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राजधानी गढ़वाल में बना दी, हाईकोर्ट तो कुमाऊं में रहने दो : पाल
Sun, 12 May 2024 02:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 12 May 2024 02:56 AM IST
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खटीमा में प्रेस वार्ता करते पूर्व विधायक नारायण पाल।
खटीमा। बसपा नेता नारायण पाल ने कहा कि हाईकोर्ट की बेंच को ऋषिकेश शिफ्ट करना उचित नहीं है। यदि आज इसका विरोध नहीं हुआ तो एक दिन हाईकोर्ट भी वहीं स्थापित हो जाएगी।
शनिवार को खटीमा में प्रेस वार्ता करते हुए पाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के समय तय किया गया था कि राजधानी गढ़वाल मंडल में बनाई जाएगी और हाईकोर्ट कुमाऊं मंडल में बनेगा। राज्य गठन के 24 साल बाद देहरादून में बनाई गई अस्थायी राजधानी के स्थान पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी नहीं बनाया गया है लेकिन हाईकोर्ट की बेंच को नैनीताल से ऋषिकेश में स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। कुमाऊं के गौलापार, हेमपुर गौशाला और रुद्रपुर में हाईकोर्ट स्थापित हो सकती है। नारायण पाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हाईकोर्ट की बैंच को ऋषिकेश में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया तो विरुद्ध आमरण अनशन पर बैठ सकते हैं। वहां कवींद्र कफलिया, रामवचन, इलियाश सिद्दीकी, अमर नेगी, पूनम बिष्ट, एचएस कलसी, पूरन ज्याला, बीडी भट्ट आदि थे।
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शनिवार को खटीमा में प्रेस वार्ता करते हुए पाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के समय तय किया गया था कि राजधानी गढ़वाल मंडल में बनाई जाएगी और हाईकोर्ट कुमाऊं मंडल में बनेगा। राज्य गठन के 24 साल बाद देहरादून में बनाई गई अस्थायी राजधानी के स्थान पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी नहीं बनाया गया है लेकिन हाईकोर्ट की बेंच को नैनीताल से ऋषिकेश में स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। कुमाऊं के गौलापार, हेमपुर गौशाला और रुद्रपुर में हाईकोर्ट स्थापित हो सकती है। नारायण पाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हाईकोर्ट की बैंच को ऋषिकेश में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया तो विरुद्ध आमरण अनशन पर बैठ सकते हैं। वहां कवींद्र कफलिया, रामवचन, इलियाश सिद्दीकी, अमर नेगी, पूनम बिष्ट, एचएस कलसी, पूरन ज्याला, बीडी भट्ट आदि थे।
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