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Udham Singh Nagar News: थारू जनजाति पर्यटन के लिए संवर रहा सैंजना
Sun, 13 Aug 2023 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 13 Aug 2023 11:12 PM IST
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हिमांशु जोशी, परियोजना निदेशक।
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से एक करोड़ 60 लाख रुपये ग्रामीण निर्माण विभाग को दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। खटीमा के सैंजना गांव में थारू जनजाति पर्यटन को विकसित करने के लिए पांच हट्स, मोटर वाहन पार्किंग, भित्ति चित्र, महिलाओं के लिए वर्क शेड और रेस्टोरेंट निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। तीन साल पहले सैंजना में सिर्फ चहारदीवारी ही बनी थी, अब ग्राम्य विकास विभाग ने निर्माणदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग को एक करोड़ 60 लाख रुपये का बजट दिया है।
खटीमा में पर्यटन की दृष्टि से रुर्बन क्लस्टर योजना के तहत थारू जनजाति के सात गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने की योजना बनाई गई है। पहेनिया, सैंजना, कुटरा, भूरा किशनी, भुड़िया थारू, सबौरा, फुलैया गांव के लोगों को सड़क, नालियों, स्कूल में स्मार्ट क्लास, मोबाइल हेल्थ यूनिट, सीएससी की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीणों को तकनीकी कृषि क्षेत्र में भी विकसित किया जा रहा है।
सैंजना में बन रहे वर्क शेड में थारू जनजाति महिलाओं की ओर से मूंज घास से तैयार किए गए होम डेकोर, रसोई समेत विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों को विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। बीते तीन वर्षों में सैंजना गांव में सिर्फ 35 लाख रुपये के बजट से बाउंड्री वॉल, मुख्य गेट और मिट्टी भरान ही किया गया था। अब ग्राम्य विकास विभाग की ओर से आरडब्ल्यूडी को बजट दे दिया गया है। आरडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि सैंजना में हट्स व रेस्टोरेेंट आदि का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
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कोट-
थारू जनजाति के पर्यटन को देखने के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के साथ ही कई नामी संस्थानों के विद्यार्थी भी आएंगे। पर्यटक थारू जनजाति की संस्कृति भी सीखेंगे। मॉडल सिटी की तरह ही जल्द ही खटीमा के सात गांव स्मार्ट विलेज कहलाएंगे।-हिमांशु जोशी, परियोजना निदेशक,ग्राम्य विकास विभाग।
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रुद्रपुर। खटीमा के सैंजना गांव में थारू जनजाति पर्यटन को विकसित करने के लिए पांच हट्स, मोटर वाहन पार्किंग, भित्ति चित्र, महिलाओं के लिए वर्क शेड और रेस्टोरेंट निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। तीन साल पहले सैंजना में सिर्फ चहारदीवारी ही बनी थी, अब ग्राम्य विकास विभाग ने निर्माणदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग को एक करोड़ 60 लाख रुपये का बजट दिया है।
खटीमा में पर्यटन की दृष्टि से रुर्बन क्लस्टर योजना के तहत थारू जनजाति के सात गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने की योजना बनाई गई है। पहेनिया, सैंजना, कुटरा, भूरा किशनी, भुड़िया थारू, सबौरा, फुलैया गांव के लोगों को सड़क, नालियों, स्कूल में स्मार्ट क्लास, मोबाइल हेल्थ यूनिट, सीएससी की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीणों को तकनीकी कृषि क्षेत्र में भी विकसित किया जा रहा है।
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सैंजना में बन रहे वर्क शेड में थारू जनजाति महिलाओं की ओर से मूंज घास से तैयार किए गए होम डेकोर, रसोई समेत विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों को विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। बीते तीन वर्षों में सैंजना गांव में सिर्फ 35 लाख रुपये के बजट से बाउंड्री वॉल, मुख्य गेट और मिट्टी भरान ही किया गया था। अब ग्राम्य विकास विभाग की ओर से आरडब्ल्यूडी को बजट दे दिया गया है। आरडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि सैंजना में हट्स व रेस्टोरेेंट आदि का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
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थारू जनजाति के पर्यटन को देखने के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के साथ ही कई नामी संस्थानों के विद्यार्थी भी आएंगे। पर्यटक थारू जनजाति की संस्कृति भी सीखेंगे। मॉडल सिटी की तरह ही जल्द ही खटीमा के सात गांव स्मार्ट विलेज कहलाएंगे।-हिमांशु जोशी, परियोजना निदेशक,ग्राम्य विकास विभाग।