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निर्दलीय लड़ेंगे भाजपा के दिग्गज

Tue, 17 Jan 2017 11:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Tue, 17 Jan 2017 11:35 PM IST
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मौसम में ठंडक होने के साथ ही सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। भाजपा से विधायक हरभजन सिंह चीमा का टिकट फाइनल होने के बाद पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल के सुर बगावती हो गए हैं। उन्होंने समर्थकों के साथ बैठक कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उनके फैसले के बाद पार्टी में भूचाल आना तय है। 
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दरअसल पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल आरएसएस पृष्ठभूमि हैं। वो राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय रहे थे। 1991 में पहली बार भाजपा के टिकट से चुनाव जीतकर लखनऊ विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने 1993 में हुए चुनाव में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की थी, लेकिन वर्ष 1996 में हुए चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। उसके बाद से वो लगातार टिकट के लिए पार्टी से मांग करते रहे, लेकिन पार्टी लगातार अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष हरभजन सिंह चीमा पर भरोसा जताती रही। चीमा भी लगातार तीन बार चुनाव में जीत दर्ज कर रहे हैं। 
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पिछले बार हुए चुनाव में भी राजीव ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का पूरा मन बना लिया था, लेकिन अंतिम समय में किसी तरह पार्टी नेताओं ने उन्हें अगली बार टिकट देने के आश्वासन देकर मना लिया था। इस बार भी राजीव टिकट के मजबूत दावेदार थे और काफी समय से प्रचार भी कर रहे थे, लेकिन भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने समर्थकों के साथ बैठक कर चुनाव की रणनीति तैयार की। वक्ताओं ने राजीव को टिकट नहीं देने पर पार्टी आलाकमान की आलोचना की। राजीव को जिताने का संकल्प भी लिया। 
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इधर, राजीव अग्रवाल ने कहा कि भाजपा के निर्णय से आहत होकर और समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया गया है। 23 जनवरी को वे अपना नामांकन दाखिल करेंगे। वो 15 साल से टिकट के इंतजार में हैं। पहले भी तीन चुनाव में पार्टी नेता उन्हें अगले चुनाव में टिकट देने का भरोसा दिलाते रहे, लेकिन पार्टी ने उनको टिकट नहीं दिया। उन्होंने पार्टी के अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं का साथ होने का भी दावा किया। 

भाजपा में टिकट की घोषणा होने के बाद पार्टी में नेताओं की बगावत शुरू हो गई है। जसपुर से टिकट की प्रबल दावेदार और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री सीमा चौहान ने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। 

मंगलवार को अपने निवास पर पत्रकार वार्ता में उन्होंने पार्टी पर नीति और सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया। कहा कि वह किसी भी पार्टी में शामिल नहीं होंगी। निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में पर्चा भरकर जनता की अदालत में जाएंगी। उत्तराखंड में टिकट वितरण में महिलाओं के साथ नाइंसाफी हुई है। कहा कि वह 15 सालों से पार्टी की सेवा कर रही हैं। वह प्रदेश को भाजपा विहीन बनाने में जुटेंगी। 


उधर, टिकट की दौड़ में रहे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विनय रोहेला ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस से भाजपा में आने पर पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल का स्वागत किया था। लेकिन उनको टिकट देने को लेकर शुरुआत से ही विरोध कर रहे थे। वह कार्यकर्ताओं के बीच जाकर उनसे राय लेकर ही कोई फैसला करेंगे। 
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