किच्छा डबल मर्डर केस: पत्नी और बहू की हत्या के आरोपी सौतेले पिता को आजीवन कारावास, 2018 में पहले की थी हत्या
रुद्रपुर अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी संगीता आर्य की अदालत ने वर्ष 2018 के किच्छा सास-बहू डबल मर्डर केस के आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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रुद्रपुर अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी संगीता आर्य की अदालत ने वर्ष 2018 किच्छा में हुए सास-बहू डबल मर्डर केस के आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं दुष्कर्म के आरोप में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उसे इस आरोप से दोषमुक्त किया है।
वर्ष 2018 में किच्छा निवासी मंजीत सिंह ने कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करवाते हुए बताया था कि पिता की मौत के बाद उसकी मां ने अवतार सिंह से दूसरी शादी की थी। आरोप था कि 26 दिसंबर मंजीत सिंह वैष्णो देवी यात्रा पर गया हुआ था। घर में उसकी पत्नी और मां मौजूद थीं। इसी दौरान उसके सौतेले पिता अवतार सिंह ने दोनों की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद घर पर बाहर से ताला लगाया और चाबी पड़ोसी को देकर फरार हो गया। यह भी आरोप था कि आरोपी ने अपनी बहु का पहले गला दबाया और जब वह बेहोश हो गई तो उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की और मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी संगीता आर्य की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाह और घटनास्थल से मिले तार, खून लगे कपड़े, डीएनए और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को पेश किया। अदालत में सामने आया था कि आरोपी ने पारिवारिक कलह के बाद दोनों की हत्या की थी जिसके तहत आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई। अगर आरोपी जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करता है तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
हत्या के बाद बेटी के घर छिपाए गहने, एक महीने बाद गिरफ्तारी
मामला सिर्फ दो मौतों तक सीमित नहीं रहा। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने मृतकों के गहने उतारकर कपड़े के बैग में रखे और उन्हें अपनी बेटी के घर छिपा दिया था। वारदात के बाद वह घर पर ताला लगाकर चाबी पड़ोसी को सौंपकर निकल गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। 10 जनवरी 2019 की शाम पुलिस टीम ने सिडकुल तिराहा, रुद्रपुर के पास घेराबंदी कर अवतार सिंह को गिरफ्तार किया।