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अस्थायी शिक्षकों का नहीं हुआ स्थायीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Sun, 07 May 2017 12:13 AM IST
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सीधी भर्ती में तैनाती पाने वाले शिक्षक चार साल की सेवा देने के बावजूद स्थाई नहीं हो पाए हैं। शिक्षा विभाग में उप शिक्षाधिकारी से लेकर जिला शिक्षाधिकारी तक और जिलाधिकारी से भी अस्थाई शिक्षक आवेदन कर चुके हैं। अस्थाई शिक्षकों ने राज्य सरकार के समाधान पोर्टल पर भी आवेदन किया। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उत्तराखंड राजकीय प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली 2012 के अनुसार 27 अगस्त 2012 को अस्थाई शिक्षकों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई। 22 नवंबर 2012 को राजकीय प्राथमिक स्कूल कुंवरपुर सिसैया में सहायक अध्यापक के पद पर रुद्रपुर के सचिन कुमार की अस्थाई शिक्षक के रूप में नियुक्ति हुई। इसी तरह कैथुलिया में जितेंद्र शर्मा, गंगापुर में चुन्नी लाल, गिधौर में मुख्त्यार सिंह, पीपलहत्ता में विनय कुमार जायसवाल, बैगुल डाम में सत्यपाल, ऐंचता विही में मुहम्मद अली, रंसाली में अरविंद कुमार गिरी, बैगुल कालोनी में प्रतिभा व कैलाशपुरी में अंशू रानी की नियुक्ति हुई।
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बीती 28 जनवरी 2016 को सचिन, मुख्त्यार, विनय व सत्यपाल ने उप शिक्षाधिकारी को पत्र देकर शीघ्र ही स्थाईकरण की मांग की। इसके बाद एक सितंबर 2016 को पुन: आवेदन पत्र दिया। आठ सितंबर को उप शिक्षाधिकारी ने जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा को इस आशय का पत्र लिखा। इसके बाद नौ दिसंबर 2016 को अस्थाई शिक्षक सचिन कुमार ने राज्य सरकार के पोर्टल समाधान पर स्थाईकरण के लिए आवेदन किया।
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जिसके बाद जबाव में छह फरवरी 2017 को जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा ने मुख्य शिक्षाधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि स्थाईकरण के संबंध में अपर निदेशक कुमाऊं को पत्राचार किया गया है। अपर निदेशक के आदेश के बाद प्रकरण का निदान कर दिया जाएगा। लेकिन, आज तक अस्थाई शिक्षकों को स्थाई नियुक्ति नहीं दी गई।
28 अक्टूबर 2015 को शासन ने चार कार्य दिवसों में पत्रावलियों के निदान का आदेश जारी किया था। यह मामला बता रहा है कि यह शासनादेश भी दम तोड़ चुका है।
उच्चाधिकारियों से स्थाईकरण के आदेश मिल गए हैं। मई माह में ही स्थाईकरण के फार्म भरे जाएंगे और जून माह तक सभी अस्थाई टीचरों को स्थाई कर दिया जाएगा। सुषमा गौरव-उप शिक्षाधिकारी, सितारगंज
जिले के सभी ब्लाकों से पखवाड़ा भर के भीतर स्थाईकरण के प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्ताव मिलने के बाद तत्काल ही अस्थाई टीचरों को स्थाई नियुक्ति दे दी जाएगी।
डीसी सती, जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा), ऊधम सिंह नगर।