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एक साल बाद भी पता नहीं चला कैसे जल गई डिपो में खड़ी बसें
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काशीपुर रोडवेज डिपो की कार्यशाला में खड़ी जली बसें। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। काशीपुर डिपो की कार्यशाला में खड़ी तीन बसों के जलने की जांच एक साल बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। अगस्त 2019 में मरम्मत के लिए डिपो की कार्यशाला में खड़ी तीन बसें आग की भेंट चढ़ गई थीं। मामले में चौकीदार को निलंबित किया गया था लेकिन आग किन कारणों से लगी इसका पता आज तक नहीं चल सका।
पिछले साल काशीपुर डिपो की बस संख्या यूके 07पीए 1996 इंजन खराब होने के कारण, बस संख्या यूके 07पीए 1995 मरम्मत और बस संख्या यूके 07पीए 1355 कमानी मरम्मत के लिए कार्यशाला में खड़ी की गई थी। 26 अगस्त 2019 की रात तीनों बसों में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई थी। जिससे बसों के अंदर की सीटें के साथ ही बाहर का हिस्सा भी जल गया था। घटनास्थल पर डिस्पोजेबल ग्लास, सिगरेट की खाली डिब्बी पड़े हुए थे। कार्यशाला गेट पर तैनात चौकीदार को घटना की भनक तक नहीं लगी थी। शार्ट सर्किट से बसों में आग लगने की आशंका जताई जा रही थी लेकिन तीनों बसों के इंजन सुरक्षित मिले। काठगोदाम से एजीएम तकनीकी इंद्रासन, एसएम मुकुल पंत और तत्कालीन प्रभारी एजीएम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और घटना के समय कार्यशाला में मौजूद चौकीदार की गलती मानकर उसे निलंबित कर दिया गया। इधर, एक साल के भीतर निलंबित चौकीदार से 95 हजार रुपये की रिकवरी कर उसे बहाल भी कर दिया गया है फिलहाल वह फिर से अपनी ड्यूटी पर है लेकिन आग कैसे लगी इसका पता विभाग नहीं लगा पाया।
बसों की निगरानी को लगाए सीसीटीवी खराब
काशीपुर। बसों में आग लगने की घटना के बाद रोडवेज प्रबंधन ने डिपो और कार्यशाला में सात सीसीटीवी लगाए जिसमें से तीन खराब चल रहे हैं। जबकि डिपो में 38 नई और 12 निलामी की बसें खड़ी की गई हैं। तीन चौकीदार भी नियुक्त किए गए हैं लेकिन फिर भी सुरक्षा भगवान भरोसे है। प्रभारी सहायक महाप्रबंधक आरसी पांडे ने बताया कि सीसीटीवी के तार दो बार बंदर तोड़ चुके हैं। एसएम मुकुल पंत ने बताया कि घटना की जांच चल रही है।
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जांच में आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। घटना के बाद लापरवाही सामने आने पर चौकीदार को निलंबित किया गया था। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जा चुकी है। उच्चधिकारियों के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- इंद्रासन, जांच अधिकारी/तकनीकी एजीएम काठगोदाम
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पिछले साल काशीपुर डिपो की बस संख्या यूके 07पीए 1996 इंजन खराब होने के कारण, बस संख्या यूके 07पीए 1995 मरम्मत और बस संख्या यूके 07पीए 1355 कमानी मरम्मत के लिए कार्यशाला में खड़ी की गई थी। 26 अगस्त 2019 की रात तीनों बसों में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई थी। जिससे बसों के अंदर की सीटें के साथ ही बाहर का हिस्सा भी जल गया था। घटनास्थल पर डिस्पोजेबल ग्लास, सिगरेट की खाली डिब्बी पड़े हुए थे। कार्यशाला गेट पर तैनात चौकीदार को घटना की भनक तक नहीं लगी थी। शार्ट सर्किट से बसों में आग लगने की आशंका जताई जा रही थी लेकिन तीनों बसों के इंजन सुरक्षित मिले। काठगोदाम से एजीएम तकनीकी इंद्रासन, एसएम मुकुल पंत और तत्कालीन प्रभारी एजीएम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और घटना के समय कार्यशाला में मौजूद चौकीदार की गलती मानकर उसे निलंबित कर दिया गया। इधर, एक साल के भीतर निलंबित चौकीदार से 95 हजार रुपये की रिकवरी कर उसे बहाल भी कर दिया गया है फिलहाल वह फिर से अपनी ड्यूटी पर है लेकिन आग कैसे लगी इसका पता विभाग नहीं लगा पाया।
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बसों की निगरानी को लगाए सीसीटीवी खराब
काशीपुर। बसों में आग लगने की घटना के बाद रोडवेज प्रबंधन ने डिपो और कार्यशाला में सात सीसीटीवी लगाए जिसमें से तीन खराब चल रहे हैं। जबकि डिपो में 38 नई और 12 निलामी की बसें खड़ी की गई हैं। तीन चौकीदार भी नियुक्त किए गए हैं लेकिन फिर भी सुरक्षा भगवान भरोसे है। प्रभारी सहायक महाप्रबंधक आरसी पांडे ने बताया कि सीसीटीवी के तार दो बार बंदर तोड़ चुके हैं। एसएम मुकुल पंत ने बताया कि घटना की जांच चल रही है।
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जांच में आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। घटना के बाद लापरवाही सामने आने पर चौकीदार को निलंबित किया गया था। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जा चुकी है। उच्चधिकारियों के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- इंद्रासन, जांच अधिकारी/तकनीकी एजीएम काठगोदाम