Uttarakhand: कच्चे माल के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़े, उत्पादन लागत बढ़ी; उद्योगपति परेशान
सिडकुल के उद्योगों पर महंगाई का असर पड़ा है। पिछले एक महीने में कच्चे माल के दाम करीब 20 प्रतिशत बढ़ गए हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है और उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है।
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महंगाई की मार अब सिडकुल के उद्योगों पर भी पड़ने लगी है। पिछले एक महीने में कच्चे माल के दाम करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इससे उत्पादन लागत के साथ ही उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है।
सिडकुल की अधिकांश फैक्टरियों में बाहरी राज्यों से कच्चा माल आता है। ट्रांसपोर्ट और कच्चे माल दोनों महंगे होने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। सिडकुल में फार्मा, ऑटो पार्ट्स, फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से जुड़ी सैकड़ों कंपनियां संचालित हैं। इन कंपनियों में उपयोग होने वाला स्टील, प्लास्टिक, केमिकल, पैकिंग मैटेरियल और खाद्य सामग्री ज्यादातर गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और पंजाब से मंगाई जाती है। डीजल महंगा होने और सप्लाई चेन प्रभावित होने से माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ गया है।
उत्पादन पर पड़ रहा असर
सिडकुल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कच्चे माल के दाम बढ़ने से एक यूनिट की उत्पादन लागत 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। छोटे और मझोले उद्योगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। कई कंपनियों ने अभी रेट नहीं बढ़ाए हैं लेकिन अगर दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो उन्हें भी उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़ेंगे। पहले जो माल 100 रुपये में मिलता था अब वो 120 रुपये में मिल रहा है। ऊपर से ट्रांसपोर्ट 10-12 प्रतिशत महंगा हो गया है। मार्जिन पहले ही कम है, ऐसे में कारोबार करना मुश्किल हो रहा है।
सरकार से मांग है कि कच्चे माल पर लगने वाले टैक्स और ट्रांसपोर्ट में राहत दी जाए। साथ ही सिडकुल के अंदर ही कच्चे माल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि बाहरी राज्यों पर निर्भरता कम हो। - गजेंद्र सिंह, अध्यक्ष, सिडकुल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन