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राज्य आंदोलनकारी राजू भंडारी ने लौटाया अपना परिचय पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
Updated Fri, 04 Mar 2016 12:07 AM IST
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राज्य सरकार पर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हींकरण और आम आंदोलनकारी की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए राज्य आंदोलनकारी राजू भंडारी ने अपना राज्य आंदोलनकारी परिचय पत्र प्रशासन को लौटा दिया है।
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बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे राज्य आंदोलनकारी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजू भंडारी ने कहा कि प्रथम निर्वाचित कांग्रेस सरकार ने आंदोलनकारियों को परिभाषित करते हुए आंदोलनकारियों की श्रेणियां बनाकर चिंहीकरण का काम शुरू किया। लेकिन वर्ष 2002 से आज तक चिंहीकरण का ही कार्य चल रहा है।
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चिन्हीकरण प्रक्रिया के मापदंड बेतुके हैं। इस चिंहीकरण में राजनीतिक प्रभाव की छाया दिखाई देती है। कहा कि मुख्यमंत्री ने चिंहीकरण को मार्च 2016 तक बढ़ा दिया है, ये प्रदेश की जनता को पुन: भ्रमित करने का काम है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ये कैसे तय कर सकती है कि कौन आंदोलनकारी है, कौन नहीं। उत्तराखंड आंदोलन में सारी जनता ने साथ दिया। व्यापारियों ने जहां अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, वहीं छात्रों ने स्कूल। राजू भंडारी ने कहा कि ऐसे में पूरी जनता राज्य आंदोलनकारी है।
राज्य सरकार को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार की संवेदनहीनता को देखते हुए वह अपना राज्य आंदोलनकारी परिचय पत्र और प्रमाण पत्र वापस कर रहे हैं। आज कांग्रेस सरकार सत्ता के मोह में सभी को भूल गई है। हर तरफ सरकार भ्रष्टाचार और माफियाराज को बढ़ावा दे रही है, राज्य आंदोलनकारियों के कल्याण के लिए क्या करना है इस दिशा में सीएम हरीश रावत पूरी तरह मुंह फेरे हुए हैं।