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Udham Singh Nagar News: 56 महीने बाद मेयर की कुर्सी पर बैठे रामपाल
Sun, 23 Jul 2023 11:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 23 Jul 2023 11:58 PM IST
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रुद्रपुर में मेयर की कुर्सी पर बैठने के बाद रोते रामपाल सिंह शांत करते मुख्यमंत्री धामी, रक्षा
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सीएम धामी ने कुर्सी पर बैठाया तो रामपाल हुए भावुक
रुद्रपुर। नजूल भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिलाने का संकल्प लेकर अपनी कुर्सी के दूरी बनाने वाले मेयर रामपाल सिंह 56 महीने बाद आखिरकार कुर्सी में बैठ गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनको कुर्सी में बैठाया तो वे भावुक होकर रोने लगे। सीएम के साथ ही रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और विधायक शिव अरोरा ने उनको शांत कराया।
निकाय चुनाव में रामपाल सिंह ने नजूल भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक मिलने तक कुर्सी में नहीं बैठने का संकल्प लिया था। चुनाव में जीत के बाद वे संकल्प पर बने रहे और 56 महीनों तक अपनी कुर्सी पर चुनाव घोषणा पत्र रखकर उसके बगल में कुर्सी लगाकर काम किया। नजूल नीति लागू होने के बाद रविवार को नगर निगम पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने रक्षा राज्य मंत्री भट्ट और विधायक अरोरा के साथ मेयर रामपाल को कुर्सी पर बैठाया। कुर्सी पर बैठते ही रामपाल रोने लगे। मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रामपाल सिंह ने रुद्रपुर के लिए ही नजूल का मुद्दा हल होने तक कुर्सी में नहीं बैठने का संकल्प लिया था। बेहद सादगी में रहने वाले रामपाल आज मेयर की कुर्सी पर बैठे हैं। इधर मेयर ने कहा कि मेयर बनने के बाद 56 महीनों तक कुर्सी दूर रहे थे और मुख्यमंत्री धामी की वजह से कुर्सी में बैठने का सपना अधूरा रहने से बच गया। मुख्यमंत्री ने नजूल नीति लागू किया और इससे नजूल पर काबिज गरीबों को फायदा होगा। कुर्सी में बैठना उनके लिए भावुक क्षण है।
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रुद्रपुर। नजूल भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिलाने का संकल्प लेकर अपनी कुर्सी के दूरी बनाने वाले मेयर रामपाल सिंह 56 महीने बाद आखिरकार कुर्सी में बैठ गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनको कुर्सी में बैठाया तो वे भावुक होकर रोने लगे। सीएम के साथ ही रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और विधायक शिव अरोरा ने उनको शांत कराया।
निकाय चुनाव में रामपाल सिंह ने नजूल भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक मिलने तक कुर्सी में नहीं बैठने का संकल्प लिया था। चुनाव में जीत के बाद वे संकल्प पर बने रहे और 56 महीनों तक अपनी कुर्सी पर चुनाव घोषणा पत्र रखकर उसके बगल में कुर्सी लगाकर काम किया। नजूल नीति लागू होने के बाद रविवार को नगर निगम पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने रक्षा राज्य मंत्री भट्ट और विधायक अरोरा के साथ मेयर रामपाल को कुर्सी पर बैठाया। कुर्सी पर बैठते ही रामपाल रोने लगे। मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रामपाल सिंह ने रुद्रपुर के लिए ही नजूल का मुद्दा हल होने तक कुर्सी में नहीं बैठने का संकल्प लिया था। बेहद सादगी में रहने वाले रामपाल आज मेयर की कुर्सी पर बैठे हैं। इधर मेयर ने कहा कि मेयर बनने के बाद 56 महीनों तक कुर्सी दूर रहे थे और मुख्यमंत्री धामी की वजह से कुर्सी में बैठने का सपना अधूरा रहने से बच गया। मुख्यमंत्री ने नजूल नीति लागू किया और इससे नजूल पर काबिज गरीबों को फायदा होगा। कुर्सी में बैठना उनके लिए भावुक क्षण है।
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