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लिंक रोड की बदहाली से नेताओं ने भी मुंह फेरा
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Sun, 11 Sep 2016 01:27 AM IST
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शहर में सड़कों की दयनीय हालत किसी से छिपी नहीं है। बाईपास के लिए इस्तेमाल की जा रही स्टेडियम लिंक रोड गड्ढों में तब्दील है। डामर उधड़ने से सड़क से लगातार उड़ने वाली धूल से मोहल्लेवासी और राहगीर परेशान हैं। लगातार विकराल होती समस्या से जनप्रतिनिधियों ने मुंह फेर रखा है। विधायक ने सड़क के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव जरूर भेजा है। लेकिन इस प्रमुख मार्ग की खराब हालत अब तक नहीं सुधर पाई है।
दरअसल स्टेडियम के बगल से निकलने वाली लिंक रोड रामनगर हाइवे को बैलजुड़ी तिराहा होते हुए जसपुर हाइवे से जोड़ती है। यह सड़क छोटे वाहनों के लिए बनाई गई थी, लेकिन भारी और आवेरलोडेड वाहनों के चलने से हालत बेहद दयनीय हो चुकी है। सड़क से डामर उखड़कर उनमें भरे गए पत्थर तक बाहर निकल आए हैं। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से कई बार दोपहिया वाहन चालक घायल हो चुके हैं। तमाम दलों के नेता भी इन सड़कों से गुजरते हैं, मगर खराब हालत पर ध्यान देना वे जरूरी नहीं समझते हैं। यही कारण है कि सड़क के आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं। सड़क के मामले में नेताओं से सवाल पूछने पर वे जिम्मेदारी दूसरों पर थोपने से पीछे नहीं हटते हैं।
-विधायक हरभजन सिंह चीमा कहते है कि स्टेडियम लिंक रोड के अलावा 13 अन्य सड़कों का प्रस्ताव पीडब्लूडी के माध्यम से शासन को भेजे हुए करीब एक साल हो गया है। फाइल भी मुख्यमंत्री की टेबल पर पड़ी हुई है। कई बार फोन कर मुख्यमंत्री का ध्यान फाइल पर दिला चुका हूं। जिन क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक जीते हैं, मुख्यमंत्री उन्हीं क्षेत्रों का विकास करा रहे हैं। यदि जल्द ही सड़कों को प्रस्ताव पास नहीं किया जाता है तो शहर की जनता के साथ वे सड़क पर ही धरने पर बैठेंगे।
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-मेयर ऊषा चौधरी कहती है कि यह सड़क नगर निगम में नहीं बल्कि पीडब्लूडी के क्षेत्र में आती है। स्टेडियम के सामने सड़क पर अक्सर पानी भरा रहता है। पानी निकासी के लिए नालियां बनाने का पत्र विभाग को भेजा था। अभी वह शहर से बाहर हैं। वापस आने पर सड़क की मरम्मत के लिए पीडब्लूडी को पत्र भेजेंगी।
-महानगर कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सहगल कहते है कि स्टेडियम लिंक रोड ही नहीं शहर की तकरीबन सभी लिंक सड़कें टूटी हुई हैं। जिस पर विधायक का ध्यान नहीं है। 15 दिन पहले पीडब्लूडी के अधिकारियों से सड़क को बनाने के लिए दर्जनों लोग मिले थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कहा था कि हमारे पास कोई प्रस्ताव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक काम कराने से मना कर दें तो हम मुख्यमंत्री से सड़क बनाने की मांग करेंगेे।
-बसपा जिलाध्यक्ष लेखराज गौतम कहते है कि काफी समय से स्टेडियम लिंक रोड टूट कर बदहाल हो चुकी है। मोहल्ले वासियों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया। वाहनों के चलने से दिन भर धूल का गुबार उड़ता रहता है। विधायक सड़क को बनाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। यदि शीघ्र ही सड़क को नहीं बनाया गया तो कार्यकर्ता कालोनी वासियों के साथ आंदोलन करेंगे।
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दरअसल स्टेडियम के बगल से निकलने वाली लिंक रोड रामनगर हाइवे को बैलजुड़ी तिराहा होते हुए जसपुर हाइवे से जोड़ती है। यह सड़क छोटे वाहनों के लिए बनाई गई थी, लेकिन भारी और आवेरलोडेड वाहनों के चलने से हालत बेहद दयनीय हो चुकी है। सड़क से डामर उखड़कर उनमें भरे गए पत्थर तक बाहर निकल आए हैं। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से कई बार दोपहिया वाहन चालक घायल हो चुके हैं। तमाम दलों के नेता भी इन सड़कों से गुजरते हैं, मगर खराब हालत पर ध्यान देना वे जरूरी नहीं समझते हैं। यही कारण है कि सड़क के आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं। सड़क के मामले में नेताओं से सवाल पूछने पर वे जिम्मेदारी दूसरों पर थोपने से पीछे नहीं हटते हैं।
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-विधायक हरभजन सिंह चीमा कहते है कि स्टेडियम लिंक रोड के अलावा 13 अन्य सड़कों का प्रस्ताव पीडब्लूडी के माध्यम से शासन को भेजे हुए करीब एक साल हो गया है। फाइल भी मुख्यमंत्री की टेबल पर पड़ी हुई है। कई बार फोन कर मुख्यमंत्री का ध्यान फाइल पर दिला चुका हूं। जिन क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक जीते हैं, मुख्यमंत्री उन्हीं क्षेत्रों का विकास करा रहे हैं। यदि जल्द ही सड़कों को प्रस्ताव पास नहीं किया जाता है तो शहर की जनता के साथ वे सड़क पर ही धरने पर बैठेंगे।
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-मेयर ऊषा चौधरी कहती है कि यह सड़क नगर निगम में नहीं बल्कि पीडब्लूडी के क्षेत्र में आती है। स्टेडियम के सामने सड़क पर अक्सर पानी भरा रहता है। पानी निकासी के लिए नालियां बनाने का पत्र विभाग को भेजा था। अभी वह शहर से बाहर हैं। वापस आने पर सड़क की मरम्मत के लिए पीडब्लूडी को पत्र भेजेंगी।
-महानगर कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सहगल कहते है कि स्टेडियम लिंक रोड ही नहीं शहर की तकरीबन सभी लिंक सड़कें टूटी हुई हैं। जिस पर विधायक का ध्यान नहीं है। 15 दिन पहले पीडब्लूडी के अधिकारियों से सड़क को बनाने के लिए दर्जनों लोग मिले थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कहा था कि हमारे पास कोई प्रस्ताव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक काम कराने से मना कर दें तो हम मुख्यमंत्री से सड़क बनाने की मांग करेंगेे।
-बसपा जिलाध्यक्ष लेखराज गौतम कहते है कि काफी समय से स्टेडियम लिंक रोड टूट कर बदहाल हो चुकी है। मोहल्ले वासियों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया। वाहनों के चलने से दिन भर धूल का गुबार उड़ता रहता है। विधायक सड़क को बनाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। यदि शीघ्र ही सड़क को नहीं बनाया गया तो कार्यकर्ता कालोनी वासियों के साथ आंदोलन करेंगे।