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चैती मेले की टेंडर प्रक्रिया टली
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काशीपुर चैती मेले की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेते व्यापारी।
- फोटो : KASHIPUR
13 अप्रैल से शुरू होने जा रहे चैती मेले के लिए पर्याप्त संख्या में निविदाएं न आने से टेंडर प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। यह प्रक्रिया अब पुन: शुरू की जाएगी। व्यापारियों ने टेंडर की शर्तों का विरोध करते हुए मेला अवधि बढ़ाने और टेंडर की राशि का भुगतान किश्तों में किए जाने की मांग की।
चैती मेले का सरकारीकरण होने के बाद मेला दूसरी बार टेंडर के आधार पर लगना है। पिछले वर्ष कोरोना के कारण मेला नही लग सका था। इस साल जिला प्रशासन ने मेला लगाने की अनुमति दे दी है। मेले में लगने वाले झूले, खेल तमाशे, सर्कस, बिजली व साउंड व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, दुकानों की स्थापना और तहबाजारी के लिए निविदाएं मांगी गई थी। ये निविदाएं शुक्रवार को आमंत्रित की गई थी। इस दौरान दिल्ली और देहरादून से व्यापारी टेंडर डालने पहुंचे लेकिन टेंडर की शर्तों को देखते हुए उन्होंने हाथ खड़े कर दिए।
व्यापारियों ने मेला अधिकारी/एसडीएम गौरव कुमार को पत्र देकर कहा कि सामान्यत: मेले की अवधि करीब एक माह तक रहती है जबकि इस बार मेले की अवधि मात्र 12 दिन रखी गई है। इसे बढ़ाकर 10 मई तक की जाए। कोरोना संक्रमण की संभावना को देखते हुए व्यापारियों ने टेंडर राशि का भुगतान प्रतिदिन के हिसाब से लेने की मांग रखी।
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उन्होंने कोविड को देखते हुए न्यूनतम निविदा राशि आधी करने की मांग रखी। पत्र देने वालो में वंदना अग्निहोत्री, विजय मेहरोत्रा, सरिता गुप्ता, दलीप, विनोद और मदन सिंह आदि थे। व्यापारियों के विरोध के चलते पर्याप्त संख्या में निविदाएं नहीं आ सकी। तहसीलदार वीसी पंत ने बताया कि निविदाओं की अंतिम तिथि 31 मार्च नियत की गई है।
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चैती मेले का सरकारीकरण होने के बाद मेला दूसरी बार टेंडर के आधार पर लगना है। पिछले वर्ष कोरोना के कारण मेला नही लग सका था। इस साल जिला प्रशासन ने मेला लगाने की अनुमति दे दी है। मेले में लगने वाले झूले, खेल तमाशे, सर्कस, बिजली व साउंड व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, दुकानों की स्थापना और तहबाजारी के लिए निविदाएं मांगी गई थी। ये निविदाएं शुक्रवार को आमंत्रित की गई थी। इस दौरान दिल्ली और देहरादून से व्यापारी टेंडर डालने पहुंचे लेकिन टेंडर की शर्तों को देखते हुए उन्होंने हाथ खड़े कर दिए।
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व्यापारियों ने मेला अधिकारी/एसडीएम गौरव कुमार को पत्र देकर कहा कि सामान्यत: मेले की अवधि करीब एक माह तक रहती है जबकि इस बार मेले की अवधि मात्र 12 दिन रखी गई है। इसे बढ़ाकर 10 मई तक की जाए। कोरोना संक्रमण की संभावना को देखते हुए व्यापारियों ने टेंडर राशि का भुगतान प्रतिदिन के हिसाब से लेने की मांग रखी।
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उन्होंने कोविड को देखते हुए न्यूनतम निविदा राशि आधी करने की मांग रखी। पत्र देने वालो में वंदना अग्निहोत्री, विजय मेहरोत्रा, सरिता गुप्ता, दलीप, विनोद और मदन सिंह आदि थे। व्यापारियों के विरोध के चलते पर्याप्त संख्या में निविदाएं नहीं आ सकी। तहसीलदार वीसी पंत ने बताया कि निविदाओं की अंतिम तिथि 31 मार्च नियत की गई है।