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Udham Singh Nagar News: चर्चित देह व्यापार मामले में पुलिस कांस्टेबल और पत्नी बरी

Fri, 17 Jul 2026 01:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Fri, 17 Jul 2026 01:05 AM IST
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Police constable and his wife acquitted in high-profile prostitution case
रुद्रपुर। सात साल पुराने चर्चित देह व्यापार और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामले में उत्तराखंड पुलिस के एक कांस्टेबल और उसकी पत्नी को अदालत ने बरी कर दिया। साक्ष्यों के अभाव तथा पीड़िताओं के अपने बयान से मुकर जाने के बाद अपर सत्र न्यायालय/एफटीएससी (पॉक्सो) की न्यायाधीश संगीता आर्य ने यह फैसला सुनाया।
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वर्ष 2019 में ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र स्थित गणेश गार्डन में तीन नाबालिग लड़कियों को कथित रूप से बंधक बनाकर देह व्यापार में धकेलने का मामला सामने आया था। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया था कि कांस्टेबल राजेश कुमार की पत्नी पिंकी लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने पास लाती थी और पुलिसिया रसूख का भय दिखाकर उनसे देह व्यापार करवाती थी। इस आधार पर पुलिस ने मानव तस्करी, पॉक्सो अधिनियम और अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। सुनवाई के दौरान तीनों नाबालिग पीड़िताएं और उनकी माताएं अपने पूर्व बयानों से मुकर गईं। उन्होंने अदालत को बताया कि वे अभियुक्त के घर शादी की वर्षगांठ के कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं जहां से पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। एक पीड़िता ने यह भी कहा कि पुलिस ने जेल भेजने का डर दिखाकर उससे बयान दिलवाया था।
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बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि विभागीय रंजिश के चलते कांस्टेबल को झूठे मुकदमे में फंसाया गया। साथ ही चिकित्सीय परीक्षण में पीड़िताओं के शरीर पर ताजा चोट या जबरन उत्पीड़न के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलने का भी हवाला दिया गया। सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को ठोस और विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध करने में असफल रहा। इसके आधार पर न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों आरोपियों को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
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