{"_id":"57911c684f1c1bc148c4b7a2","slug":"municipal-and-rural-routes-is-difficult-to-walk-on","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर और ग्रामीण क्षेत्र के मार्गों पर चलना हुआ दूभर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर और ग्रामीण क्षेत्र के मार्गों पर चलना हुआ दूभर
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के मुख्य एवं सह मार्गों की दुर्दशा से मार्ग चलने वाले परेशान हैं। एनएच के स्वामित्व वाले नगर से होकर गुजरने वाला मार्ग इन दिनों गड्ढों में समां चुका है। वहीं लोनिवि के स्वामित्व वाले मेलाघाट रोड की भी कम दयनीय स्थिति नहीं है।
मार्ग तालाबों का रूप ले चुके है। एनएच के स्वामित्व वाले लोहियापुल से चकरपुर कुटरी तक का मार्ग बड़े हैवी भार वाहन फंसते हैं। बल्कि दो या तीन पहिए वाहन भी तालाब के बीच मार्ग तलाशने में एक दूसरे से टकराते हैं। लोनिवि एनएचआई के अधिकारी मार्गों की दुर्दशा पर कार्रवाई नहीं करते हैं।
ख्टीमा। एनएचआई सहित लोनिवि के स्वामित्व वाले मार्गों की दयनीय स्थिति पर एसडीएम ऋचा सिंह संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब कर चुकी है। बावजूद अधिकारी आश्वासन देकर टरका रहे हैं। मार्गों पर पैदल चलना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। अधिकारियों की संवेदनहीनता पर झल्लाए एसडीएम सिंह ने फोन पर यहां तक धमकी दे डाली है कि वह उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मार्ग तालाबों का रूप ले चुके है। एनएच के स्वामित्व वाले लोहियापुल से चकरपुर कुटरी तक का मार्ग बड़े हैवी भार वाहन फंसते हैं। बल्कि दो या तीन पहिए वाहन भी तालाब के बीच मार्ग तलाशने में एक दूसरे से टकराते हैं। लोनिवि एनएचआई के अधिकारी मार्गों की दुर्दशा पर कार्रवाई नहीं करते हैं।
विज्ञापन
ख्टीमा। एनएचआई सहित लोनिवि के स्वामित्व वाले मार्गों की दयनीय स्थिति पर एसडीएम ऋचा सिंह संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब कर चुकी है। बावजूद अधिकारी आश्वासन देकर टरका रहे हैं। मार्गों पर पैदल चलना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। अधिकारियों की संवेदनहीनता पर झल्लाए एसडीएम सिंह ने फोन पर यहां तक धमकी दे डाली है कि वह उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगी।
विज्ञापन