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Udham Singh Nagar News: पापा! मुझे भूल जाओ मैं अच्छा लड़का नहीं बन सका
Sun, 04 Jun 2023 11:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 04 Jun 2023 11:50 PM IST
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रुद्रपुर। पापा! मुझे भूल जाओ मैं अच्छा लड़का नहीं बन सका... ये मैसेज शहर से लापता हुए एक निजी स्कूल के शिक्षक का है, जो उसने अपने पिता को व्हाट्सएप पर भेजा है। ऑनलाइन खेल में लाखों रुपये हार जाने के बाद शिक्षक लापता हो गया। उसकी मां ने पुलिस को तहरीर सौंप कर उसे खोजने की गुहार लगाई। डेढ़ माह पहले भी वह इसी कारण के चलते वह लापता हुआ था।
एक गांव निवासी युवक निजी स्कूल में शिक्षक पद पर तैनात है। शनिवार सुबह वह स्कूटी लेकर अचानक लापता हो गया। परिजनों का कहना है कि उसने काम पर जाने की बात की थी और इसके बाद वह देर शाम तक नहीं लौटा। बताया जा रहा है कि वह ऑनलाइन खेल खेलता था और वह उसमें लाखों रुपये गंवा चुका है। इसी वजह से तनाव में रहने लगा था। उसने अपने पिता के व्हाट्सएप में एक मैसेज भेजा है, जिसमें उसने लिखा है कि घरवाले उसे भूल जाएं। वह अच्छा लड़का नहीं बन सका। उसने लिखा है कि उससे अच्छी उसकी बहनें हैं और घर वाले समझे कि वह मर गया है। मैसेज आने के बाद आनन-फानन में घर वालों ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर सौंपी। पुलिस ने उसकी लोकेशन खंगाली तो वह मुरादाबाद निकली। ऑनलाइन खेल खेलने की चक्कर में डेढ़ माह पहले भी शिक्षक लापता हुआ था और वह शहर के नजदीक एक जंगल में मिला था। पुलिस ने उसे बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया था। एसएचओ विक्रम राठौर का कहना है कि शिक्षक की लोकेशन मिल गई है और पुलिस टीम को भेजा जा रहा है।
ऑनलाइन खेल भी साइबर ठगी का जरिया हो चुके हैं। बिना जांच के ऐसे एप को कोई अपने फोन में इंस्टाल न करें। देश में जुआ खेलना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऑनलाइन खेल के नाम पर चल रहे ऑनलाइन एप लोगों को झांसे में ले कर ठग रहे हैं। यदि ऐसी कोई घटना होती है 1930 और साइबर थाने में इसकी शिकायत जरूर करें। इसमें निराश होने की जरूरत नहीं है। - सुमित पांडेय सीओ साइबर
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एक गांव निवासी युवक निजी स्कूल में शिक्षक पद पर तैनात है। शनिवार सुबह वह स्कूटी लेकर अचानक लापता हो गया। परिजनों का कहना है कि उसने काम पर जाने की बात की थी और इसके बाद वह देर शाम तक नहीं लौटा। बताया जा रहा है कि वह ऑनलाइन खेल खेलता था और वह उसमें लाखों रुपये गंवा चुका है। इसी वजह से तनाव में रहने लगा था। उसने अपने पिता के व्हाट्सएप में एक मैसेज भेजा है, जिसमें उसने लिखा है कि घरवाले उसे भूल जाएं। वह अच्छा लड़का नहीं बन सका। उसने लिखा है कि उससे अच्छी उसकी बहनें हैं और घर वाले समझे कि वह मर गया है। मैसेज आने के बाद आनन-फानन में घर वालों ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर सौंपी। पुलिस ने उसकी लोकेशन खंगाली तो वह मुरादाबाद निकली। ऑनलाइन खेल खेलने की चक्कर में डेढ़ माह पहले भी शिक्षक लापता हुआ था और वह शहर के नजदीक एक जंगल में मिला था। पुलिस ने उसे बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया था। एसएचओ विक्रम राठौर का कहना है कि शिक्षक की लोकेशन मिल गई है और पुलिस टीम को भेजा जा रहा है।
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ऑनलाइन खेल भी साइबर ठगी का जरिया हो चुके हैं। बिना जांच के ऐसे एप को कोई अपने फोन में इंस्टाल न करें। देश में जुआ खेलना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऑनलाइन खेल के नाम पर चल रहे ऑनलाइन एप लोगों को झांसे में ले कर ठग रहे हैं। यदि ऐसी कोई घटना होती है 1930 और साइबर थाने में इसकी शिकायत जरूर करें। इसमें निराश होने की जरूरत नहीं है। - सुमित पांडेय सीओ साइबर
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