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देश का नाम रोशन करने की प्रेरणा देती थी पूजा
अमर उजाला ब्यूरो बाजपुर
Updated Tue, 02 Aug 2016 01:26 AM IST
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काशीपुर में राष्ट्रीय एथलीट पूजा को श्रद्धांजलि देते खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय एथलीट पूजा कुमारी की हादसे में मौत से साथी खिलाड़ियों को गहरा धक्का लगा है। खिलाड़ियों के जेहन में केवल पूजा की स्मृतियां ही शेष हैं। रुंधे गले से खिलाड़ियों ने कहा कि अच्छा खिलाड़ी बनने और देश का नाम रोशन करने की प्रेरणा देने वाली दीदी (पूजा) का यूं ही चले जाने का दुख उन्हें हमेशा सालता रहेगा। वे तो दीदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते देखने की उम्मीद बांधे थे, लेकिन भगवान को शायद यह मंजूर नहीं था।
सोमवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स की प्रैक्टिस करने आई खिलाड़ियों के चेहरे पर पूजा की मौत का दुख साफ झलक रहा था। पूजा के साथ प्रैक्टिस कर चुकी एथलीट लक्ष्मी गर्ग ने बताया कि उसने पूजा दीदी के साथ स्टेडियम में करीब 3 साल तक प्रैक्टिस की थी। वह दीदी का स्टेपल चेज की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनने का अधूरा सपना पूरा करेगी। दीदी कड़ी मेहनत करने के बाद इस मुकाम पर पहुंची थी। दुख है कि वह अपनी मंजिल हासिल नहीं कर सकी।
वह उनके साथ हैदराबाद, रांची और हिमाचल मेें उनके साथ खेलने गई थी। एथलीट अनीता ने बताया कि पूजा दीदी खुद भी खेलती थी और हमें भी सिखाती थी। वह उनके साथ रांची नेशनल जूनियर 2014 में खेलने गई थी। वह हमेशा खिलाड़ियों को अच्छी राह और मेहनत करने के लिए प्रेरणा देती रहती थी। उनको कभी भी नहीं भुलाया जा सकता है। एथलीट फातिमा ने बताया कि पूजा दीदी काफी कठिन मेहनत करती थी। इसी का नतीजा रहा कि उनकी सेलेक्शन भोपाल में साईं अकादमी के लिए हो गया था।
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उनका सपना अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनने का था। उसने पूजा के साथ 6 साल तक एथलेटिक्स की प्रैक्टिस की थी। उनका व्यवहार बहुत अच्छा और हमेशा जूनियर खिलाड़ियों को प्रेरणा देने वाला रहता था। वह हिमाचल और रांची में उनके साथ खेलने गई थी। उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी। उन्होंने कहा कि पूजा की मौत से देश ने एक बेहतरीन एथलीट खो दिया है।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में पूर्वाभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के साथ कोच भी एथलीट पूजा कुमारी की मौत से बेहद दुखी थे। सभी ने शोकसभा कर दो मिनट का मौन रखकर पूजा को श्रद्धांजलि दी। पूजा को याद करते हुए कोच भी भावुक हो गए थे। उन्होंने पूजा के बारे में खिलाड़ियों को जानकारी भी दी।
शोक की वजह से खिलाड़ियों ने प्रैक्टिस भी नहीं की। इस मौके पर उप क्रीड़ाधिकारी निर्मला पंत, साईं के एथलेटिक्स कोच चंदन सिंह नेगी, उत्तराखंड एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष विजेंद्र चौधरी, बाक्सिंग कोच हरजिंदर सिंह संधू, महेश नेगी, बीएस नेगी, रूपेश यादव आदि मौजूद रहे ।
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सोमवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स की प्रैक्टिस करने आई खिलाड़ियों के चेहरे पर पूजा की मौत का दुख साफ झलक रहा था। पूजा के साथ प्रैक्टिस कर चुकी एथलीट लक्ष्मी गर्ग ने बताया कि उसने पूजा दीदी के साथ स्टेडियम में करीब 3 साल तक प्रैक्टिस की थी। वह दीदी का स्टेपल चेज की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनने का अधूरा सपना पूरा करेगी। दीदी कड़ी मेहनत करने के बाद इस मुकाम पर पहुंची थी। दुख है कि वह अपनी मंजिल हासिल नहीं कर सकी।
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वह उनके साथ हैदराबाद, रांची और हिमाचल मेें उनके साथ खेलने गई थी। एथलीट अनीता ने बताया कि पूजा दीदी खुद भी खेलती थी और हमें भी सिखाती थी। वह उनके साथ रांची नेशनल जूनियर 2014 में खेलने गई थी। वह हमेशा खिलाड़ियों को अच्छी राह और मेहनत करने के लिए प्रेरणा देती रहती थी। उनको कभी भी नहीं भुलाया जा सकता है। एथलीट फातिमा ने बताया कि पूजा दीदी काफी कठिन मेहनत करती थी। इसी का नतीजा रहा कि उनकी सेलेक्शन भोपाल में साईं अकादमी के लिए हो गया था।
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उनका सपना अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनने का था। उसने पूजा के साथ 6 साल तक एथलेटिक्स की प्रैक्टिस की थी। उनका व्यवहार बहुत अच्छा और हमेशा जूनियर खिलाड़ियों को प्रेरणा देने वाला रहता था। वह हिमाचल और रांची में उनके साथ खेलने गई थी। उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी। उन्होंने कहा कि पूजा की मौत से देश ने एक बेहतरीन एथलीट खो दिया है।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में पूर्वाभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के साथ कोच भी एथलीट पूजा कुमारी की मौत से बेहद दुखी थे। सभी ने शोकसभा कर दो मिनट का मौन रखकर पूजा को श्रद्धांजलि दी। पूजा को याद करते हुए कोच भी भावुक हो गए थे। उन्होंने पूजा के बारे में खिलाड़ियों को जानकारी भी दी।
शोक की वजह से खिलाड़ियों ने प्रैक्टिस भी नहीं की। इस मौके पर उप क्रीड़ाधिकारी निर्मला पंत, साईं के एथलेटिक्स कोच चंदन सिंह नेगी, उत्तराखंड एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष विजेंद्र चौधरी, बाक्सिंग कोच हरजिंदर सिंह संधू, महेश नेगी, बीएस नेगी, रूपेश यादव आदि मौजूद रहे ।