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नेचुरल ट्रीटमेंट सिस्टम से साफ करेंगे कल्याणी नदी
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पंतनगर के पत्थरचट्टा में कल्याणी नदी से पानी का सैंपल लेते विवि के शोधार्थी।
- फोटो : RUDRAPUR
गंदे नाले में तब्दील कल्याणी नदी को साफ करने के लिए नगर निगम की ओर से सामाजिक संगठनों के सहयोग से चलाई जा रही मुहिम के तहत पंतनगर विवि के पर्यावरण विभाग की टीम ने पांच जगहों से नदी के सैंपल लिए। इसका मकसद विभिन्न जगहों पर नदी में प्रदूषण की मात्रा की जानकारी हासिल करना है। अब विभाग नदी की सफाई के लिए नेचुरल ट्रीटमेंट सिस्टम डिजाइन करेगा।
शनिवार को मेयर रामपाल सिंह, विवि के पर्यावरण विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आरके श्रीवास्तव और शोधार्थियों की टीम पत्थरचट्टा के पास पहुंची। यहां टीम ने कल्याणी नदी का सैंपल लिया। इसके बाद टीम ने सिडकुल होते हुए धोबी घाट तक चार जगहों पर नदी के पानी के सैंपल एकत्र किए। इसके अलावा टीम ने सिडकुल में बने सीईटी प्लांट का निरीक्षण किया। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि नदी के पानी की सैंपलिंग कर यह जानने की कोशिश हो रही है कि उद्गम स्थल से धोबी घाट तक विभिन्न जगहों पर पानी में प्रदूषण की स्थिति कैसी है। पत्थरचट्टा में पानी मानक के अनुरूप है।
कहा कि नदी को साफ करने की बहुत विधियां हैं जो काफी खर्चीली हैं। कम लागत पर नदी को साफ करना है। इसके लिए नेचुरल ट्रीटमेंट सिस्टम डिजाइन करेंगे। मेयर रामपाल सिंह ने कहा कि नगर निगम और सहयोगी संस्था रोटरी क्लब, द्रोण कॉलेज के अनुरोध पर विवि के पर्यावरण विभाग की टीम ने नदी में पांच जगहों पर पानी की सैंपलिंग की है। इन सैंपलों की जांच विभाग की लैब में की जाएगी।
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वैज्ञानिक विधि से कल्याणी नदी को साफ किया जाएगा। बताया कि सिडकुल में सीईटी प्लांट के पास जगह ली गई है। यहां पर शोधार्थी कल्याणी नदी की सफाई संबंधी कार्य करेंगे। कहा कि नगर निगम और सहयोगी संस्थाओं की ओर से चलाए जा रहे सफाई अभियान में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। वहां पर एमएनए रिंकू बिष्ट सहित अन्य मौजूद रहे।
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शनिवार को मेयर रामपाल सिंह, विवि के पर्यावरण विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आरके श्रीवास्तव और शोधार्थियों की टीम पत्थरचट्टा के पास पहुंची। यहां टीम ने कल्याणी नदी का सैंपल लिया। इसके बाद टीम ने सिडकुल होते हुए धोबी घाट तक चार जगहों पर नदी के पानी के सैंपल एकत्र किए। इसके अलावा टीम ने सिडकुल में बने सीईटी प्लांट का निरीक्षण किया। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि नदी के पानी की सैंपलिंग कर यह जानने की कोशिश हो रही है कि उद्गम स्थल से धोबी घाट तक विभिन्न जगहों पर पानी में प्रदूषण की स्थिति कैसी है। पत्थरचट्टा में पानी मानक के अनुरूप है।
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कहा कि नदी को साफ करने की बहुत विधियां हैं जो काफी खर्चीली हैं। कम लागत पर नदी को साफ करना है। इसके लिए नेचुरल ट्रीटमेंट सिस्टम डिजाइन करेंगे। मेयर रामपाल सिंह ने कहा कि नगर निगम और सहयोगी संस्था रोटरी क्लब, द्रोण कॉलेज के अनुरोध पर विवि के पर्यावरण विभाग की टीम ने नदी में पांच जगहों पर पानी की सैंपलिंग की है। इन सैंपलों की जांच विभाग की लैब में की जाएगी।
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वैज्ञानिक विधि से कल्याणी नदी को साफ किया जाएगा। बताया कि सिडकुल में सीईटी प्लांट के पास जगह ली गई है। यहां पर शोधार्थी कल्याणी नदी की सफाई संबंधी कार्य करेंगे। कहा कि नगर निगम और सहयोगी संस्थाओं की ओर से चलाए जा रहे सफाई अभियान में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। वहां पर एमएनए रिंकू बिष्ट सहित अन्य मौजूद रहे।