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जीआरपी का सिरदर्द बनी कटे हाथ ही पहेली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर।
Updated Fri, 08 Jul 2016 12:48 AM IST
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काशीपुर। पखवाड़ेभर पहले गुजरात से आई कोयले की रैक में बरामद कटे हाथ की पहेली नहीं सुलझ सकी है। इसकी जानकारी लेने के लिए डीसीआरबी से सूचना प्रसारित की गई है। पंफ्लेट छपवाने के साथ ही जीआरपी विभिन्न स्टेशनों में संपर्क कर चुकी है। कटे हाथ का सिरा कहीं से जुड़ नहीं पा रहा है। कटे हाथ का रहस्य सुलझाना जीआरपी के लिए सिरदर्द बन गया है।
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आईजीएल फैक्ट्री के लिए गुजरात से कोयला आता है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर नौ पर 21 जून को कोयले की रैक खड़ी थी। इसी बीच कुछ बच्चे एक रैक में चढ़े तो वहां कटा हाथ पड़ा था। सूचना मिलने पर स्टेशनकर्मियों के साथ ही जीआरपी भी मौके पर पहुंची। रैक की गहराई से छानबीन की गई तो उसमें शरीर का कोई अन्य अंग नहीं मिला।
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कुछ डिब्बों में मांस, मछली, सब्जी, रोटियां रखी चार पॉलिथीन भी मिली थी। जीआरपी ने मामले की छानबीन की और कटे हाथ से संबंधित सूचना डीसीआरबी के माध्यम से अन्य जगहों को भिजवाई। जीआरपी के एसआई अनिल पंत ने बताया कि कटे हाथ के बारे में छानबीन की जा रही है।
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जिन स्टेशनों से गाड़ी गुजरी है, वहां संपर्क किया गया है, लेकिन कहीं भी कटे हाथ के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। किसी व्यक्ति का हाथ काटकर कोयले की रैक में फेंकने का मकसद जानने के लिए कई और स्टेशनों में संपर्क किया जा रहा है।