फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Roadways employees protested.

तीन-चार दिन में निर्णय वापस न हुआ तो जनता करेगी बड़ा आंदोलन : चीमा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 12:48 AM IST
विज्ञापन
Roadways employees protested.
काशीपुर में डिपो हटाने के विरोध में प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मी। - फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। काशीपुर डिपो का रामनगर डिपो में विलय करने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चे ने इस फैसले का विरोध करते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने काशीपुर से डिपो हटाने के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन

बाजपुर रोड पर काशीपुर डिपो की स्थापना करीब चार वर्ष पूर्व की गई थी। 16 जून 1982 को तत्कालीन केंद्रीय उद्योग एवं इस्पात मंत्री नारायण दत्त तिवारी ने उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री वीर बहादुर सिंह की मौजूदगी में इसका उद्घाटन किया था। यहां से 43 बसों का संचालन किया जा रहा है और डिपो की कार्यशाला भी है। चार अप्रैल को परिवहन निगम की एमडी डॉ. रंजना राजगुरु ने काशीपुर डिपो का रामनगर में विलय करने का आदेश पारित कर दिया। आदेेश में ई-टिकटिंग मशीनें रामनगर डिपो के नाम से जारी करने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन

यहां से डिपो हटाए जाने के विरोध में रोडवेज की सभी कर्मचारी यूनियनें लामबंद हो गई हैं। कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के नेतृत्व में कर्मियों ने काशीपुर में डिपो यथावत बनाए रखने की मांग के लिए नारेबाजी की। उनका कहना है कि पृथक राज्य गठन के बाद बने परिवहन निगम के ढांचे में रामनगर डिपो का कोई जिक्र नहीं है। जबकि काशीपुर निगम के पुराने डिपो में से है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर यह निर्णय वापस न लिया गया तो कर्मचारी जनसहयोग से आंदोलन करेंगे। कर्मचारियों ने डिपो यथावत बनाए रखने की मांग के लिए प्रदेश के परिवहन मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वहां कर्मचारी नेता कैलाश पांडे, अनवर कमाल, पंकज भटनागर, रामचंद्र सिंह, मनोज शर्मा, ईश्वर सिंह, सुरजीत सिंह, रिजवान अहमद, जयपाल सिंह, गुरजंट सिंह, दीपक जोशी, शैलेंद्र पंवार, प्रिया, दीपिका आदि थे।
कांग्रेस नेताओं और व्यापार मंडल ने भी जताया विरोध
काशीपुर। कांग्रेस व उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने काशीपुर से डिपो हटाए जाने का विरोध करते हुए डिपो की भूमि को खुर्द-बुर्द करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। व्यापार मंडल ने इसके विरोध में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। कांग्रेस नेता डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने कहा कि काशीपुर में रोडवेज डिपो की स्थापना पूर्व सीएम एनडी तिवारी व पूर्व सांसद स्व. सत्येंद्र चंद्र गुड़िया की विकास परक सोच से स्थापित हुआ था। पिछले 20 वर्षों में भाजपा ने काशीपुर के विकास में बाधा उत्पन्न की है। सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही भाजपा की काशीपुर विरोधी सोच सामने आ गई है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव विमल गुड़िया, हरीश कुमार सिंह, चेतन अरोरा व अरुण चौहान, अलका पाल ने काशीपुर से डिपो हटाने के आदेश को यहां की जनता के साथ छलावा बताया है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रभात साहनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने यहां से रोडवेज डिपो हटाने का आदेश पारित कर काशीपुर के विधायक को तोहफा दिया है। काशीपुर व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र है। यहां रोडवेज डिपो में बसों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए थी लेकिन सरकार ने डिपो ही खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर यदि डिपो हटाने का प्रस्ताव निरस्त न हुआ तो व्यापारी प्रदर्शन करेंगे। संवाद
आम जनता और कर्मियों के हित में नहीं है काशीपुर-रामनगर डिपो का एकीकरण
काशीपुर। काशीपुर डिपो को रामनगर डिपो में विलय करने के निर्णय को रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने अव्यवहारिक बताया है। कहा कि डिपो हटाने से काशीपुर के करीब ढाई-तीन लाख लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कर्मचारी नेताओं ने डिपो विलय का विरोध करते हुए कहा कि रामनगर में डिपो कार्यालय स्थापित करने के लिए अभी तक भवन की कोई व्यवस्था नहीं है। रामनगर में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए न तो कार्यालय है और न ही वहां डिपो की कार्यशाला है। काशीपुर में तमाम औद्योगिक और व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। यहां से डिपो स्थानांतरित करने पर लोगों के कारोबार पर भी इसका विपरित प्रभाव पड़ेगा।
काशीपुर डिपो स्थानांतरित होने से यहां रात की ड्यूटी करने वाले चालकों और परिचालकों को अतिरिक्त भत्ता देना होगा। डिपो का विलय होने से काशीपुर से संचालित होने वाली बसें प्रभावित होंगी। एकीकरण से निगम का ढांचा चरमरा जाएगा।
कैलाश पांडेय, प्रदेश संयोजक, रोडवेज कर्मचारी यूनियन।
काशीपुर में आईएमएम, औद्योगिक इकाईयां व अन्य महत्वपूर्ण विभाग हैं। परिवहन निगम के ढांचे में रामनगर डिपो का कोई अस्तित्व नही हैं। यहां डिपो और वर्कशाप में पर्याप्त संसाधन हैं। यहां से डिपो हटाने पर निगम को अतिरिक्त भार झेलना पड़ेगा।
अनवर कमाल, शाखा मंत्री, कर्मचारी संयुक्त परिषद।
काशीपुर डिपो का ऐतिहासिक महत्व है। यहां यात्रियों की संख्या बहुत अधिक है। रामनगर की अपेक्षा काशीपुर में निगम की आय कहीं अधिक है। ऐसे में रामनगर डिपो का विलय काशीपुर डिपो में किया जाना चाहिए था।
रामचंद्र, क्षेत्रीय अध्यक्ष, एससी/एसटी श्रमिक संघ।
काशीपुर और रामनगर डिपो का एकीकरण किए जाने से कर्मचारी हित प्रभावित होंगे। इससे कर्मियों की छंटनी होगी और पदोन्नति के अवसर कम होंगे। साथ ही काशीपुर से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना होगा।
पंकज भटनागर, क्षेत्रीय संयोजक, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन।
प्रदेश में चार डिपो के विलयों का निर्णय परिवहन निगम का अस्तित्व समाप्त करने की साजिश है। इससे कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। रोडवेज कर्मियों की सभी यूनियनें एकजुट होकर इस फैसले का विरोध करेंगी।
-गुरजंट सिंह, परिचालक।
काशीपुर विधायक भी उतर गए थे विरोध में
काशीपुर। परिवहन निगम में चार डिपो के एकीकरण के फैसले पर परिवहन मंत्री ने 24 घंटे भी रोक लगा दी है लेकिन काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह और उनके पिता पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने दिन में प्रेसवार्ता कर एकीकरण का विरोध किया था। दोनों नेताओं ने कहा कि अगर तीन-चार दिन में आदेश वापस न लिया गया तो काशीपुर की जनता बड़ा आंदोलन करेगी।
अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने कहा कि ऐसा कोई निर्णय नहीं होने दिया जाएगा जो काशीपुर के पक्ष में न हो। किसी भी हाल में डिपो का विलय नहीं होने दिया जाएगा। जनता को डरने की जरूरत नहीं है। पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि काशीपुर डिपो के विलय संबंधी निर्णय पहले भी लिया गया था। उन्होंने काशीपुर की जनता के साथ मिलकर इसका विरोध किया था और उस निर्णय को वापस ले लिया गया था। इस बार निर्णय गुपचुप तरीके से लिया है। जो साबित करता है कि प्रशासन की मंशा काशीपुर को कुछ देने की नहीं बल्कि काशीपुर में जो है उसे भी यहां से हटाने की है। काशीपुर की जनता ऐसे निर्णय को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अगर जनता की मांग पर उचित निर्णय न लिया गया तो जनता काशीपुर जाने वाली रामनगर डिपो की बसों को भी रोकने को मजबूर होगी।

बस अड्डे को स्थानांतरित करने के किए हैं प्रयास
काशीपुर। पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि वह 2012 से लगातार काशीपुर बस अड्डे को फोर वे वाले बाईपास पर स्थानांतरित किए जाने के लिए पत्र व्यवहार कर रहे हैं। वर्ष 2019 में एसडीएम अन्य अधिकारियों की ओर से सरबरखेड़ा में बस अड्डे को स्थानांतरित करने के लिए नक्शा भी बनाया गया था। पूर्व विधायक ने कहा कि रेलवे के अधिकारियों को अंडरपास बंद करने के संबंध में पत्र लिखा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed