बाइक के क्लच में बंदूक फंसने पर चली गोली से सुरक्षा गार्ड की मौत

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Wed, 28 Oct 2020 12:45 AM IST
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सुरक्षा गार्ड वीरेंद्र सिंह की फाइल फोटो
सुरक्षा गार्ड वीरेंद्र सिंह की फाइल फोटो - फोटो : KASHIPUR

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काशीपुर। सड़क पार करने के दौरान एक सुरक्षा गार्ड की बंदूक की बेल्ट सड़क पर चल रही एक बाइक के क्लच में फंस गई, जिससे बंदूक का ट्रिगर दबने से चली गोली में खुद सुरक्षा गार्ड घायल हो गया। घायल गार्ड को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान गार्ड की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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ग्राम जुड़का निवासी वीरेंद्र सिंह रावत (48) पुत्र थान सिंह डेढ़ वर्ष से रामनगर रोड स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वह बैंक के सामने स्थित चाय के खोखे से लौट रहे थे। सड़क पार करते समय वह रामनगर की ओर से आ रही एक बाइक से टकरा गया।
इस बाइक पर एक किशोर और युवक सवार था। हादसे के दौरान बाइक के क्लच में वीरेंद्र की बंदूक की बेल्ट फंस गई। इससे वीरेंद्र का संतुलन बिगड़ गया और वह एवं बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान बंदूक का ट्रिगर दब गया, जिससे बंदूक से गोली निकलकर गार्ड की दांयी जांघ में जा लगी।
फायरिंग की आवाज से वहां अफरातफरी मच गई। लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इधर, बैंक के शाखा प्रबंधक वीके सोनी और अन्य कर्मियों ने घायल गार्ड को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। तब तक गार्ड का अधिक खून बहने पर उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसे देखते हुए परिजन गार्ड को एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां इलाज के दौरान गार्ड की मौत हो गई।
सूचना पर कोतवाल चंद्रमोहन सिंह और एसआई गणेश पांडे भी अस्पताल पहुंचे। मृतक के परिवार में पिता थान सिंह, पत्नी सुनीता, एक विवाहित बेटी सुषमा, बेटा सुगम और दो छोटी बेटी सपना और कोमल हैं। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया।
सेना में हवलदार रहे हैं वीरेंद्र
काशीपुर। मूलत: पौड़ी के पोस्ट धूमाकोट ग्राम नाला निवासी वीरेंद्र सिंह भारतीय सेना में हवलदार रहे हैं। वर्ष 2014 में वह 19 गार्ड रेजीमेंट, गुरदासपुर से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने बांबे इंटेलीजेंट सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी शुरू कर दी थी। वीरेंद्र पिछले तीन वर्ष से सेंट्रल बैंक में नौकरी कर रहे थे। वह 12 साल पहले जुड़का नंबर दो में आकर बसे थे। गांव में ही उन्होंने एक एकड़ कृषि भूमि भी खरीदी थी।
समय पर खून मिलता तो बच सकती थी जान
काशीपुर। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर राजीव चौहान ने बताया कि जांघ में गोली लगने से वीरेंद्र के घुटने के पीछे की धमनी फट गई थी। इस कारण तेजी से रक्तस्राव हो रहा था। अधिक मात्रा में रक्तस्राव होने से मरीज को खून की जरूरत थी लेकिन सिर्फ एक यूनिट ब्लड का ही इंतजाम हो पाया। अस्पताल में डॉक्टर इलाज कर रहे थे कि मरीज के तीमारदार उसे बिना डिस्चार्ज कराए ही ले गए। संभवत: खून की कमी के चलते वीरेंद्र की मौत हुई है।
पुलिस ने बाइक को किया सीज
काशीपुर। बैंक के सुरक्षा गार्ड से टकराने वाले बाइक सवार रामनगर के निवासी बताए गए हैं। दोनों ईद मिलादुन्नबी त्योहार पर मस्जिद सजाने के लिए बिजली झालरें लेने के लिए काशीपुर आए थे। बाइक रोकने के लिए उन्होंने ब्रेक लगाए लेकिन बाइक असंतुलित होकर गार्ड से टकरा गई और हादसा हो गया।
हादसे के बाद पकड़े जाने के डर से बाइक सवार ने दौड़ लगा दी लेकिन चीमा चौराहे पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। कोतवाल चंद्रमोहन ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने उनकी बाइक कब्जे में ले ली है। बैंक के शाखा प्रबंधक वीके सोनी की ओर से देर रात पुलिस को तहरीर सौंपी गई है।
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