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Udham Singh Nagar News: 34वीं वार्षिक समूह बैठक में 50 से अधिक प्रतिनिधि कर रहे भागीदारी
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पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में अखिल भारतीय समन्वित पुष्पकृषि अनुसंधान परियोजना की 34वीं वार्षिक समूह बैठक का आगाज हो गया है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक में देश के विभिन्न भागों से 50 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
रविवार को बैठक में आईसीएआर-पुष्पकृषि शोध निदेशालय पुणे के निदेशक डॉ. केवी प्रसाद ने अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रगति और तकनीकी कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जानकारी दी। सहायक महानिदेशक डॉ. सुधाकर पांडे ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पुष्पकृषि की भूमिका रेखांकित की। विवि के कुलपति डॉ. एसके कश्यप ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में पुष्पकृषि की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। निदेशक शोध डॉ. एसके वर्मा ने विश्वविद्यालय की शोध और तकनीकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान पुष्पकृषि क्षेत्र में किए गए शोध कार्यों को संकलित और 10 तकनीकी बुलेटिनों का विमोचन किया गया। डॉ. सुधाकर पांडेय ने टिकाऊ आजीविका उपलब्ध कराने में पुष्पकृषि की भूमिका बताई। वहां विवि के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, विद्यार्थी मौजूद रहे।
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रविवार को बैठक में आईसीएआर-पुष्पकृषि शोध निदेशालय पुणे के निदेशक डॉ. केवी प्रसाद ने अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रगति और तकनीकी कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जानकारी दी। सहायक महानिदेशक डॉ. सुधाकर पांडे ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पुष्पकृषि की भूमिका रेखांकित की। विवि के कुलपति डॉ. एसके कश्यप ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में पुष्पकृषि की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। निदेशक शोध डॉ. एसके वर्मा ने विश्वविद्यालय की शोध और तकनीकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान पुष्पकृषि क्षेत्र में किए गए शोध कार्यों को संकलित और 10 तकनीकी बुलेटिनों का विमोचन किया गया। डॉ. सुधाकर पांडेय ने टिकाऊ आजीविका उपलब्ध कराने में पुष्पकृषि की भूमिका बताई। वहां विवि के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, विद्यार्थी मौजूद रहे।
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