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अस्पताल, होटल, शोरूम समेत 120 संस्थाओं को नोटिस
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रुद्रपुर। सेप्टिक टैंक को खुली नाली में छोड़ने वाले 120 संस्थानों को नगर निगम की ओर से नोटिस थमाए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद शहर के होटल, अस्पताल और शोरूम आदि को अपनी गलती का एहसास हो रहा है। अब वह भागकर नगर निगम में हाजिरी लगा रहे हैं। वहीं नगर निगम ने नोटिस में लिखा है कि यदि गलती नहीं सुधारी गई तो डेढ़ से दो गुना तक का चार्ज संस्थाओं से वसूला जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में शौचालय के लिए बनाए गए सेप्टिक टैंक या गटर को लोगों ने सीधे नाली में जोड़ दिया है। इससे सेप्टिक टैंक का अवशेष गटर में न एकत्र होकर सीधे नाली में जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम के लिए बनाई गई नाली के माध्यम से संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। नगर निगम की ओर से सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकॉल के तहत नियम बनाए गए हैं जिसमें खुली नाली में गटर को जोड़ने को गलत बताया गया है।
मानक निर्धारित किया गया है कि गटर को बंद रखा जाए और साल में एक बार उसकी सफाई की जाए। इधर शहर में संचालित कई बड़े अस्पताल, शॉपिंग मॉल, होटल आदि में शौचालय प्रयोग करने वालों की संख्या ज्यादा है लेकिन सेप्टिक गटर की सफाई उन्होंने कई सालों में नहीं कराई है। ऐसे में नगर निगम की ओर से उन्हें यह नोटिस थमाया जा रहा है।
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सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकाल में पहले चरण में संस्थाओं को नोटिस दिए जा रहे हैं। इसके बाद इन पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसे में समय रहते लोग अपनी गलती सुधार लें।
- राजू नबियाल, सहायक नगर आयुक्त, रुद्रपुर
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नगर निगम क्षेत्र में शौचालय के लिए बनाए गए सेप्टिक टैंक या गटर को लोगों ने सीधे नाली में जोड़ दिया है। इससे सेप्टिक टैंक का अवशेष गटर में न एकत्र होकर सीधे नाली में जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम के लिए बनाई गई नाली के माध्यम से संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। नगर निगम की ओर से सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकॉल के तहत नियम बनाए गए हैं जिसमें खुली नाली में गटर को जोड़ने को गलत बताया गया है।
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मानक निर्धारित किया गया है कि गटर को बंद रखा जाए और साल में एक बार उसकी सफाई की जाए। इधर शहर में संचालित कई बड़े अस्पताल, शॉपिंग मॉल, होटल आदि में शौचालय प्रयोग करने वालों की संख्या ज्यादा है लेकिन सेप्टिक गटर की सफाई उन्होंने कई सालों में नहीं कराई है। ऐसे में नगर निगम की ओर से उन्हें यह नोटिस थमाया जा रहा है।
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सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकाल में पहले चरण में संस्थाओं को नोटिस दिए जा रहे हैं। इसके बाद इन पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसे में समय रहते लोग अपनी गलती सुधार लें।
- राजू नबियाल, सहायक नगर आयुक्त, रुद्रपुर