फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Malaria's grip on the Terai region has loosened.

Udham Singh Nagar News: तराई पर मलेरिया की पकड़ हुई ढीली

Sat, 25 Apr 2026 12:59 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sat, 25 Apr 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
Malaria's grip on the Terai region has loosened.
रुद्रपुर। तराई क्षेत्र में मलेरिया अब भले ही नियंत्रण में दिखाई दे रहा हो लेकिन कुछ दशक पहले यह इलाका मच्छरों का गढ़ माना जाता था। उस दौर में तराई का नाम आते ही मलेरिया का खौफ लोगों के जेहन में उतर जाता था। आज हालात काफी बदल चुके हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में लगातार चार साल तक एक भी मामला सामने नहीं आया।
विज्ञापन

इस बदलाव के पीछे की कहानी बुजुर्गों की जुबानी उस भयावह अतीत को उजागर करती है जब मच्छरों के कारण लोग बसने से कतराते थे और जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती हुआ करती थी। रुद्रपुर निवासी 80 वर्षीय सूरजभान चौधरी बताते हैं कि चार-पांच दशक पहले तक हर साल गर्मियों में मलेरिया का प्रकोप चरम पर होता था। उनके अनुसार उस समय हालात इतने खराब थे कि लोगों की जान पर बन आती थी और सर्दियों तक भी मलेरिया का असर बना रहता था।
विज्ञापन

रुद्रपुर निवासी बुजुर्ग सूरजभान चौधरी (80) चार-पांच दशक पहले के हालातों को याद कर उत्तेजित हो उठते हैं। वह बताते हैं कि तब मलेरिया के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती थी। सूरजभान चौधरी कहते हैं कि मच्छरों का प्रकोप आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है लेकिन 90 के दशक के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और लोगों में आई जागरूकता ने मलेरिया को काफी हद तक काबू में कर दिया। उनके अनुभव साफ संकेत देते हैं कि जनजागरूकता और सकारात्मक कोशिशों ने इस बीमारी की कमर तोड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वतंत्रता सेनानी परिवार से जुड़े और उत्तराधिकारी कल्याण समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष 71 वर्षीय जीसी परगांई तराई के उस दौर की एक ऐसी तस्वीर सामने रखते हैं जो सिस्टम की सीमाओं को उजागर करती है। परगांई बताते हैं कि 50 से 80 के दशक के बीच मच्छरों का प्रकोप इतना भयावह था कि उनके पिता और प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी धर्मेंद्र प्रसाद शास्त्री को सरकार द्वारा नगला तराई में आवंटित 15 एकड़ जमीन तक छोड़नी पड़ी।

परगांई के मुताबिक उनके पिता जब जमीन देखने नगला तराई पहुंचे और एक रात वहां रुके तो उन्हें लगा कि मच्छरों ने पूरा शरीर छलनी कर दिया। हालात इतने खराब थे कि उन्होंने वहां बसने से ही इनकार कर दिया। यह उदाहरण बताता है कि उस समय तराई में जीवन कितना कठिन और असुरक्षित था।

विशेषज्ञ मानते हैं कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, एंटी लार्वा छिड़काव, मच्छरदानियों का उपयोग और बढ़ती जागरूकता ने मलेरिया को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई है। बुजुर्गों के अनुभव और वर्तमान आंकड़े मिलकर यह साफ संकेत देते हैं कि कभी जानलेवा रहा मलेरिया अब नियंत्रण में है लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। संवाद

तराईवासियों के लिए राहत के संकेत
हाल के कुछ वर्षों में मलेरिया के मामले न्यूनतम स्तर पर आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 2021 से 2024 तक मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया। वर्ष 2025 के जून माह में गदरपुर क्षेत्र का एक व्यक्ति मलेरिया से ग्रसित पाया गया था। इस व्यक्ति के किसी बाहरी प्रदेश से गदरपुर आने की पुष्टि हुई थी। उसके बाद जिले में मलेरिया के नौ और मामले सामने आए थे। इलाज के बाद सभी स्वस्थ हो गए थे।

कोट हेडिंग सहित लगाएं
स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ने और जागरूकता से आया बदलाव
पिछले दशकों के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी और लगातार बढ़ते तापमान से भी मच्छरों के प्रकोप में कमी आ रही है। अब हर साल गर्मियों में एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाता है। मलेरिया का एंटीजन कार्ड टेस्ट होता है। जागरूकता भी मलेरिया के मामले कम होने का प्रमुख कारण है। लोग मच्छरदानी का प्रयोग करते हैं। घरों में जाली वाले दरवाजे लगे होते हैं जिससे मच्छर घरों में प्रवेश नहीं कर पाते। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ



सतर्क रहिए, स्वस्थ रहिएमलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, थकान और उल्टी मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं। समय पर इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा हो सकता है। संक्रमित मच्छर के काटने के 10-15 दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं। मलेरिया का मच्छर साफ पानी में पनपता है और रात में काटता है। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। क्योंकि यह मच्छरों के प्रजनन के लिए उपयुक्त स्थान है। -गुरनाम सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी, यूएस नगर
..................
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed