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सागर जोशी ने किया जिले का नाम रोशन
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:11 AM IST
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लिटिल बॉक्सर सागर जोशी को मात्र 15 साल की उम्र में फौज में भर्ती होने में सफलता मिली है।
गूलरभोज नई बस्ती निवासी केवलानंद जोशी के छोटे पुत्र सागर जोशी (15) ने छोटी सी उम्र में ही फौज में भर्ती होकर अपनी देशभक्ति का जज्बा दिखा दिया है।
सागर ने 2012 में देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में कक्षा 6 में प्रवेश लिया। बॉक्सिंग खेल में रुचि होने के कारण वह लगातार इसी का अभ्यास करता रहा। उसने दो नेशनल प्रतियोगिता जिसमें 2013-14 में उत्तराखंड की ओर से पंजाब के बठिंडा में और 2014-15 में पंजाब के आनंदपुर साहब में प्रतिभाग भी किया।
इसके बाद सर्विसेज खेल प्रतियोगिता जबलपुर में 2015 में फाइट क्लियर कर ली लेकिन फिजिकल में रह गया। इसके बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और 2016 रानीखेत ब्याएस स्पोर्ट्स कंपनी में ट्रायल दिया। फाइट, फिजिकल और मेडिकल पास कर फौज में भर्ती हो गया। सागर ने बताया कि सितंबर 2016 में उसको कुमाऊं रेजीमेंटल केंद्र रानीखेत की ब्याएस स्पोर्ट्स कंपनी में ज्वाइनिंग लेटर मिला तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने कोच ललित मोहन कुंवर और अपने बड़े भाई अंकित जोशी सहित अपने माता-पिता को दिया है। सागर जोशी का बड़ा भाई अंकित जोशी भी ताइक्वांडो में कई बार गोल्ड मेडल जीत चुका है। सागर के अनुसार अगर वह आगामी तीन साल में सेना के लिए मेडल लाता है तो सीधे हवलदारी में भर्ती हो जाएगा।
गूलरभोज नई बस्ती निवासी केवलानंद जोशी के छोटे पुत्र सागर जोशी (15) ने छोटी सी उम्र में ही फौज में भर्ती होकर अपनी देशभक्ति का जज्बा दिखा दिया है।
सागर ने 2012 में देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में कक्षा 6 में प्रवेश लिया। बॉक्सिंग खेल में रुचि होने के कारण वह लगातार इसी का अभ्यास करता रहा। उसने दो नेशनल प्रतियोगिता जिसमें 2013-14 में उत्तराखंड की ओर से पंजाब के बठिंडा में और 2014-15 में पंजाब के आनंदपुर साहब में प्रतिभाग भी किया।
इसके बाद सर्विसेज खेल प्रतियोगिता जबलपुर में 2015 में फाइट क्लियर कर ली लेकिन फिजिकल में रह गया। इसके बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और 2016 रानीखेत ब्याएस स्पोर्ट्स कंपनी में ट्रायल दिया। फाइट, फिजिकल और मेडिकल पास कर फौज में भर्ती हो गया। सागर ने बताया कि सितंबर 2016 में उसको कुमाऊं रेजीमेंटल केंद्र रानीखेत की ब्याएस स्पोर्ट्स कंपनी में ज्वाइनिंग लेटर मिला तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने कोच ललित मोहन कुंवर और अपने बड़े भाई अंकित जोशी सहित अपने माता-पिता को दिया है। सागर जोशी का बड़ा भाई अंकित जोशी भी ताइक्वांडो में कई बार गोल्ड मेडल जीत चुका है। सागर के अनुसार अगर वह आगामी तीन साल में सेना के लिए मेडल लाता है तो सीधे हवलदारी में भर्ती हो जाएगा।
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