता हासिल की। नरेंद्र की बहादुरी की विभाग में काफी चर्चा है। संवाद
राजस्थान से यहां आए थे बदमाश
सितारगंज। तिहरे हत्याकांड के बाद बदमाश राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे थे। जब उन्हें लगा कि अब राजस्थान में रहना खतरे से कम नहीं है तो उन्होंने ठिकाना बदलने की ठान ली और फिर यहां रहने लगे। संवाद
चोरी की नहीं, मनप्रीत ने दी थी कार
सितारगंज। पुलिस की जांच में बदमाशों से बरामद कार चोरी की नहीं बल्कि मनप्रीत सिंह की ओर से दिया जाना सामने आया। कोतवाल ने बताया कि बदमाश कार को मनप्रीत की ओर से दिए जाने की बात बता रहे हैं लेकिन यह कार मनप्रीत के नाम पर न होने से चोरी का शक हुआ। जांच में अभी तक कार का चोरी होना सामने नहीं आया।
पवन नेहरा ने की हैं नौ हत्याएं
सितारगंज। हरियाणा में कालू गैंग की तरफ से हत्याएं करने वाले इन बदमाशों में पवन नेहरा नौ हत्याओं में शामिल रहा है। इनमें अकेले छह हत्याएं उसने खुद की हैं। पवन नेहरा हाईस्कूल और इंटर के साथ ही बीएससी में टॉपर रहा है लेकिन वह कॅरिअर बनाने की जगह कालू गैंग से जुड़ गया।
हरियाणा की क्राइम ब्रांच पहुंची कोतवाली
सितारगंज। बदमाशों को पकड़ने के बाद हरियाणा क्राइम ब्रांच की टीम भी कोतवाली पहुंची। क्राइम ब्रांच के एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि सेक्टर-17 ए पुलिस स्टेशन क्षेत्र में तिहरे हत्याकांड की वह विवेचना कर रहे हैं। हत्यारोपियों के पकड़े जाने की सूचना पर वह भी टीम के साथ जांच करने आए हैं। टीम में हेड कांस्टेबल नीरज कुमार, सुरेंद्र सिंह, दीपक आदि थे।