{"_id":"57bc95374f1c1b2926d4fcfd","slug":"the-student-mobilization-to-start-a-teaching-job","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षण कार्य शुरू कराने को लामबंद हुए विद्याथी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षण कार्य शुरू कराने को लामबंद हुए विद्याथी
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
पंतनगर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले आठ दिन से ठप पठन पाठन को शुरू कराने और कुलपति का इस्तीफा वापस कराने के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भी लामबंद हो गए हैं। उन्होंने तराई भवन पहुंचकर कुलपति से इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया। इस बीच शिक्षक समिति के सदस्यों की विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के साथ समस्याओं पर वार्ता भी हुई।
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने गांधी मैदान में एकत्र होकर अपनी पढ़ाई के हो रहे नुकसान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे दूर दराज क्षेत्रों से पंतनगर पढ़ने आए हैं। शिक्षक आंदोलन के कारण उनकी पढ़ाई चौपट हो रही है। कुलपति के जाने से स्थिति और खराब होगी।
विज्ञापन
गांधी मैदान में सभा करने के बाद विद्यार्थी कुलपति निवास तराई भवन पहुंचे। उन्होंने कुलपति से अनुरोध किया कि वह अपना इस्तीफा वापस लेकर विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए पहले की तरह काम करें। वे उनके साथ हैं। उन्होंने कुलपति को बताया कि शिक्षक हड़ताल से उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इसलिए शिक्षण कार्य शुरू होना चाहिए। कुलपति ने विद्यार्थियों को समझाया कि वे गुरुजनों का हमेशा आदर करें।
विज्ञापन
आंदोलन की राह पर गए गुरुजनों को समझाएं। उन्होंने कहा कि सब कुछ शीघ्र ही ठीक हो जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कक्षाएं न होने तक वे पुस्तकालय में बैठकर अध्ययन जारी रखें। इस बीच कुलपति द्वारा गठित वार्ता समिति के साथ हड़ताली शिक्षकों के प्रतिनिधियों की वार्ता हुई। देर रात तक चली वार्ता में सभी 21 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
अध्यक्ष डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि वार्ता का पूर्ण विवरण बुधवार को शिक्षकों की आम सभा में रखकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षक समिति ने किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा है। यदि कोई इस्तीफा देता है तो यह उसकी अपनी इच्छा है।
कुलपति अपने आंसू नहीं रोक सके
तराई भवन पहुंचे विद्यार्थियों की बातें सुनकर कुलपति डॉ. मंगला राय भावुक हो गए। विद्यार्थियों से बातें करते हुए उनके आंसू छलक पड़े। वह विद्यार्थियों से बातें करने के तुरंत बाद अंदर चले गए और फिर बाहर नहीं आए। यह नजारा देख वहां मौजूद विद्यार्थी एवं अधिकारी भी भावुक हो गए। सभी कुलपति के इस्तीफे को विश्वविद्यालय के लिए अहितकर बताने लगे।