{"_id":"61b2547d5475e812102f9b4d","slug":"patients-face-problems-rudrapur-news-hld4471392149","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टरों की कमी के कारण बगैर इलाज लौट रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टरों की कमी के कारण बगैर इलाज लौट रहे मरीज
विज्ञापन
मो. रफीक, गदरपुर।
- फोटो : RUDRAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। घंटों कतार में खड़े होने के बाद नंबर आता है। हालात यह हैं कभी मरीज लाइन में लगता है तो कभी तीमारदार को खड़ा कर देता है। कई लोग तो दर्द से कराहते हुए वापस लौट जाते हैं।
वर्तमान में जिला अस्पताल में डॉक्टरों के स्वीकृत कुल 37 पदों में से 14 रिक्त हैं। प्रतिदिन ओपीडी में होने वाली करीब एक हजार मरीजों की स्वास्थ्य जांच के लिए सिर्फ 23 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। यही वजह है कि कई मरीज ओपीडी की लंबी लाइनों में लगने के घंटों बाद भी नंबर न आने से परेशान होकर बगैर इलाज के ही वापस लौट रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी पंजीकरण कक्ष से लेकर डॉक्टरों की ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी नजर आई। कुछ मरीज ओपीडी में नंबर न आने से वापस भी लौटे। मरीजों ने आपबीती बताई और व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार से गुहार लगाई।
मुझे काला पीलिया की शिकायत है। सुबह से ही ओपीडी पंजीकरण कक्ष में पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़ा था, लेकिन नंबर नहीं आया। अब बगैर इलाज लौट रहा हूं।
विज्ञापन
-धर्मेंद्र सिंह, करतारपुर।
---
मुझे आंखों की शिकायत है। किसी ने बताया कि था रुद्रपुर जिला अस्पताल में आंखों का अच्छा इलाज होता है, लेकिन सुबह से ओपीडी की लाइन में लगा हूं। कब नंबर आएगा, पता नहीं।
-टीकाराम, पीलीभीत (यूपी)
---
मुझे बलगम और खांसी की शिकायत है। काफी देर से ओपीडी में खड़ा रहा, लेकिन नंबर नहीं आया। अब थकने के बाद पत्नी से लाइन में लगने को कहा है। यहां डॉक्टरों की बहुत कमी है।
-हरिओम शर्मा, रुद्रपुर।
---
जिला अस्पताल में आंखों की जांच करवाने के लिए आया था, लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं मिला। सरकार को चाहिए वह सरकारी अस्पतालों में जरूरत के हिसाब से डॉक्टरों की तैनाती करे।
-मो. रफीक, गदरपुर।
विज्ञापन
वर्तमान में जिला अस्पताल में डॉक्टरों के स्वीकृत कुल 37 पदों में से 14 रिक्त हैं। प्रतिदिन ओपीडी में होने वाली करीब एक हजार मरीजों की स्वास्थ्य जांच के लिए सिर्फ 23 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। यही वजह है कि कई मरीज ओपीडी की लंबी लाइनों में लगने के घंटों बाद भी नंबर न आने से परेशान होकर बगैर इलाज के ही वापस लौट रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी पंजीकरण कक्ष से लेकर डॉक्टरों की ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी नजर आई। कुछ मरीज ओपीडी में नंबर न आने से वापस भी लौटे। मरीजों ने आपबीती बताई और व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार से गुहार लगाई।
विज्ञापन
मुझे काला पीलिया की शिकायत है। सुबह से ही ओपीडी पंजीकरण कक्ष में पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़ा था, लेकिन नंबर नहीं आया। अब बगैर इलाज लौट रहा हूं।
विज्ञापन
-धर्मेंद्र सिंह, करतारपुर।
---
मुझे आंखों की शिकायत है। किसी ने बताया कि था रुद्रपुर जिला अस्पताल में आंखों का अच्छा इलाज होता है, लेकिन सुबह से ओपीडी की लाइन में लगा हूं। कब नंबर आएगा, पता नहीं।
-टीकाराम, पीलीभीत (यूपी)
---
मुझे बलगम और खांसी की शिकायत है। काफी देर से ओपीडी में खड़ा रहा, लेकिन नंबर नहीं आया। अब थकने के बाद पत्नी से लाइन में लगने को कहा है। यहां डॉक्टरों की बहुत कमी है।
-हरिओम शर्मा, रुद्रपुर।
---
जिला अस्पताल में आंखों की जांच करवाने के लिए आया था, लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं मिला। सरकार को चाहिए वह सरकारी अस्पतालों में जरूरत के हिसाब से डॉक्टरों की तैनाती करे।
-मो. रफीक, गदरपुर।

हरिओम शर्मा, रुद्रपुर।- फोटो : RUDRAPUR

टीकाराम, पीलीभीत (यूपी)।- फोटो : RUDRAPUR

धर्मेंद्र सिंह, करतारपुर।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर जिला अस्पताल के ओपीडी पंजीकरण कक्ष में लगी भीड़।- फोटो : RUDRAPUR